मुख्य बातें
- भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
- इंदौर में 30 अक्टूबर को सुभाष नगर से पाटनीपुरा चौराहे तक पदयात्रा प्रस्तावित है, जिसमें केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया शामिल होंगे।
- जबलपुर में 2 नवंबर को अमित शाह या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बुलाने की तैयारी है।
- भोपाल में 4 नवंबर को अटल पथ से रोशनपुरा चौराहे तक पदयात्रा प्रस्तावित है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक टकराव अब सड़कों पर भी दिखाई देने वाला है। कांग्रेस के विरोध और आरोपों के जवाब में भाजपा ने प्रदेश के तीन बड़े शहरों में पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है। अभियान की शुरुआत 30 अक्टूबर को इंदौर से प्रस्तावित है। इसके बाद 2 नवंबर को जबलपुर और 4 नवंबर को भोपाल में कार्यक्रम होंगे। इन आयोजनों में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने की तैयारी है।
भाजपा ने इस कार्यक्रम को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा बनाया है। पार्टी की रणनीति एसआईआर, मतदाता सूची की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध का राजनीतिक जवाब देने की है। तीनों शहरों में प्रस्तावित पदयात्राओं के जरिए पार्टी इस विषय पर अपने पक्ष को जनता तक पहुंचाना चाहती है।
दैनिक भास्कर की 29 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य वक्ता होंगे, जबकि भोपाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना है। जबलपुर के लिए अमित शाह या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को आमंत्रित करने की तैयारी बताई गई है। इन दोनों नेताओं में से किसका कार्यक्रम तय होगा, इसकी पुष्टि रिपोर्ट में नहीं की गई है।
इंदौर से अभियान की शुरुआत
इंदौर में 30 अक्टूबर को प्रस्तावित पदयात्रा सुभाष नगर से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक जाएगी। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।
इंदौर का कार्यक्रम अभियान की पहली बड़ी पदयात्रा के रूप में रखा गया है। इसके माध्यम से भाजपा एसआईआर के समर्थन में अपना पक्ष रखने और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर कांग्रेस को जवाब देने की तैयारी में है।
जबलपुर में बड़े केंद्रीय नेता की तैयारी
जबलपुर में 2 नवंबर को पदयात्रा आयोजित करने की योजना है। इस कार्यक्रम के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बुलाने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक दोनों में से किसी एक नेता की भागीदारी अभी तय नहीं है। इसलिए जबलपुर कार्यक्रम में किस राष्ट्रीय स्तर के नेता की मौजूदगी होगी, इसे लेकर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
भोपाल में राजनाथ सिंह के आने की संभावना
राजधानी भोपाल में 4 नवंबर को पदयात्रा प्रस्तावित है। इसका मार्ग अटल पथ से रोशनपुरा चौराहे तक निर्धारित बताया गया है। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी भी तीनों शहरों के आयोजनों में प्रस्तावित है। हालांकि, राजनाथ सिंह के भोपाल दौरे को लेकर उपलब्ध रिपोर्ट में अंतिम पुष्टि नहीं दी गई है।
5 नवंबर तक चलेगा भाजपा का अभियान
भाजपा के आधिकारिक परिपत्र का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलाया जाएगा। इसका दायरा केवल पदयात्राओं तक सीमित नहीं है।
कार्यक्रम के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रमुख नागरिकों के साथ संवाद, युवा और विद्यार्थी वर्ग के बीच आयोजन तथा सोशल मीडिया अभियान भी प्रस्तावित हैं। पार्टी इन गतिविधियों के जरिए एसआईआर के समर्थन में जनमत तैयार करना चाहती है।
एसआईआर पर भाजपा और कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर मतदाता सूची की विस्तृत जांच और पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसमें मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज होने जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं। इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद होने पर इसका असर चुनावी विमर्श पर भी पड़ता है।
मध्य प्रदेश में भाजपा ने अपने अभियान को मतदाता सूची की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जोड़ा है। दूसरी ओर, स्रोत रिपोर्ट में कांग्रेस के आंदोलनों और विरोध का उल्लेख है। हालांकि, कांग्रेस के आरोपों का पूरा विवरण, भाजपा के जवाब में उठाए गए विशिष्ट बिंदु और एसआईआर से जुड़े विवादों के तथ्य इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं हैं।
