मुख्य बातें
- मध्य प्रदेश कैबिनेट ने छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना और सागर की चार सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 3,378.69 करोड़ रुपये मंजूर किए।
- छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना को सबसे अधिक 2,611.13 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके तहत 1.90 लाख हेक्टेयर में ड्रिप और स्प्रिंकलर से सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है।
- वन संरक्षण के लिए कैंपा निधि से 2,050 करोड़ रुपये और चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए 16.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
- स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा सहित कई विभागों के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

मध्य प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने चार जिलों की बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना और सागर की सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 3,378.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा छिंदवाड़ा को मिला है, जहां 2,611.13 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधा विकसित करने की योजना है।
छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना का लक्ष्य 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तक ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से पानी पहुंचाना है। इसके अलावा सिवनी, मुरैना और सागर की परियोजनाओं को भी बजट दिया गया है। इन स्वीकृतियों की अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक रखी गई है।
कैबिनेट के फैसलों में सिंचाई के अलावा वन संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक न्याय और शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।
छिंदवाड़ा को सबसे बड़ी स्वीकृति
चारों सिंचाई परियोजनाओं में छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स को सबसे अधिक राशि मिली है। इसके लिए 2,611.13 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना के तहत 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों से सुविधा विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस योजना का महत्व इसलिए भी है क्योंकि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कृषि उत्पादन और खेती की लागत से सीधे जुड़ी होती है। हालांकि, स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्माण, जल वितरण और खेतों तक सिंचाई व्यवस्था पहुंचाने का काम किस गति से पूरा होता है।
तीन अन्य जिलों को कितना बजट मिला
कैबिनेट ने छिंदवाड़ा के साथ तीन अन्य जिलों की सिंचाई योजनाओं को भी मंजूरी दी है।
| जिला | सिंचाई परियोजना | स्वीकृत राशि |
|---|---|---|
| छिंदवाड़ा | छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स | 2,611.13 करोड़ रुपये |
| मुरैना | चेंटीखेड़ा परियोजना | 531.15 करोड़ रुपये |
| सिवनी | पेंच डायवर्जन प्रोजेक्ट | 197 करोड़ रुपये |
| सागर | पंचमनगर परियोजना | 39.41 करोड़ रुपये |
| कुल | चार परियोजनाएं | 3,378.69 करोड़ रुपये |
इन चारों योजनाओं की मंजूरी से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सिंचाई संबंधी बुनियादी ढांचे को विकसित करने का रास्ता खुला है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक परियोजना के अंतर्गत लाभान्वित गांवों, किसानों की संख्या और काम पूरा होने की अलग-अलग समयसीमा का विवरण नहीं दिया गया है।
कैंपा निधि से जंगलों के सुधार पर खर्च
कैबिनेट ने वन संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण यानी कैंपा निधि से 2,050 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
इस राशि का उपयोग जंगलों को अतिक्रमण से हुए नुकसान की भरपाई, बिगड़े वन क्षेत्रों के सुधार और नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में वनीकरण के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही मृदा और जल संरक्षण तथा वन्यजीव क्षेत्रों में उनके प्राकृतिक रहवास के विकास से जुड़े काम भी प्रस्तावित हैं।
वन क्षेत्रों में निगरानी और गश्त की व्यवस्था मजबूत करने के लिए इस निधि से 100 बहुउद्देशीय वाहन खरीदने की भी मंजूरी दी गई है। इन वाहनों का उपयोग जंगलों में पेट्रोलिंग सहित विभिन्न विभागीय कार्यों के लिए किया जाएगा।
स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभाग को बजट
कैबिनेट बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 1,743.58 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। यह राशि विभाग की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित कार्यों के लिए स्वीकृत की गई है।
