भोपाल शहर के सबसे सुरक्षित और पॉश इलाकों में से एक चार इमली में हाल ही में हुई चोरी की घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहाँ रहने वाली डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह के घर में लाखों रुपये के जेवर और नकदी की चोरी हो गई। यह इलाका उन इलाकों में से है जहाँ आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक अधिकारी और मंत्री स्तर के लोग निवास करते हैं। बावजूद इसके, अपराधियों ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।

घटना की पूरी कहानी: जब लौटे तो टूटा मिला ताला
सूत्रों के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह राजस्व आयुक्त कार्यालय में पदस्थ हैं और चार इमली स्थित ई-8/11 में रहती हैं। 3 नवंबर को वह अपने पति के इलाज के लिए परिवार सहित केरल गई थीं। कुछ दिनों के बाद जब वह वापस लौटीं, तो उनके घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारी के लॉकर खाली थे, गहने, नकदी और कीमती वस्तुएँ गायब थीं।
अलका सिंह ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शिवाजी नगर थाना और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुँची। जांच में पाया गया कि चोरी बहुत योजनाबद्ध तरीके से की गई है। चोरों ने ताले को किसी आधुनिक उपकरण से काटा था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे पेशेवर गैंग के सदस्य हैं।
लाखों की संपत्ति गायब
प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि चोर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और कुछ महंगी घड़ियाँ लेकर फरार हुए हैं। चोरी गए सामान की कीमत करीब 10 से 12 लाख रुपये आंकी जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सही आंकड़ा तभी सामने आएगा जब सभी वस्तुओं की सूची तैयार हो जाएगी।
घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन चोरों ने चालाकी से कैमरे की दिशा मोड़ दी ताकि उनकी पहचान न हो सके। यह घटना यह साबित करती है कि चोर इलाके और घर के सिस्टम से वाकिफ थे।
चार इमली: सबसे सुरक्षित जोन, फिर भी असुरक्षित क्यों?
चार इमली क्षेत्र राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक माना जाता है। यहाँ सीएम हाउस, राज्यपाल भवन, आईजी, एसपी और कई वरिष्ठ नौकरशाहों के बंगले हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में चोरी होना आम नागरिकों के मन में भय पैदा करता है।
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में अपराध हुआ हो। कुछ समय पहले ही इसी इलाके में आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीषा के हाथ से बदमाशों ने मोबाइल छीन लिया था। यह लगातार दूसरी बड़ी वारदात है जिसने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है।
पुलिस की जांच: संदिग्ध हिरासत में
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि एक संदिग्ध पहले भी इसी इलाके में मजदूरी के नाम पर आता-जाता था।
एएसपी जोन 1 ने कहा कि, “हमने कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। संदिग्धों से पूछताछ चल रही है और हमें जल्द ही घटना का सुराग मिलने की उम्मीद है।”
इसके अलावा, पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और रात के समय विशेष निगरानी दल भी लगाया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर जनता के सवाल
इलाके के स्थानीय निवासियों ने कहा कि पुलिस गश्त पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। रात में सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बहुत कम होती है। लोगों का कहना है कि चार इमली जैसी जगह अगर सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
कुछ निवासियों ने बताया कि चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं लेकिन पुलिस केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित है।
महिला सुरक्षा और प्रशासनिक आवासों की निगरानी
डिप्टी कलेक्टर जैसी उच्च अधिकारी के घर में चोरी होना न केवल एक अपराध है, बल्कि यह प्रशासन की अंतरात्मा को झकझोरने वाला मामला भी है। महिला अधिकारी, जो राज्य प्रशासन का अहम हिस्सा हैं, उनके घर पर चोरी होना यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है।
राज्य सरकार को अब सुरक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार करने की आवश्यकता है। स्मार्ट सिटी भोपाल में अब “स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम” लागू करने की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं, जिससे हर कॉलोनी में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे।
राजधानी में बढ़ते अपराध: पुलिस की चुनौती
भोपाल में पिछले कुछ महीनों में चोरी, लूट, स्नेचिंग और ठगी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पुलिस का दावा है कि उसने कई मामलों का खुलासा किया है, लेकिन अपराध दर में गिरावट नहीं आई।
पिछले साल की तुलना में इस साल नवंबर तक चोरी के मामलों में 18% की वृद्धि दर्ज की गई है। चार इमली, शाहपुरा, कोहेफिजा और अरेरा कॉलोनी जैसे उच्च सुरक्षा क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातें सामने आई हैं।
निष्कर्ष: व्यवस्था में सुधार की दरकार
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि चाहे क्षेत्र कितना भी सुरक्षित क्यों न माना जाए, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अब जरूरत है कि पुलिस केवल कार्रवाई के नाम पर औपचारिक जांच न करे बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार लाए।
डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह का कहना है, “मैं उम्मीद करती हूँ कि पुलिस जल्द ही दोषियों को पकड़ लेगी। लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
