भारत में मौसम लगातार अपनी बदलती तस्वीर दिखा रहा है। मानसून के गुजरने के बाद भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहा, और अब मौसम विभाग ने 22-25 नवंबर के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किया गया है। मौसम में बदलाव से नागरिकों, किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तैयार रहना आवश्यक है।

मानसून ने इस साल अधिकांश राज्यों में पर्याप्त वर्षा दी। इस दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ा और फसलें लाभान्वित हुईं। मानसून के खत्म होने के बाद भी दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे तापमान में अचानक गिरावट और स्थानीय ठंड का प्रभाव देखा गया।
आंध्रप्रदेश: तटीय क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का खतरा
आंध्रप्रदेश में इस बार का मानसून अच्छा रहा और राज्य के विभिन्न हिस्सों में पर्याप्त वर्षा हुई। मानसून के बाद भी बारिश थमती नहीं दिखाई दी, लेकिन अब मौसम में बदलाव ने नए अलर्ट की जरूरत पैदा कर दी है। मौसम विभाग ने तटीय जिलों के लिए 22-25 नवंबर के दौरान भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का चेतावनी जारी किया है।
विशेषकर तटीय इलाके और बंदरगाह क्षेत्रों में मछुआरों और यात्रियों के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने भी स्थानीय निवासियों और पर्यटन स्थलों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
केरल: मानसून के असर के बाद मौसम में अचानक बदलाव
केरल में मानसून ने इस बार शानदार वर्षा दी, जिससे नदियाँ और जलाशय भर गए। मानसून के बाद भी मौसम में नमी और आर्द्रता का प्रभाव दिखाई देता रहा। IMD ने केरल के कई जिलों में 22-25 नवंबर के दौरान भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
इस दौरान विशेष रूप से नदी किनारे और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अलर्ट किया गया है। बारिश के कारण सड़कें और यातायात प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
तमिलनाडु: बारिश और तूफानी हवा का खतरा
तमिलनाडु में मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में अब भी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों में राज्य के कई जिलों में तेज बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं।
इसके साथ ही बिजली गिरने और ओलों की संभावना भी बनी हुई है। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अन्य प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट
मौसम विभाग ने अंडमान-निकोबार, यनम, रायलसीमा, लक्षद्वीप और माहे में भी भारी बारिश, तूफानी हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियों पर प्रभाव पड़ सकता है और मछुआरों और नाविकों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएँ।
राजस्थान और दिल्ली: ठंड का प्रभाव और तापमान में गिरावट
मौसम विभाग ने बताया कि राजस्थान, दिल्ली और अन्य उत्तर भारत के राज्यों में 22-25 नवंबर के दौरान ठंड का असर बढ़ेगा और तापमान में गिरावट आएगी। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में भी मौसम में ठंड और कोहरे का प्रभाव महसूस किया जा सकता है।
इसलिए बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग की तैयारी और सुरक्षा उपाय
IMD ने अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन, नगर निगम, आपदा प्रबंधन विभाग और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश और तूफानी हवाओं के दौरान बिजली गिरने, पेड़ गिरने और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं।
सड़क परिवहन, रेलवे, हवाई यातायात और स्थानीय सेवाओं में भी मौसम का असर पड़ सकता है। नागरिकों को यात्रा योजनाओं में बदलाव और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।
मौसम के प्रभाव से आम जीवन
मौसम में अचानक बदलाव से कृषि, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करने की सलाह दी जा रही है। शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। स्कूल-कॉलेजों और ऑफिसों में समय पर छुट्टी या सावधानी के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
22-25 नवंबर के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम का मिज़ाज बदलने वाला है। भारी बारिश, बिजली गिरना और तेज हवाओं का असर आम जीवन, यात्रा और कृषि पर पड़ सकता है। नागरिकों को IMD की चेतावनी को गंभीरता से लेना आवश्यक है और अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए।
