भारतीय सिनेमा में रिश्तों को लेकर जितनी चर्चा कुछ चुनिंदा सितारों की होती है, उनमें अमिताभ बच्चन और जया बच्चन का नाम हमेशा शीर्ष पर रहता है। 52 साल लंबे इस रिश्ते ने न केवल अनगिनत उतार-चढ़ाव झेले हैं, बल्कि इस सफर में कई ऐसे मोड़ भी आए, जिन्होंने बॉलीवुड, मीडिया, दर्शकों और परिवार—सभी को प्रभावित किया। हाल ही में जया बच्चन ने एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर बेबाकी से बात की, जो आमतौर पर स्टार परिवार सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाते। जया अपने स्पष्ट और निडर स्वभाव के लिए मशहूर हैं, और इस बार भी उन्होंने अपने लंबे रिश्ते, शादी की शुरुआत, विवाद, दर्द, प्यार और आज के युवाओं के विवाह संबंधी विचारों पर खुलकर बातचीत की।

उनके इस इंटरव्यू ने एक बार फिर उस सफर को उजागर किया जिसे उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ मिलकर जिया—एक ऐसा सफर जिसमें प्यार था, संघर्ष था, दिल टूटना भी था, लेकिन इन सबके बीच अटूट समर्पण भी था।
शादी को ‘अमिताभ की सबसे बड़ी गलती’: क्यों बोलीं जया?
जया बच्चन ने बातचीत के दौरान एक ऐसा वाक्य कहा, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमिताभ भी उनकी तरह ही शादी को एक सफर के रूप में देखते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए लेकिन गंभीर स्वर में कहा कि वह अमिताभ से इस बारे में पूछने की हिम्मत नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि हो सकता है अमिताभ कहें कि यह शादी उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। जया ने साफ कहा कि वह यह सुनना नहीं चाहतीं।
उनका यह बयान जितना चौंकाने वाला था, उतना ही सच्चाई के करीब भी लगा, क्योंकि किसी भी रिश्ते में दोनों लोगों के नजरिए अलग हो सकते हैं। जया ने माना कि उन्होंने शादी में हमेशा पूरे समर्पण के साथ अपने आपको सौंपा, लेकिन यह जरूरी नहीं कि उनका जो नजरिया है, वही अमिताभ का भी हो।
अवैध विवाह का खुलासा: ‘हम रजिस्टर पर साइन तक नहीं किए थे’
जया बच्चन ने एक और चौंकाने वाला सच साझा किया। उन्होंने कहा कि उनकी शादी कानूनी तौर पर कई साल बाद वैध मानी गई, क्योंकि उन्होंने विवाह के बाद रजिस्टर पर साइन नहीं किए थे। वह इस बात को हंसते हुए स्वीकार करती हैं कि कई सालों तक उन्हें पता ही नहीं था कि रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है और जब किसी ने उन्हें इस बारे में बताया तब जाकर उन्होंने औपचारिक दस्तावेज पूरे किए।
यह बयान उनके रिश्ते की एक झलक देता है कि एक दौर में शादी सिर्फ सामाजिक रीतियों से होती थी। कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक दस्तावेजों का आकर्षण या नियम उतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था जितना आज के समय में माना जाता है।
रेखा और अमिताभ का विवाद: जया का दर्द, संघर्ष और दृढ़ता
अमिताभ बच्चन और रेखा के बारे में फिल्म इंडस्ट्री के किस्से आज भी चर्चा में रहते हैं। इन अफवाहों, सच्चाई और कल्पना के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ उनका परिवार—विशेषकर जया बच्चन।