सामाजिक न्याय विभाग के प्रस्तावों के तहत 651.25 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें दिव्यांगजन कार्यालयों, वेतन-भत्तों और कलापथक योजना से जुड़े खर्च शामिल हैं।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) के लिए भी अलग-अलग मदों में राशि स्वीकृत हुई है। वेतन, स्थापना और कार्यालय खर्च के लिए 327.52 करोड़ रुपये, भवन निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये और परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 7 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस तरह ईओडब्ल्यू के लिए कुल 345.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
चार नए जिलों में खुलेंगे डीईओ कार्यालय
शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे के विस्तार के लिए प्रदेश के चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इनमें निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर शामिल हैं।
इन कार्यालयों की स्थापना के लिए 16.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रत्येक जिले में 17 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। इस हिसाब से चारों जिलों में कुल 68 नए पद बनाए जाएंगे। इनके अलावा प्रत्येक जिले में आठ कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाएंगे, यानी कुल 32 आउटसोर्स पदों पर नियुक्ति की व्यवस्था होगी।
नए कार्यालय बनने से इन जिलों में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज के लिए स्थानीय स्तर पर अलग व्यवस्था उपलब्ध होगी। अभी इन कार्यालयों के शुरू होने की निश्चित तारीख और नियुक्तियों की प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम उपलब्ध जानकारी में नहीं बताया गया है।
विधि विभाग और गेहूं बिक्री पर भी फैसला
कैबिनेट ने विधि विभाग के लिए 40 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा रबी विपणन वर्ष 2020-21 में चमक विहीन गेहूं की निविदा के माध्यम से बिक्री को कार्योत्तर मंजूरी दी गई है। इसका अर्थ है कि संबंधित बिक्री से जुड़े प्रस्ताव को बाद में कैबिनेट की स्वीकृति प्रदान की गई।
इस बैठक में सिंचाई, वन संरक्षण और विभागीय प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय फैसले लिए गए। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक असर उनके क्रियान्वयन, स्वीकृत राशि के उपयोग और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर निर्भर करेगा।
स्रोत संबंधी सूचना: यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए दैनिक भास्कर के समाचार विवरण पर आधारित है। कैबिनेट के मूल निर्णयों, विभागीय आदेशों और परियोजनाओं के विस्तृत दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं हो सका है। इसलिए परियोजना संबंधी आंकड़े और स्वीकृतियां स्रोत में दी गई जानकारी के अनुसार प्रस्तुत की गई हैं।
FAQ’s
1. छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना के लिए कितनी राशि मंजूर हुई है?
छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स के लिए 2,611.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। चारों सिंचाई परियोजनाओं में यह सबसे बड़ी स्वीकृति है। परियोजना के तहत 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
2. छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना से कितने हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा?
उपलब्ध समाचार के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है। हालांकि, इससे कितने गांवों और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
3. मध्य प्रदेश के किन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है?
कैबिनेट ने छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिले की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स, मुरैना की चेंटीखेड़ा परियोजना, सिवनी का पेंच डायवर्जन प्रोजेक्ट और सागर की पंचमनगर परियोजना शामिल हैं।
4. चारों सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल कितना बजट स्वीकृत हुआ है?
चारों परियोजनाओं के लिए कुल 3,378.69 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें छिंदवाड़ा को 2,611.13 करोड़, मुरैना को 531.15 करोड़, सिवनी को 197 करोड़ और सागर को 39.41 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
5. कैंपा निधि से मंजूर 2,050 करोड़ रुपये कहां खर्च होंगे?
इस राशि का उपयोग बिगड़े वन क्षेत्रों के सुधार, अतिक्रमण से जंगलों को हुए नुकसान की भरपाई, जलग्रहण क्षेत्रों में वनीकरण, मिट्टी और जल संरक्षण तथा वन्यजीवों के रहवास विकास पर किया जाएगा। जंगलों में निगरानी के लिए 100 बहुउद्देशीय वाहन खरीदने की भी योजना है।
6. नए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कहां स्थापित होंगे?
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में नए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 16.80 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। प्रत्येक जिले में 17 नए पद और आठ आउटसोर्स कर्मचारी रखने की स्वीकृति दी गई है।