इसलिए तीनों शहरों की पदयात्राओं को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम के बजाय एसआईआर पर चल रही राजनीतिक बहस के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है। इन आयोजनों में भाजपा किन मुद्दों को प्रमुखता देती है और कांग्रेस के आरोपों का किस तरह जवाब रखती है, यह कार्यक्रमों के दौरान सामने आएगा।
दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री और शिवराज
स्रोत खबर में यह भी बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक निजी विमान से भोपाल से दिल्ली रवाना हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री का दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात का कार्यक्रम था।
हालांकि, इस यात्रा का एसआईआर अभियान या तीनों शहरों की पदयात्राओं से कोई सीधा संबंध उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए इसे भाजपा के पदयात्रा कार्यक्रम से अलग घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए।
कार्यक्रमों की अंतिम पुष्टि बाकी
भाजपा की पदयात्रा मध्य प्रदेश में तीन शहरों के जरिए एसआईआर पर पार्टी का पक्ष जनता तक पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा है। इंदौर में 30 अक्टूबर का कार्यक्रम निर्धारित बताया गया है, जबकि जबलपुर और भोपाल में 2 और 4 नवंबर के आयोजन प्रस्तावित हैं।
इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। खासकर जबलपुर में अमित शाह या नितिन नवीन और भोपाल में राजनाथ सिंह के दौरे की अंतिम पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है। कार्यक्रमों के वास्तविक स्वरूप और नेताओं की भागीदारी की स्पष्ट जानकारी संबंधित पार्टी घोषणाओं से ही मिल सकेगी।
स्रोत और सत्यापन संबंधी नोट: यह खबर दैनिक भास्कर की 29 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित है। इस उत्तर में स्वतंत्र लाइव इंटरनेट सत्यापन उपलब्ध नहीं था। इसलिए कार्यक्रमों की तारीखों, मार्गों और नेताओं की संभावित भागीदारी को रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। जहां किसी नेता का कार्यक्रम संभावित बताया गया है, वहां उसे अंतिम रूप से तय नहीं माना गया है।
FAQ’s
1. भाजपा की पदयात्रा मध्य प्रदेश में किन शहरों में होगी?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने इंदौर, जबलपुर और भोपाल में पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है। इंदौर में 30 अक्टूबर, जबलपुर में 2 नवंबर और भोपाल में 4 नवंबर 2026 को कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
2. इंदौर की पदयात्रा में कौन-कौन शामिल होगा?
इंदौर में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य वक्ता होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी भी प्रस्तावित बताई गई है।
3. जबलपुर में अमित शाह आएंगे या नितिन नवीन?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा जबलपुर की पदयात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है। इनमें से किस नेता का कार्यक्रम अंतिम होगा, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
4. भोपाल की पदयात्रा का मार्ग क्या रहेगा?
भोपाल में 4 नवंबर को प्रस्तावित पदयात्रा अटल पथ से रोशनपुरा चौराहे तक निकाली जानी है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना बताई गई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट में उनके दौरे की अंतिम पुष्टि नहीं है।
5. भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान कब तक चलेगा?
भाजपा के आधिकारिक परिपत्र का हवाला देते हुए रिपोर्ट में अभियान की अवधि 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 बताई गई है। इसके तहत पदयात्राओं के अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस, नागरिक संवाद, युवा और विद्यार्थी कार्यक्रम तथा सोशल मीडिया गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं।
6. एसआईआर को लेकर भाजपा का अभियान किस उद्देश्य से है?
भाजपा इस अभियान के जरिए विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर अपना पक्ष जनता तक पहुंचाना चाहती है। पार्टी इसे कांग्रेस के विरोध और आरोपों के जवाब के तौर पर पेश कर रही है।