जया बच्चन ने इस इंटरव्यू में यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा कि इस दौर ने उन्हें कितना तोड़ा, लेकिन उनके शब्दों के बीच मौजूद भावनाओं ने बता दिया कि वह समय उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था।
उन्होंने स्वीकार किया कि बहुत सी महिलाएं ऐसी परिस्थितियों में अपने रिश्ते को छोड़ देतीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने अपने परिवार, अपने बच्चों और अपने प्यार को बचाए रखने के लिए संघर्ष किया।
जया के रवैये में एक बात स्पष्ट दिखती है—उनका आत्मविश्वास। वह जानती थीं कि उनके रिश्ते की मजबूती केवल विवादों से नहीं टूटेगी। उन्होंने प्रेम, धैर्य और अपनी शख्सियत के दम पर वह सब संभाला जिसे कई लोग असंभव मानते।
‘लव एट फर्स्ट साइट’: जया का स्वीकार
अक्सर यह माना जाता है कि अमिताभ और जया की मुलाकात धीरे-धीरे एक रिश्ते का रूप लेती गई, लेकिन जया ने स्वीकार किया कि उन्हें अमिताभ से पहली नजर में ही प्रेम हो गया था।
उन्होंने कहा कि इस बारे में वह अब ज्यादा बात नहीं करना चाहतीं, क्योंकि 52 साल से वह एक ही व्यक्ति से प्यार करती आ रही हैं और अब उनके भीतर किसी और के लिए प्रेम की जगह नहीं बची।
उनका यह बयान प्रेम की परिपक्वता को दर्शाता है—एक ऐसा प्रेम जो संघर्षों के बावजूद टिकता है, समय के साथ और परिपक्व होता जाता है और अपनी जड़ों को और मजबूत करता है।
आज के युवाओं को संदेश: ‘शादी कोई अनिवार्य बंधन नहीं’
जया बच्चन ने अपने निजी अनुभवों के आधार पर आज के समय के युवाओं के विवाह संबंधी निर्णयों पर भी बात की। उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी नातिन नव्या नंदा को जल्द शादी करते नहीं देखना चाहतीं।
उनका कहना है कि आज के युवा पहले से अधिक समझदार हैं और अब शादी को जीवन का अनिवार्य हिस्सा मानना जरूरी नहीं है। उन्होंने शादी को ‘दिल्ली का लड्डू’ बताया—खाओ तो मुश्किल, न खाओ तो मुश्किल।
उनका मानना है कि शादी कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि दो लोगों की सहज समझ और परस्पर सम्मान पर चलने वाली साझेदारी होनी चाहिए।
1971 की मुलाकात और 1972 की शादी
यह कहानी 1971 के ‘गुड्डी’ के सेट पर शुरू हुई थी। जया पहले से एक स्थापित अभिनेत्री थीं और अमिताभ उस समय एक संघर्षरत कलाकार। जया को अमिताभ के व्यक्तित्व ने तुरंत आकर्षित किया, जबकि अमिताभ को जया की सरलता और आत्मीयता ने प्रभावित किया।
दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और 1972 में उन्होंने शादी कर ली। फिर आए उनके दो बच्चे—श्वेता और अभिषेक। इसके बाद शुरू हुआ एक ऐसा सफर जिसने बॉलीवुड के इतिहास में कई तरह की भावनाओं को जन्म दिया।
52 साल का यह रिश्ता क्यों इतना चर्चित रहा?
क्योंकि यह रिश्ता दो बेहद अलग व्यक्तित्वों का मेल था—
एक ओर जया, जो भावनात्मक, शांत और पारिवारिक सोच रखने वाली महिला हैं।
दूसरी ओर अमिताभ, जिनका करियर और व्यक्तित्व दोनों ही उच्च स्तर के दबाव और ग्लैमर से भरा रहा।
इन दोनों के बीच संघर्ष, प्रेम, विवाद, सफलता, हार, अफवाहें—हर चीज का अनुभव रहा और इसीलिए यह रिश्ता आज भी लोगों के लिए अध्ययन और प्रेरणा का विषय है।
जया बच्चन के हालिया इंटरव्यू ने फिर से यह साबित किया कि वह एक ऐसी महिला हैं जो अपनी भावनाओं और अपने जीवन पर पर्दा डालने के बजाय, खुलकर सच बोलना पसंद करती हैं।
