देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो लगातार परिचालन संकट से जूझ रही है। यह संकट अब लगातार तीसरे दिन भी जारी है और देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू एयरपोर्ट्स पर गुरुवार को ही तीन सौ से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। विशेषज्ञों और हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, दिन के आखिर तक रद्द उड़ानों की संख्या और बढ़ सकती है।

इंडिगो एयरलाइन में परिचालन संकट का मुख्य कारण पायलट और एयरलाइन क्रू की कमी बताई जा रही है। इसके अलावा, हाल ही में लागू किए गए डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के नए फ्लाइट ड्यूटी नियमों ने एयरलाइन के परिचालन को और जटिल बना दिया है। इंडिगो की प्रबंधन टीम ने यह स्वीकार किया है कि नियमों के पालन में देरी और क्रू की कमी दोनों ही इस संकट के प्रमुख कारण हैं।
तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर रद्द उड़ानों का आंकड़ा
गुरुवार को मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू हवाई अड्डों पर 180 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। मुंबई एयरपोर्ट पर 86 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 41 आगमन और 45 प्रस्थान शामिल थे। बंगलूरू में 73 उड़ानें रद्द हुईं और दिल्ली में 95 उड़ानें प्रभावित हुईं। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि इंडिगो का परिचालन संकट न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना है बल्कि एयरलाइन की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहा है।
इंडिगो की पहचान समय पर उड़ान भरने और आगमन करने वाली एयरलाइन के रूप में रही है। पिछले वर्षों में इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) अत्यधिक सकारात्मक रहा है। लेकिन वर्तमान संकट में एयरलाइन का OTP बुधवार को केवल 19.7 प्रतिशत रहा, जबकि 2 दिसंबर को यह 35 प्रतिशत था। इससे यह स्पष्ट होता है कि परिचालन में आई बाधाओं ने एयरलाइन की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
डीजीसीए की प्रतिक्रिया और जांच
डीजीसीए ने इंडिगो से मौजूदा हालात की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के अनुसार, डीजीसीए वर्तमान में एयरलाइन की समस्याओं की समीक्षा कर रही है और एयरलाइन से यह भी पूछा गया है कि वह परिचालन बाधाओं को कम करने के लिए क्या योजना बना रही है। डीजीसीए ने निर्देश दिया है कि इंडिगो को अपने फ्लाइट शेड्यूल को सुधारने और क्रू की कमी को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
वर्तमान में इंडिगो के पास 434 विमान और लगभग 10,000 क्रू सदस्य हैं। इसके बावजूद, फ्लाइट ड्यूटी नियमों और क्रू की कमी के कारण आधी उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। डीजीसीए का मानना है कि यदि एयरलाइन ने समय रहते नए नियमों का पालन नहीं किया और पर्याप्त स्टाफ नहीं रखा, तो इसका नकारात्मक प्रभाव परिचालन और यात्री संतोष दोनों पर पड़ेगा।
पायलट्स संगठन की चेतावनी
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने इंडिगो एयरलाइन पर आरोप लगाया कि दो साल का पर्याप्त समय मिलने के बावजूद एयरलाइन ने नए फ्लाइट ड्यूटी नियमों को लागू करने की तैयारी नहीं की। पायलट्स ने डीजीसीए से अपील की है कि जब तक एयरलाइन स्टाफ की कमी पूरी नहीं करती और नए नियमों का पालन नहीं करती, तब तक उसके फ्लाइट शेड्यूल को अनुमोदित न किया जाए।
पायलट्स ने यह भी सुझाव दिया कि इंडिगो को दिए गए स्लॉट को अन्य सक्षम एयरलाइंस को आवंटित कर दिया जाए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके और परिचालन में स्थिरता आए। इस चेतावनी ने इंडिगो के प्रति बाजार और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
शेयर बाजार पर प्रभाव
इंडिगो के परिचालन संकट का असर उसके शेयरों पर भी पड़ा। बीएसई पर इंडिगो के शेयर दोपहर के कारोबार में तीन प्रतिशत से अधिक गिरकर 5417.90 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। निवेशकों ने चिंता व्यक्त की कि अगर एयरलाइन ने जल्दी से उपाय नहीं किए, तो परिचालन बाधाओं का प्रभाव लंबे समय तक बाजार में दिखाई देगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो की समस्या केवल परिचालन बाधाओं तक सीमित नहीं है। यह एयरलाइन की प्रबंधन रणनीति, फ्लाइट ड्यूटी नियमों के पालन और स्टाफ की कमी जैसी गहन चुनौतियों को भी उजागर करती है।
यात्रियों पर असर और समाधान
सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने से देशभर में हजारों यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को न केवल उड़ानों के रद्द होने का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव, होटल बुकिंग और अन्य परिवहन विकल्पों के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे। एयरलाइन को न केवल क्रू की कमी को पूरा करना होगा, बल्कि अपने फ्लाइट शेड्यूल और परिचालन प्रक्रियाओं में सुधार करना होगा। इसके अलावा डीजीसीए द्वारा सुझाए गए नियामक बदलावों का पालन करना भी आवश्यक है।
भविष्य की राह
विश्लेषकों के अनुसार, इंडिगो को अपने परिचालन संकट से उबरने के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी। इसमें क्रू की भर्ती, फ्लाइट शेड्यूल का पुनर्निर्धारण और समय पर उड़ान भरने की प्रबंधन प्रणाली को सुधारना शामिल है। इसके अलावा, यात्रियों के विश्वास को बहाल करने के लिए एयरलाइन को पारदर्शी और त्वरित जानकारी प्रदान करनी होगी।
इस संकट ने स्पष्ट किया कि किसी भी एयरलाइन का परिचालन केवल विमान और तकनीकी संसाधनों पर निर्भर नहीं होता, बल्कि मानव संसाधन और नियामक अनुपालन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इंडिगो के लिए यह एक सबक है कि यदि भविष्य में वह अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ बनाए रखना चाहती है, तो उसे परिचालन, नियामक और मानव संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा।
