भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर इतिहास के दरवाज़े पर खड़ा है। निफ्टी 50 अपने सितंबर 2024 के रिकॉर्ड स्तर से केवल करीब 85 अंकों की दूरी पर पहुंच गया है। यह वह वक्त है जब हर ब्रोकरेज, हर विश्लेषक और हर निवेशक की निगाहें स्क्रीन पर अटकी हुई हैं—क्या यह तेजी का असली तूफ़ान आने वाला है या किसी मजबूत रेजिस्टेंस के कारण बाजार एक बार फिर रुक जाएगा?
मुंबई और दिल्ली के ट्रेडिंग फ्लोर्स में उत्साह की लहर साफ देखी जा सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी, घरेलू निवेशकों (DII) की मजबूत खरीद, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद और वैश्विक संकेतों में नरमी—इन सभी कारणों से बाजार में तेजी की रफ्तार बनी हुई है।

रिटेल निवेशकों के बीच यह सवाल गूंज रहा है—क्या अभी भी निवेश करना ठीक है?
तकनीकी संकेत क्या कह रहे हैं?
तकनीकी एक्सपर्ट्स का दावा है:
- MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया है → तेजी के मजबूत संकेत
- इंडिया VIX 12.14 पर → घबराहट लगभग नहीं
- निफ्टी की बुलिश ट्रेंडलाइन अब भी कायम
- 26,400–26,500 का टारगेट शॉर्ट-टर्म में संभव
यानी, बाजार के मूड में अभी उत्साह है और शेयर प्राइस में तेजी जारी रहने की उम्मीद है।
विदेशी निवेशकों की वापसी—बाजार की रफ्तार बढ़ी
पिछले कुछ हफ्तों में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेड की नीतियों के चलते FII सतर्क थे।
लेकिन गुरुवार को—
| Investor Type | Net Buy (₹ Crore) |
|---|---|
| FII | 284 |
| DII | 824 |
यह दिखाता है—बाजार में भरोसा वापस आ रहा है।
हालांकि रुपया डॉलर के मुकाबले 20 पैसे टूटकर ₹88.68 पर बंद हुआ। लेकिन यह गिरावट फिलहाल बाजार की तेज़ी को रोकने के लिए काफी नहीं दिख रही।
🚫 F&O Ban में ये दो स्टॉक
- SAIL
- Samman Capital
ट्रेडर्स के लिए यह संकेत है—अत्यधिक पोज़िशनिंग हो चुकी है।
आज जिन दिग्गज कंपनियों पर सबसे ज्यादा नजर
ये ऐसे स्टॉक्स हैं जिनमें किसी भी खबर से तेज़ी या गिरावट देखने को मिल सकती है…
1️⃣ TCS — AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा दांव
TCS और अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म TPG मिलकर HyperVault AI Data Centre बनाएंगे।
- इक्विटी निवेश: ₹18,000 करोड़
- कर्ज: $4.5–5 अरब
यानी भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी डील में से एक।
IT सेक्टर में फिर से निवेश आकर्षित हो रहा है।
2️⃣ Groww — IPO के बाद पहली बार परीक्षा
Groww के पहला तिमाही रिज़ल्ट आज घोषित होंगे:
- लिस्टिंग के बाद 94% उछाल
- उसके बाद 18% से ज्यादा गिरावट
रिज़ल्ट + मैनेजमेंट का भावी बयान = ट्रेंड बदलने की चाबी
3️⃣ Reliance Industries — रूस पर यूरोपीय तल्खी का असर
EU के नए प्रतिबंधों के बाद—
- जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल का आयात पूरी तरह बंद
- 1 दिसंबर से पूरा निर्यात नॉन-रशियन ऑयल से
यह कदम भले राजनीतिक हो, लेकिन ऊर्जा बाज़ार पर बड़ा असर डाल सकता है।
4️⃣ PVR-Inox — छोटे शहरों पर बड़ा दांव
- इस वित्त वर्ष में 100 नई स्क्रीन
- 10-15 कमज़ोर स्क्रीन बंद
- 150–200 रुपये टिकट प्राइस वाले शहरों में विस्तार
ओटीटी की चुनौती के बीच PVR Inox की मजबूत रणनीति सामने आई है।
5️⃣ JSW Energy
- दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी रायगढ़-चंपा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद को मंजूरी
ऊर्जा के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर में भी पैर फैलाने की रणनीति।
6️⃣ Ashok Leyland
- डीज़ल ट्रक रेंज का विस्तार
- कंपनी को FY25 में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मांग बढ़ने का संकेत।
7️⃣ Mahindra & Mahindra
- FY30 तक रेवेन्यू 8 गुना करने का लक्ष्य
- SUV + हल्का कमर्शियल वाहन बाजार में आक्रामक रणनीति
इलेक्ट्रिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए M&M तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमेरिका की गिरावट—क्या भारत पर असर पड़ेगा?
वॉल स्ट्रीट में भारी उतार-चढ़ाव ने बाजार को हिलाकर रख दिया—
| Index | गिरावट |
|---|---|
| Dow Jones | -0.84% |
| S&P 500 | -1.56% |
| Nasdaq | -2.15% |
- Nvidia की शानदार शुरुआत → बाद में 3.2% गिरावट
- सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 4.8% क्रैश
US वोलैटिलिटी = वैश्विक बाजारों का मूड बिगड़ने की आशंका
फिर भी भारतीय बाजार ने लचीलेपन का परिचय दिया है।
निवेशक क्या करें? सावधान आशावाद ही सबसे बेहतर
विशेषज्ञों का सुझाव:
- इंडेक्स में तेजी जारी रह सकती है
- पर कई स्टॉक्स में ओवरबॉट कंडीशन
- मुनाफावसूली किसी भी समय देखने को मिल सकती है
सलाह:
हर तेजी मौका नहीं, सही स्टॉक और सही समय चुनना ज़रूरी है।
क्या निफ्टी 26,500 पार करेगा?
अगर FII + DII सपोर्ट जारी रहा तो:
- नया ऑल-टाइम हाई बहुत करीब
- बुल्स बाजार को जीतने के मूड में
📍 लेकिन वैश्विक रिस्क अभी भी मौजूद।
आने वाले दिनों में एक तेज़, धड़कन बढ़ाने वाला उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
(Disclaimer)
यह लेख निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें।
