भारतीय क्रिकेट हमेशा से विस्फोटक बल्लेबाजों का घर रहा है। कभी वीरेंद्र सहवाग की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी दुनिया को झकझोरती थी, तो कभी युवराज सिंह के छक्कों की गूंज स्टेडियम को हिला देती थी। अब इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टीम इंडिया को एक और आक्रामक चेहरा मिला है— ऋषभ पंत, जिसने अपनी निडर बल्लेबाजी, हाथों की बिजली-सी स्पीड और अटूट आत्मविश्वास के दम पर एक बड़ा भारतीय रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान जो हुआ, उसने क्रिकेट फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। पंत के बल्ले से निकला एक जोरदार छक्का भारतीय टेस्ट इतिहास की किताबों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। यह सिर्फ एक शॉट नहीं था—यह वह पल था जो यह साबित करता है कि पंत अब सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे आक्रामक बिग-हिटर के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

सहवाग का रिकॉर्ड टूटा: पंत बने भारत के छक्का-राजा
पारी की शुरुआत में ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 90 छक्के लगाकर वीरेंद्र सहवाग के बराबर थे। कई फैंस को उम्मीद थी कि पंत जल्द ही यह रिकॉर्ड तोड़ देंगे, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने इसे हासिल किया, वह देखने लायक था। केशव महाराज की एक गेंद आई, पंत ने एक कदम आगे बढ़ाया और पूरे आत्मविश्वास से गेंद को दर्शकों के बीच भेज दिया। यह सिर्फ एक छक्का नहीं था—यह एक इतिहास का छक्का था।
इस शॉट के साथ ही पंत के छक्कों की संख्या 91 हो गई और वह सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए। सहवाग के 90, रोहित शर्मा के 88, रवींद्र जडेजा के 80 और एमएस धोनी के 78 छक्कों से आगे निकलकर पंत ने अपने लिए एक नया मुकाम बनाया।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह उस खिलाड़ी ने हासिल की है जिसकी उम्र अभी भी 30 वर्ष से कम है। यानी आगे के लंबे करियर में वह यह रिकॉर्ड शायद बहुत दूर ले जाएंगे, जहां पहुंचना आने वाली पीढ़ियों के लिए सपना बन जाएगा।
मैच का हाल: गेंदबाजों का दबदबा, बुमराह की कातिलाना गेंदबाजी
पंत के रिकॉर्ड से पहले मैच की कहानी गेंदबाजों के नाम रही। कोलकाता की पिच पर जहां हर किसी ने बल्लेबाजों के संघर्ष की भविष्यवाणी की थी, वहीं भारतीय गेंदबाजों ने उम्मीद से ज्यादा दमदार प्रदर्शन किया।
बुमराह का कमाल — 5 विकेट की मारधाड़
पहली पारी में जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन देखने लायक था। उनकी सीम पोज़िशनिंग, लाइन-लेंथ और स्विंग ने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को पूरी तरह छका दिया। उन्होंने सिर्फ विकेट ही नहीं लिए, बल्कि अफ्रीका की बल्लेबाजी की कमर ही तोड़ दी। उनका यह टेस्ट करियर का 16वां पांच विकेट हॉल था।
उनकी गेंदबाजी की वजह से दक्षिण अफ्रीका की टीम सिर्फ 159 रन पर ही ऑलआउट हो गई।
ऋषभ पंत की बल्लेबाजी क्यों खास है?
पंत की बल्लेबाजी का अंदाज हमेशा से अनोखा रहा है। चाहे वह इंग्लैंड के खिलाफ गाबा टेस्ट हो, चाहे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड, या दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह मैच—पंत ने हमेशा टीम की जरूरत के वक्त खेल बदलने की क्षमता साबित की है।
उनकी खासियतें:
- निडर बल्लेबाजी
- स्पिनर्स पर लगातार अटैक
- तेज़ रनगति बनाए रखना
- मौके पहचानकर बड़े शॉट खेलना
- पारी को मोड़ देने की क्षमता
उनके छक्के सिर्फ रन नहीं जोड़ते, बल्कि विपक्षी टीम की मानसिक स्थिति हिला देते हैं।
रिकॉर्ड की असली अहमियत
यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह भारतीय क्रिकेट के नए युग की ओर संकेत है जहां टेस्ट क्रिकेट में भी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को नया सम्मान मिल रहा है। पंत ऐसे खिलाड़ी हैं जो परंपरागत टेस्ट खेल को आधुनिक आक्रामकता के साथ जोड़ते हैं।
उनकी बल्लेबाजी:
- दर्शकों को रोमांचित करती है,
- विपक्ष को परेशान करती है,
- टीम के मनोबल को ऊपर उठाती है।
इस छक्कों के रिकॉर्ड ने साबित कर दिया कि पंत सिर्फ एक विकेटकीपर-बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक मैच-चेंजर हैं।
आलोचना से स्टार तक की यात्रा
पंत की कहानी संघर्ष, कमबैक और मेहनत का मिश्रण है। शुरुआत में उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा—कुछ उन्हें उतावला बताते थे, कुछ गैरजिम्मेदार बल्लेबाज। लेकिन आज उनका नाम भारत के महान क्रिकेटरों की सूची में शामिल हो रहा है।
उनकी वापसी, खासकर सड़क दुर्घटना के बाद, और भी प्रेरणादायक बन जाती है। वह सिर्फ मैदान पर नहीं लौटे—बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौटे।
