राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका प्रभाव सीधे आम जनता और व्यापार जगत पर पड़ेगा। बैठक में ‘जन विश्वास अध्यादेश 2025’ को मंजूरी दी गई, जो छोटे और तकनीकी उल्लंघनों पर कारावास की सजा हटाकर केवल जुर्माना लगाने की सुविधा देता है। यह कदम ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किशनगढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा और इसे जयपुर का वैकल्पिक एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इस विस्तार से 900 मीटर लंबी एप्रोच लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे कोहरे और रात में भी उड़ान सुरक्षित रहेगी। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति की अवधि को बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षित सूची से चयन की अवधि को एक वर्ष तक बढ़ाया गया, और मोटर वाहन उप निरीक्षक पद के लिए उच्चतर योग्यता वाले अभ्यर्थियों को पात्र किया गया।
जन विश्वास अध्यादेश 2025: जनता और कारोबारियों के लिए राहत
जन विश्वास अध्यादेश 2025 के तहत छोटे तकनीकी उल्लंघनों पर कारावास का प्रावधान समाप्त किया गया है और केवल जुर्माने की व्यवस्था की गई है। यह अधिनियम केंद्र के जन विश्वास अधिनियम 2023 के अनुरूप तैयार किया गया है।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि इस अध्यादेश के तहत 11 अधिनियमों में आपराधिक दंड हटाए जा रहे हैं। इसका मकसद मुकदमेबाजी को कम करना और आम नागरिकों को राहत देना है।
उदाहरण के तौर पर राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत अब वन भूमि में मवेशी चराने पर केवल जुर्माना लगेगा। उद्योग सहायता अधिनियम 1961 में बहीखाते न प्रस्तुत करने या छोटे उल्लंघनों पर कारावास की सजा हटाकर केवल अर्थदंड लागू होगा। जयपुर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड अधिनियम 2018 में पानी की बर्बादी या बिना अनुमति कनेक्शन के मामले में भी कारावास का प्रावधान समाप्त कर दिया गया।
किशनगढ़ एयरपोर्ट विस्तार और नई योजनाएं
कैबिनेट ने किशनगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 15 एकड़ भूमि नि:शुल्क देने को मंजूरी दी। इस विस्तार से 900 मीटर लंबी एप्रोच लाइट्स लगाई जा सकेंगी, जिससे जयपुर के लिए एक वैकल्पिक हवाई मार्ग सुनिश्चित होगा। यह परियोजना राज्य के पर्यटन और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए अहम मानी जा रही है।
इसके अलावा, राजस्थान सरकार ने तीन नई नीतियां लागू की हैं:
प्रवासी राजस्थानी नीति: यह नीति राज्य से बाहर रहने वाले राजस्थानियों के योगदान, निवेश और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी: छोटे और मध्यम व्यापारियों को नए अवसर देने और बाजार तक पहुंच आसान करने के लिए यह नीति बनाई गई है।
राजस्थान पर्यटन नीति: निवेश आकर्षित करने, पर्यटन अवसंरचना बढ़ाने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से यह नीति तैयार की गई है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय और सुधार
अनुकंपा नियुक्तियों की अवधि बढ़ाई गई, जिससे सरकारी कर्मचारियों और जरूरतमंद नागरिकों को राहत मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षित सूची से चयन की अवधि छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई। मोटर वाहन उप निरीक्षक पद के लिए अब उच्चतर योग्यता वाले अभ्यर्थी भी पात्र होंगे और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप का अनुभव तथा भारी वाहन लाइसेंस की अनिवार्यता हटा दी गई।
राजस्थान सरकार का यह कदम राज्य के व्यापारिक वातावरण और आम जीवन को सरल बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इन परिवर्तनों से ना केवल व्यापारियों को सुविधा मिलेगी बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी में भी सुधार आएगा।
नवीनतम अपडेट और सरकार की दिशा
भजनलाल सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह निर्णय राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करेंगे। केंद्रीय सरकार और राज्य के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए भी यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट ने पर्यटन, व्यापार और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सुधारों की रूपरेखा भी तैयार की है।
यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें राज्य के लिए कई बड़े और रणनीतिक फैसले लिए गए, जो आने वाले वर्षों में राजस्थान के विकास की गति को नई दिशा देंगे।
