मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “मां तुझे प्रणाम” योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, साहस और राष्ट्र की सीमाओं को समझने की भावना को प्रगाढ़ बनाना है। इस योजना के माध्यम से राज्य के चुनिंदा युवा स्वयंसेवकों को भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का साक्षात दर्शन एवं अनुभवात्मक अध्ययन का अवसर मिलता है। सीहोर की शिवानी प्रजापति इसी प्रतिष्ठित योजना के आगामी अध्ययन दौरे के लिए चयनित हुई हैं।

शिवानी के चयन की खबर जैसे ही उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों को मिली, गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई। स्वयंसेवा, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण ने उन्हें युवाओं की बड़ी कतार में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
शिवानी प्रजापति: संघर्ष और सपनों की सफल कहानी
सीहोर में रहने वाली शिवानी का परिवार साधारण है, लेकिन उनके सपने सदैव बड़े रहे हैं। वह शुरू से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं और युवा संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहीं। उनके इरादों की ऊँचाई को दर्शाता है कि उन्होंने न केवल पढ़ाई और प्रशिक्षण में दक्षता दिखाई, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी अपने कदम आगे बढ़ाए।
शिवानी अक्सर कहती हैं —
“मेरा लक्ष्य केवल अपनी सफलता नहीं, बल्कि समाज को आगे बढ़ाने में योगदान देना है।”
उनकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें चुने हुए युवाओं की सूची में शीर्ष पर पहुँचाया।
योजना का उद्देश्य: युवाओं को सीमाओं के महत्व से परिचित कराना
भारत एक विशाल देश है जिसकी हजारों किलोमीटर की सरहदें विभिन्न भू-भागों से होकर गुजरती हैं। हिमालय की बर्फीली चोटियाँ हों या रेगिस्तान की तपती रेत — भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में देश की रक्षा में तैनात रहते हैं।
इस योजना के तहत चयनित युवाओं को सेना, BSF और ITBP की गतिविधियों को नज़दीक से देखने का अवसर मिलता है। उन्हें सीमा सुरक्षा की चुनौतियों, शौर्य और प्रतिबद्धता का सजीव एहसास कराया जाता है।
शिवानी भी सीमा की कठिन परिस्थितियों और सैनिकों के अदम्य साहस को अपनी आँखों के सामने देख सकेंगी, जो उनके जीवन के लिए सबसे प्रेरक अनुभव साबित होगा।
चयन की प्रक्रिया: उत्कृष्टता का परिणाम
राज्यभर से बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं। चयन समिति उनके—
- सामाजिक योगदान
- नेतृत्व क्षमता
- अनुशासन
- राष्ट्रभक्ति के भाव
- शारीरिक और मानसिक योग्यता
—के आधार पर अंतिम सूची तैयार करती है।
शिवानी का चयन इस बात का प्रमाण है कि वह सामाजिक कार्य और सेवा भाव में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
सीहोर के लिए गौरव का क्षण
सीहोर के लोगों का कहना है कि शिवानी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगी। शहर में कई युवा अब इस योजना के प्रति अधिक उत्सुकता दिखा रहे हैं।
उनकी शिक्षिका ने कहा—
“शिवानी में राष्ट्र के लिए कुछ असाधारण करने की तीव्र इच्छा हमेशा से रही है। उनका चयन हमारे जिले की उपलब्धि है।”
परिवार के लोग गर्व से भरे हैं। माता-पिता का कहना है कि बेटी ने घर और जिले दोनों का नाम रोशन किया है।
सीमा भ्रमण: अनुभव जो बदल देता है जीवन
यह केवल एक यात्रा नहीं होती, बल्कि—
- सैनिकों की वास्तविक चुनौतियों का ज्ञान
- सीमा की रणनीतिक स्थितियों का अध्ययन
- आधुनिक हथियारों व सुरक्षा तकनीकों की जानकारी
- देश की सुरक्षा व्यवस्था से भावनात्मक जुड़ाव
—जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का एक मजबूत अनुभव होता है।
युवा प्रतिभागियों के लिए यह जीवन बदल देने वाला अवसर साबित होता है, क्योंकि वे लौटकर समाज में राष्ट्र सेवा के और अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं।
शिवानी की आकांक्षाएँ: संवेदनशील नागरिक बनने की राह
सीमा भ्रमण के बाद शिवानी युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति और सुरक्षा जागरूकता का अभियान चलाने की योजना बना रही हैं। उनका सपना है कि—
- हर युवा देश के प्रति जिम्मेदारी समझे
- समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़े
- सीमा के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो
शिवानी चाहती हैं कि समाज का हर वर्ग सैनिकों की महान त्याग भावना को समझे।
मध्य प्रदेश सरकार के प्रयास: युवाओं का उज्ज्वल भविष्य
“मां तुझे प्रणाम” योजना न केवल युवाओं को सैनिक जीवन का अनुभव देती है, बल्कि—
- नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा
- देशभक्ति की भावना मजबूती
- सकारात्मक समाज निर्माण
जैसे व्यापक लक्ष्य भी साधती है।
मुख्यमंत्री ने शिवानी जैसे युवाओं को देश का भविष्य बताया है और कहा है कि यही युवा भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।
उम्मीदों का नया सूरज
सीहोर की शिवानी आज लाखों बेटियों के लिए मिसाल बन गई हैं। उनका चयन यह संदेश देता है कि—
यदि हौसले बुलंद हों, तो मंज़िलें असंभव नहीं होतीं।
शिवानी की यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि सीहोर, मध्य प्रदेश और सम्पूर्ण देश के लिए सम्मान का विषय है।
उनकी कहानी—
- प्रेरणादायक है
- उत्साहवर्धक है
- और राष्ट्रसेवा के नए द्वार खोलती है
समाज अब उम्मीद करता है कि शिवानी जैसे युवा भारत को स्वर्णिम भविष्य की ओर ले जाएँगे।
