भारत और साउथ अफ्रीका के बीच चल रही तीन मैचों की वनडे श्रृंखला अब अंतिम और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। श्रृंखला फिलहाल 1-1 से बराबरी पर है और तीसरा मैच विशाखापत्तनम के ACA-VDCA अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर 6 दिसंबर की शाम खेला जाएगा। यह मुकाबला केवल एक साधारण मैच नहीं बल्कि निर्णय और दबाव से भरा मुकाबला है, जिसमें एक टीम श्रृंखला पर कब्जा करेगी तो दूसरी टीम को मलाल रहेगा कि उसने मौके पर नियंत्रण गंवा दिया।

यह मैच विशेष रूप से भारतीय दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले मैच में 358 रनों के विशाल लक्ष्य के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा। क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस हार को रणनीति की कमी, गेंदबाजी में ढीलापन और मध्य ओवरों में लय टूटने से जोड़कर देखा।
विराट कोहली की चमक और दोहरा आत्मविश्वास
श्रृंखला में दो लगातार शतकों के साथ विराट कोहली शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस तरह उन्होंने पिछले दोनों मैचों में बल्लेबाजी की है, वह सिर्फ रन ही नहीं बल्कि जज्बा भी दिखाता है। पहले मैच में उन्होंने रन चेस की रीढ़ संभाली, वहीं दूसरे मैच में साउथ अफ्रीका के मजबूत गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए अपनी बल्लेबाजी को अलग ऊंचाई दी। इस समय विराट अपने पुराने अंदाज में लौटते दिख रहे हैं, जहां वह केवल रन ही नहीं बनाते बल्कि परिस्थिति नियंत्रित भी करते हैं।
कहने को यह एक द्विपक्षीय श्रृंखला है, लेकिन विराट के प्रदर्शन से कई आगामी रिकॉर्ड भी जुड़े हैं। यदि तीसरे मैच में वह शतक जड़ देते हैं तो कई नए अंतरराष्ट्रीय मील के पत्थर उनके नाम हो सकते हैं। क्रिकेट विश्लेषक मानते हैं कि विराट का मौजूदा फॉर्म भारतीय टीम की संस्था को स्थिरता देता है।
कप्तान केएल राहुल का दबाव परीक्षण
शुभमन गिल की अनुपस्थिति में केएल राहुल नेतृत्व कर रहे हैं। पहले मैच में टीम को मजबूत जीत दिलाने के बाद दूसरा मैच पूरी तरह नियंत्रण से बाहर चला गया। राहुल ने बाद में बयान दिया कि हार की सबसे बड़ी वजह डेथ ओवरों में खराब गेंदबाजी और फील्डिंग में चूक रही। उन्होंने यह भी माना कि आखिरी 10 ओवरों में टीम की बॉडी लैंग्वेज बदलती दिखी और उसी से गेंदबाजों का संतुलन बिगड़ा।
तीसरे मैच में राहुल पर बड़ा दबाव होगा। यह मैच उस कथानक में फिट होता है जहाँ कप्तान के निर्णय, बदलाव और रणनीति की सूक्ष्मता तय करेगी कि टीम ट्रॉफी उठाएगी या नहीं।
ऋषभ पंत की संभावित वापसी
लंबे समय बाद ऋषभ पंत वापसी के बेहद करीब माने जा रहे हैं। अभ्यास सत्र में उनकी मौजूदगी ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को नए विकल्प दिए। डेथ ओवर में बल्लेबाजी की कमी भारतीय टीम के लिए पिछले मैच में बड़ी समस्या साबित हुई। पंत के लिए तीसरे मैच की संभावित वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम को छठे नंबर पर एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत है जो आखिरी चार-पांच ओवरों में मैच का समीकरण मोड़ सके।
यदि पंत वापसी करते हैं तो वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर उन्हें मौका मिल सकता है। सुंदर ना गेंद से प्रभाव छोड़ सके और ना बल्लेबाजी में योगदान दे सके। ऐसे में उनकी जगह किसी अनुभवी बल्लेबाज की मांग स्वाभाविक है।
लगभग दो साल बाद वापसी की दहलीज पर तिलक वर्मा
तिलक वर्मा ने आखिरी वनडे दिसंबर 2023 में खेला था। इसके बाद वह धीरे-धीरे सीनियर टीम के दायरे से बाहर चले गए। लेकिन जिस तरह चयनकर्ता नए खिलाड़ियों को आजमाने के मोड में हैं, उनके नाम पर चर्चा एकदम सामान्य है। तिलक स्लॉग ओवरों में खुलकर शॉट खेलते हैं और मध्य ओवरों में गैप निकालने की उनकी क्षमता उन्हें विशिष्ट बनाती है।
विशाखापत्तनम पिच पर बल्लेबाजों को फ्लाइट मिलती है, लेकिन बाउंस संतुलित रहता है। ऐसे माहौल में तिलक अपनी सहज स्टांस और डायरेक्शनल खेल से रन बना सकते हैं। आखिरी निर्णय टीम बैठक के बाद ही होगा लेकिन तिलक पर नजर जरूर रहेगी।
गेंदबाजी में बड़ा बदलाव संभव
पिछले मैच में प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाजी आलोचना का विषय बनी। उन्होंने ऐसी लंबाई से गेंद फेंकी जिसे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आसानी से मारते रहे। कप्तान राहुल भी मैदान में नाराज दिखे। ऐसी स्थिति में टीम प्रबंधन नए विकल्प अपनाने का संकेत दे चुका है। इसी क्रम में नीतीश कुमार रेड्डी को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है।
रेड्डी स्थानीय खिलाड़ी हैं और इस मैदान की नमी, हवा और सतह से अच्छी तरह परिचित हैं। वह फुल लेंथ और बैक-ऑफ-लेंथ के बीच तालमेल करके गेंदबाजी करना जानते हैं। साथ ही वह नीचे क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त फायदे मिल सकते हैं।
साउथ अफ्रीकी टीम स्थिर
दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले से क्रम में व्यवस्थित नजर आ रही है। क्विंटन डी कॉक अपने सूर्यकाल की ओर लौटते दिख रहे हैं। कप्तान बावुमा ने पिछले मैच में रणनीति और शांत भाव दोनों दिखाए। वहीं मार्को जानसेन और ब्रेविस जैसे युवा खिलाड़ियों ने गेंद और बल्ले से बड़ा योगदान दिया। संभावना वही कि तीसरे मैच में वे बदलाव नहीं करेंगे।
पिच रिपोर्ट और मौसम
विशाखापत्तनम की पिच पिछले तीन वर्षों में उच्च स्कोर की पिच बन चुकी है। यदि शुरुआती नमी हटी तो बल्लेबाजों के लिए स्कोरिंग आसान होती जाएगी। मौसम साफ रहने की संभावना है और रात में हल्की ओस तेज रन गति को बढ़ा सकती है। ऐसे में टॉस का निर्णय परिणाम निर्धारण में अहम होगा।
संभावित भारतीय एकादश
यशस्वी जायसवाल
रोहित शर्मा
विराट कोहली
रुतुराज गायकवाड़
ऋषभ पंत या तिलक वर्मा
केएल राहुल
रवींद्र जडेजा
नीतीश कुमार रेड्डी
हर्षित राणा
कुलदीप यादव
अर्शदीप सिंह
निष्कर्ष
भारत के सामने चुनौती केवल विपक्ष नहीं, स्वयं की रणनीतिक कमियां भी हैं। यदि टीम संयोजन और गेंदबाजी सही ढंग से उतरती है तो श्रृंखला भारत के पक्ष में जा सकती है। दर्शकों के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि रोमांच का चरम है।
