बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बुधवार को ‘तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0’ के तहत कई स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में शामिल दंत चिकित्सक डॉ. सायमा रिवजी और डॉ. अरुणा रतन ने छात्रों को तंबाकू के सेवन के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान छात्रों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों को समझने के लिए विभिन्न प्रेजेंटेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव सेशन भी आयोजित किए गए।

अभियान का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
‘तंबाकू मुक्त युवा अभियान’ का उद्देश्य केवल तंबाकू का विरोध करना नहीं है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, धूम्रपान व तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से बचने, और सकारात्मक आदतें विकसित करने के लिए प्रेरित करना भी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू का सेवन न केवल दांतों और मुँह की सेहत को प्रभावित करता है, बल्कि हृदय रोग, कैंसर और फेफड़ों की बीमारियों का भी खतरा बढ़ाता है। इसके अलावा, किशोरावस्था में तंबाकू की लत होने से शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. दिव्या पांडे ने बताया कि—
“आज के छात्रों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। यदि यही युवा तंबाकू के हानिकारक प्रभावों को समझेंगे, तो आने वाली पीढ़ी को भी इससे बचाया जा सकेगा।”
स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां
कार्यक्रम के तहत विभिन्न इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किए गए। छात्रों को बताया गया कि तंबाकू के सेवन से दांतों पर पैच बन जाते हैं, मुँह की दुर्गंध होती है, और यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान देने के अलावा—
- पोस्टर प्रतियोगिता
- ड्रामा व नाटक
- प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
जैसे गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इससे छात्रों ने स्वयं अपनी आदतों का मूल्यांकन किया और अपने सहपाठियों के साथ ज्ञान साझा किया।
विशेषज्ञों के विचार
डॉ. सायमा रिवजी
“युवा जब तंबाकू के दुष्प्रभावों को समझते हैं, तभी वे इस लत से बच सकते हैं। यह अभियान सिर्फ सूचना देने का नहीं, बल्कि व्यवहार बदलने का प्रयास है।”
डॉ. अरुणा रतन
“तंबाकू से जुड़े रोगों का उपचार लंबा और महंगा होता है। इससे बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ी ताकत है। आज की पीढ़ी को सुरक्षित रखना हमारा सामाजिक दायित्व है।”
स्थानीय प्रशासन
बैतूल नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पूरे जिले में स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में चलाया जाएगा। लक्ष्य है कि 2026 तक जिले के 80% युवाओं को तंबाकू सेवन के खतरों से परिचित कराया जाए।
छात्रों की प्रतिक्रिया
छात्रों ने कार्यक्रम को काफी लाभकारी बताया। कई छात्रों ने कहा कि वे अब तंबाकू या किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स से दूर रहेंगे। एक छात्रा ने कहा—
“मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि तंबाकू हमारे दांतों और फेफड़ों पर इतना गहरा असर डालता है। आज के सत्र ने मुझे सच में डराया और जागरूक किया।”
कई छात्रों ने पोस्टर और नाटकों के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। इस प्रकार कार्यक्रम ने ज्ञान और रचनात्मकता दोनों को प्रोत्साहित किया।
सामाजिक और स्वास्थ्य पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू मुक्त अभियान—
- युवाओं में सकारात्मक आदतें विकसित करने में मदद करेगा
- किशोरों और युवाओं में स्वास्थ्य चेतना बढ़ाएगा
- लंबी अवधि में सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च में कमी लाएगा
- समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएगा
यह अभियान न केवल स्कूल स्तर पर, बल्कि परिवार और समाज के अन्य हिस्सों में भी जागरूकता का बीज बोने का काम कर रहा है।
निष्कर्ष
बैतूल में आयोजित यह जागरूकता अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक प्रयास का हिस्सा है। छात्रों, शिक्षकों, विशेषज्ञों और प्रशासन के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि युवा तंबाकू के दुष्प्रभावों को समझें और अपने जीवन में इसे अपनाने से बचें।
ऐसा अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश देता है, बल्कि सकारात्मक समाज निर्माण में भी योगदान करता है।
