बॉलीवुड की दुनिया सिर्फ फिल्मों और शोहरत तक सीमित नहीं है। इसके पीछे भावनाएं, रिश्ते, संघर्ष और ऐसे किस्से छिपे होते हैं जो समय बीत जाने के बाद भी लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहते हैं। ऐसी ही एक कहानी है अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी की, जो कभी गहरी मोहब्बत और विवाह तक पहुंचने की कसौटी पर थी, लेकिन मंज़िल तक न पहुंच सकी। इस रिश्ते के टूटने के बाद दोनों की जिंदगी ने अलग मोड़ लिया, लेकिन इसके पीछे जो घटनाएं हुईं, वह आज भी याद की जाती हैं।

वह दौर जब दोनों का नाम एक साथ लिया जाता था
अक्षय कुमार 90 के दशक और शुरुआती 2000 के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक रहे। उनकी फिल्मों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी सुर्खियों में छाई रहती थी। दूसरी ओर शिल्पा शेट्टी अपनी सुंदरता, लंबी काया, सहज अभिनय और शांत स्वभाव से उद्योग में अलग पहचान बना रही थीं।
जब दोनों ने फिल्मों में साथ काम करना शुरू किया तो स्क्रीन पर एक गहरी केमिस्ट्री दिखने लगी। दर्शक इन्हें पसंद भी करने लगे और फिल्मी गलियारों में यह चर्चा होने लगी कि दोनों सिर्फ सह-कलाकार नहीं, बल्कि एक-दूसरे के बेहद करीब हैं।
सेट से शुरू हुई दोस्ती
फिल्मों की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए और बातों-बातों में एक सूक्ष्म आकर्षण जन्म लेने लगा। उस समय शूटिंग का लंबा शेड्यूल, एक साथ बिताया गया समय और एक-दूसरे के स्वभाव को करीब से जानने का अवसर बेहद स्वाभाविक रूप से उनकी निकटता का कारण बना।
एक समय ऐसा आया जब इंडस्ट्री के लोग इस रिश्ते को निश्चित मान चुके थे। यहां तक कहा जाता है कि दोनों ने एक-दूसरे के लिए अंगूठी भी पहनाई। इस बात की पुष्टि बाद में कई लोगों ने अप्रत्यक्ष रूप से की।
‘धड़कन’ ने और बढ़ाया भावनात्मक जुड़ाव
जब दोनों ने साथ में फिल्म धड़कन की, तो सिर्फ दर्शक ही नहीं बल्कि उद्योग भी इस बात से प्रभावित हुआ कि दोनों एक-दूसरे को कितनी सहजता से समझते हैं। प्रेम, संघर्ष, त्याग और विरह पर आधारित यह फिल्म कई लोगों की पसंद बनी।
कई आलोचकों का मानना था कि इस फिल्म के कई दृश्य सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि वास्तविक भावनाएं लगते थे। तो क्या उस दौर में दोनों सचमुच शादी के करीब थे? इस प्रश्न का उत्तर आज भी अधूरा है।
सुनील दर्शन की खुली टिप्पणी
निर्देशक सुनील दर्शन ने लंबे समय बाद इस रिश्ते को लेकर दिए अपने बयान से एक बार फिर पुराने किस्सों को जीवित कर दिया। उनका कहना था कि वे उस समय अक्षय और शिल्पा दोनों से लगातार जुड़े हुए थे और इस रिश्ते में उठे-गिरे कई दौर के गवाह भी रहे। उन्होंने बताया कि हालात ऐसे बने कि रिश्ते में मोड़ आ गया और दोनों अलग हो गए।
उन्होंने यह भी बताया कि उस दौरान ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि परिवारिक मंजूरी में समस्या है। यही दूरी का सबसे बड़ा कारण बना।
टूटने की वजह सिर्फ परिवार नहीं था
जहां कई लोगों ने माना कि यह रिश्ता सिर्फ इसलिए खत्म हुआ क्योंकि परिवार इसके पक्ष में नहीं था, वहीं वास्तविकता इससे थोड़ी अलग मानी जाती है। उद्योग के लोग कहते हैं कि अक्षय अपने करियर के सबसे सक्रिय दौर में थे। वह लगातार फिल्में कर रहे थे, कई बड़े बैनर की परियोजनाएं उनके पास थीं और रिश्ते को समय देने में कठिनाई होती जा रही थी।
दूसरी ओर शिल्पा भावनात्मक रूप से स्थिर संबंध चाहती थीं। वह भविष्य पर विचार कर रही थीं और इसी मोड़ पर दोनों के विचार अलग होने लगे।
ब्रेकअप के बाद की मनोस्थिति
रिपोर्ट्स बताती हैं कि शिल्पा काफी प्रभावित हुई थीं। उनका कहना था कि अगर रिश्ता गंभीर है तो उसे निभाया जाना चाहिए। वहीं अक्षय ने खुद को पूरी तरह काम में झोंक दिया। लगातार शूटिंग में व्यस्त रहने से वह निजी चिंताओं से दूर हुए।
समय बीतने के बाद दोनों के रास्ते अलग दिशा में चले गए। अक्षय की मुलाकात ट्विंकल खन्ना से हुई, फिर धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा।
ट्विंकल-अक्षय की शादी से भविष्यवाणी हुई सच
एक प्रसंग हमेशा चर्चा में रहा जब बताया गया कि ट्विंकल के पिता ने ज्योतिष से सलाह ली और ज्योतिष ने कहा कि ट्विंकल की शादी अक्षय से ही होगी। बाद में यह बातें सच साबित हुईं।
1990 के दशक के अंत में दोनों का विवाह हुआ और आज उनकी जिंदगी परिवार, सफलता और सम्मान के साथ आगे बढ़ चुकी है।
शिल्पा का अलग सफर
शिल्पा ने खुद जीवन में कई ऊंचाइयां छुईं। उनका करियर आगे बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान बनी, फिटनेस को लेकर वह देश में प्रेरणा बनीं और बाद में शादी कर नया जीवन शुरू किया।
आज वह परिवार, व्यवसाय और मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती हैं।
वह जो पीछे छूट गया
जो रिश्ता कभी बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक माना गया, वह आज सिर्फ यादों का हिस्सा है। लेकिन यह सच है कि अक्षय-शिल्पा की जोड़ी आज भी दर्शकों को आकर्षित करती है। धड़कन, इनसाफ और कई अन्य फिल्में आज भी सोशल प्लेटफॉर्म्स पर पसंद की जाती हैं।
इस प्रेम कहानी ने यह बताया कि चमकदार दुनिया में निजी भावनाएं भी किसी की सीमाओं से बंधी होती हैं। कभी परिवार, कभी समय और कभी लक्ष्य जीवन का निर्णय बदल देते हैं।
समय ने दिया परिपक्वता का अर्थ
आज दोनों परिपक्व, सफल और अपने परिवार के साथ खुश दिखाई देते हैं। उनका अतीत आज सिर्फ एक अध्याय है लेकिन दर्शकों के लिए यह हमेशा चर्चित कथा रही। वह दौर सिर्फ प्यार नहीं बल्कि संघर्ष, भावनाएं और जीवन के बदले रुख की कहानी कहता है।
