छिंदवाड़ा जिले के तामिया थाना क्षेत्र में झिंगरिया वाटरफॉल एक बार फिर सुर्खियों में है। रविवार दोपहर करीब 3.30 बजे एक दिल्ली गाजियाबाद निवासी युवक मुकुल शर्मा (32) अपनी पत्नी ऋचा शर्मा के साथ पर्यटन स्थल घूमने गया था। मुकुल आईटी कंपनी में नौकरी करता है और अपने ससुराल जुन्नारदेव आया हुआ था।

घटना के समय मुकुल झिंगरिया वाटरफॉल की चट्टानों पर चढ़कर सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। लगातार सेल्फी लेने के दौरान फिसलन भरी चट्टानों पर उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में गिर गया। घटना के तुरंत बाद परिजन और आसपास के लोग शोर मचाते हुए पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया और रात तक सर्चिंग जारी रही, लेकिन मुकुल का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार को फिर से सुबह से सर्चिंग शुरू हुई और जिला मुख्यालय से दूसरी टीम भी मौके पर पहुंची। मंगलवार की सुबह तक युवक का कोई पता नहीं चल पाया।
चट्टानों पर सेल्फी लेना बना जानलेवा
मुकुल की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रकृति की सुंदरता के बीच असावधानी कितना बड़ा खतरा बन सकती है। झिंगरिया वाटरफॉल के पास चट्टानों पर चढ़कर सेल्फी लेना एक आम गतिविधि है, लेकिन फिसलन भरी सतह और ऊंचाई के कारण यह खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोग और पर्यटन विशेषज्ञ हमेशा आगाह करते रहे हैं कि यहां सावधानी के बिना खड़ा होना जानलेवा हो सकता है।
नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क दुर्घटना
छिंदवाड़ा जिले की सड़कों पर भी पिछले कुछ दिनों में कई दर्दनाक घटनाएं हुई हैं। पांढुर्ना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 47 पर सोमवार सुबह चार बजे एक कार ट्रक से टकरा गई। तेजप्रताप (29) पिता रामकुमार साहू निवासी सिरमाटा, थाना बालोद राजनांदगांव अपनी पत्नी हर्षा यादव के साथ उज्जैन से राजनांदगांव लौट रहे थे।
कार ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी और इस दौरान टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का पुर्जा कार के कांच को तोड़ते हुए चालक के सीने में जा घुसा। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही डायल 112 के आरक्षक दिनेश बरकडे मौके पर पहुंचे और घायल महिला को अस्पताल ले गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कुएं में बालक ने लगाई छलांग, एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
सामाजिक और पारिवारिक घटनाओं ने भी जिले में चिंता बढ़ा दी है। देहात थाना अंतर्गत न्यू बजरंग नगर में रविवार की सुबह नौवीं कक्षा का छात्र सार्थक (14) अपनी मां पूनम वानखेड़े के सामने ही घर के पुराने बड़े कुएं में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बालक के शव को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई।
कुआं तीन से चार फिट गहरा था और उसमें पानी भर जाने के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही थी। 23 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार सुबह 9.30 बजे बालक का शव कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार बालक नाराज होकर यह कदम उठाया था। घटना ने स्थानीय लोगों और परिवार पर गहरा असर डाला।
घटनाओं का सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
इन घटनाओं ने छिंदवाड़ा जिले में सुरक्षा, जागरूकता और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। झिंगरिया वाटरफॉल का पर्यटन स्थल, हाईवे पर सड़क सुरक्षा और घरों में कुएं जैसी सामान्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की तत्परता इन घटनाओं के प्रभाव को कम करने में सहायक रही, लेकिन भविष्य में इससे बचाव के लिए और भी व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
छिंदवाड़ा में तीनों घटनाएं—वाटरफॉल में गिरे युवक, हाईवे दुर्घटना और कुएं में बालक का हादसा—एक ही संदेश देती हैं कि सुरक्षा, सावधानी और प्रशासनिक तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन, नागरिकों और परिवारों को जागरूक किया है कि प्राकृतिक स्थलों और सड़क मार्गों पर विशेष सावधानी और निर्देशित रेस्क्यू टीमों की तत्परता जरूरी है।
