मुंबई में आयोजित नेशनल फिल्म फेस्टिवल फॉर द क्रिएटिव माइंड्स ऑफ इंडिया 2025 में इंदौर निवासी डॉ. ब्रजेश हरीशंकर वर्मा की फिल्म ‘द पेंटिंग’ ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सबका ध्यान खींचा। इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल में देशभर से चुनी गई 14 फिल्मों में ‘द पेंटिंग’ भी शामिल थी और इसने दो महत्वपूर्ण अवॉर्ड अपने नाम किए।

फिल्म की कहानी और निर्देशन दोनों ही प्रशंसकों और जूरी के लिए प्रेरणादायक साबित हुए। डॉ. ब्रजेश वर्मा ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे इंदौर शहर और मध्य प्रदेश की कला प्रतिभाओं के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने यह भी साझा किया कि ‘द पेंटिंग’ जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिलीज़ होकर भारतीय सिनेमा का नाम रोशन करेगी।
कहानी और विषयवस्तु की अनूठी प्रस्तुति
‘द पेंटिंग’ फिल्म में जीवन की जटिलताओं और मानवीय संवेदनाओं को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। कहानी में मुख्य पात्र की मानसिक संघर्ष यात्रा, समाज के दबावों और व्यक्तिगत इच्छाओं का अद्भुत चित्रण है। फिल्म की पटकथा और डायलॉग सभी आयु वर्ग के दर्शकों को जोड़ती है। इसके अलावा, फिल्म में दृश्यता और संगीत का मिश्रण भावनात्मक अनुभव को और गहरा बनाता है।
फिल्म के निर्देशक ने बताया कि उन्होंने फिल्म के प्रत्येक दृश्य में जीवन के विभिन्न पहलुओं को वास्तविक और प्रभावशाली तरीके से दर्शाने की कोशिश की। दर्शकों ने फिल्म की संवेदनशीलता और सटीक प्रस्तुति की सराहना की।
फिल्म की शूटिंग और कलाकारों की भूमिका
फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश के अलग-अलग लोकेशनों पर की गई। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और अन्य शहरों की प्राकृतिक सुंदरता ने फिल्म के दृश्यात्मक अनुभव को और समृद्ध बनाया। फिल्म में बॉलीवुड कलाकार देव शर्मा, आशिमा शर्मा, हेमंत पांडेय, अलिशा फेरो, स्मितिका आचार्य, हैरी जोश, कृति आदरकड़ और रघुवेंद्र तिवारी ने अहम भूमिका निभाई। प्रत्येक कलाकार ने अपनी भूमिका में जीवंतता और भावनाओं को यथासंभव दर्शाया।
फिल्म के निर्माण में तकनीकी टीम का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। सिनेमेटोग्राफी, सेट डिजाइन और वेशभूषा ने फिल्म की वास्तविकता और भावनात्मक गहराई को बढ़ाया। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर ने दर्शकों को कहानी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेशनल फिल्म फेस्टिवल में मिली सफलता
फिल्म ‘द पेंटिंग’ को दो महत्वपूर्ण अवॉर्ड मिले, जो इसे देश के शीर्ष क्रिएटिव फिल्मों में स्थान दिलाते हैं। जूरी ने फिल्म की विषयवस्तु, पटकथा, निर्देशन और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। इस सफलता ने डॉ. ब्रजेश वर्मा और उनकी टीम की मेहनत और प्रतिबद्धता को साबित किया।
डॉ. ब्रजेश ने कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इंदौर और मध्य प्रदेश की फिल्म इंडस्ट्री की क्षमता का परिचायक है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित होगी और भारतीय सिनेमा की पहचान को विश्व स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी।
फिल्म इंडस्ट्री और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए संदेश
डॉ. ब्रजेश वर्मा की सफलता यह दर्शाती है कि यदि प्रतिभा और समर्पण सही दिशा में हों, तो किसी भी छोटे शहर से फिल्म इंडस्ट्री में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की जा सकती है। यह इंदौर के युवा कलाकारों और फिल्ममेकरों के लिए प्रेरणा है कि वे अपने कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से वैश्विक मंच पर पहचान बना सकते हैं।
फिल्म की टीम ने बताया कि भविष्य में वे और भी ऐसी कहानियों पर काम करेंगे जो समाज में संदेश दें और दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ें।
भविष्य की योजना और अंतरराष्ट्रीय रिलीज़
‘द पेंटिंग’ की अंतरराष्ट्रीय रिलीज़ के लिए टीम ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय फिल्म वितरण एजेंसियों के साथ समझौते किए हैं। फिल्म को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करने का उद्देश्य भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच को मजबूत करना है। डॉ. ब्रजेश ने यह भी कहा कि वे भविष्य में ऐसी और फिल्मों का निर्माण करेंगे जो भारतीय संस्कृति, सामाजिक मुद्दों और मानवीय कहानियों को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करें।
