भिंड जिले के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के दिलीप सिंह के पुरा इलाके में रविवार देर रात एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक सामान्य विवाद, जो कि शादी समारोह स्थल के पास पेशाब करने से जुड़ा था, खूनी रूप ले लिया और 24 वर्षीय युवक गौरव गुर्जर की मौत हो गई। इस मामले में मुख्य आरोपी जेपी कांकर, जो मेहगांव विधायक और कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के समधी बताए जा रहे हैं, और उनके भाई सुनील कांकर ने लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की। घटना में एक अन्य आरोपी, दीपू बौहरे, जो मुरलीपुरा हाल अटेर रोड का निवासी है, भी शामिल था।

घटना की गंभीरता और गोलीकांड की तीव्रता ने रातभर इलाके में भय का माहौल बना दिया। घायल गौरव को तत्काल ग्वालियर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, तो स्वजन और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। लोगों ने ग्वालियर–इटावा हाईवे पर दिलीप सिंह के पुरा के पास शव रखकर घंटों तक चक्काजाम किया।
विवाद का आरंभ: शादी समारोह के बाहर मामूली घटना का खूनी रूप
घटना उस समय शुरू हुई जब गौरव के चाचा की बेटी की शादी का भात का कार्यक्रम घर के बाहर चल रहा था। इसी दौरान ग्वालियर से भिंड जा रहे आरोपितों की गाड़ी मार्ग में रुकी और जेपी कांकर सड़क किनारे टॉयलेट करने लगा। गौरव ने शादी समारोह का हवाला देकर उसे गाड़ी हटाने को कहा। इस पर जेपी कांकर ने विवाद बढ़ाते हुए कहा, “जानता नहीं मैं मंत्री का समधी हूं।” यही वाक्य विवाद को हिंसक रूप देने के लिए काफ़ी साबित हुआ। आरोपितों ने गौरव का पीछा किया और लगभग 50 मीटर दूर जाकर उसे गोली मार दी।
घटना के बाद का दृश्य और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहनों का मार्ग प्रभावित हुआ और प्रशासन को वाहनों का रूट डायवर्ट करना पड़ा। ग्वालियर की ओर से आने वाले वाहनों को गोहद चौराहा से स्टेशन रोड और मौ रोड होकर निकाला गया, जबकि भिंड की ओर से आने वाले वाहनों को मेहगांव में गोरमी और मौ रोड होते हुए डायवर्ट किया गया।
ग्रामीणों और स्वजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी जेपी कांकर मंत्री का करीबी है। स्वजनों ने आरोपितों के मकान तोड़ने, आर्थिक सहायता देने, सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस और गोहद चौराहा के टीआई को हटाने की मांग भी की।
पुलिस कार्रवाई और जांच
घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस टीम जेसीबी लेकर दीपू बौहरे के अटेर रोड स्थित मकान तोड़ने गई, लेकिन बाद में कार्रवाई रोक दी गई। मुख्य आरोपी जेपी कांकर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सुनील कांकर और दीपू बौहरे की तलाश जारी है। एसडीओपी अटेर रविंद्र वास्कले ने कहा कि जांच और कार्रवाई प्राथमिकता से की जा रही है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
यह घटना केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं रही, बल्कि पूरे इलाके और जिले के सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। यह घटना इस बात को उजागर करती है कि सत्ता और राजनीतिक प्रभाव का प्रयोग किस प्रकार सामान्य नागरिकों के खिलाफ किया जा सकता है। ग्वालियर और भिंड के इलाके में स्थानीय लोगों और समाज के नेताओं ने इस घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीण और साक्षी बयान
स्थानीय लोग और समाज के सदस्य बताते हैं कि यह घटना केवल एक मामूली विवाद के कारण शुरू हुई, लेकिन राजनीतिक प्रभाव और लाइसेंसी हथियारों का प्रयोग इसे गंभीर और दर्दनाक बना गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बार-बार हो सकती हैं।
कानून और सुरक्षा के सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला सवाल यह कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय हैं और कैसे लाइसेंसी हथियारों का दुरुपयोग रोका जा सकता है। दूसरा सवाल राजनीतिक प्रभाव और सत्ता के दुरुपयोग का है। इस घटना ने प्रशासन और राज्य सरकार दोनों के लिए गंभीर चेतावनी दी है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
निष्कर्ष
भिंड जिले के दिलीप सिंह के पुरा में हुई यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत विवाद की कहानी है, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक असंतुलन का प्रतीक भी है। घटना में घायल और मृतक परिवारों की न्याय की मांग पूरी करनी होगी। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यह घटना दर्शाती है कि जब सत्ता और राजनीतिक संबंधों का गलत इस्तेमाल होता है, तो आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
