मनुष्य के जीवन में ऐसे कई मोड़ आते हैं जहां वह समझ ही नहीं पाता कि किस राह पर जाना है और कौन-सी मंज़िल उसकी प्रतीक्षा कर रही है. कुछ लोगों के सपनों को दिशा देने वाला भाग्य होता है, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जिनकी मंज़िल उन्हीं के जीवन में अचानक उपस्थित हो जाती है. जीवन का यह सत्य अभिनेता गौरव खन्ना के जीवन में साफ तौर पर दिखाई देता है. कानपुर के एक साधारण कारोबारी घर में जन्मे गौरव ने कभी नहीं सोचा था कि वे अभिनय जैसी जटिल और प्रतिस्पर्धी दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे.

गौरव ने बचपन से ही पढ़ाई की तरफ ध्यान दिया. उनका सपना किसी कॉर्पोरेट संगठना में नौकरी करना और विदेश में कमाई करना था. पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने एमबीए किया और उसी दौरान वे मुंबई पहुंच गए. यह वह शहर था जहाँ लोग सपनों के साथ आते हैं और उनमें से कोई-कोई उन्हें जी लेता है. हालांकि गौरव सपनों के साथ नहीं आए थे, वे बस अपने करियर को उपयुक्त दिशा में मोड़ने निकले थे.
आईटी कंपनी में शुरुआती कदम
मुंबई में आने के बाद उन्हें एक आईटी कंपनी में नौकरी मिली. उन्होंने स्थिर करियर, सही वेतन और शांत जिंदगी की कल्पना की थी. ऑफिस की व्यस्तता, नया शहर और भविष्य की योजनाओं के बीच वे कई दिन गुजारते रहे. लेकिन इंसान के जीवन में हर निर्णय उसके हाथ में नहीं होता. आसपास के हालात, वातावरण और संयोग कई बार भविष्य को ऐसी दिशा में धकेल देते हैं जिसकी कल्पना भी नहीं होती.
उसी समय उनका परिचय कुछ ऐसे दोस्तों से हुआ जो टीवी जगत से जुड़े थे. उनके साथ रहते-रहते अभिनय और ऑडिशन का नाम कई बार सुनाई देने लगा. हालांकि उन्हें कभी भी एक्टिंग से लगाव नहीं रहा. वे बस देखने भर वाले व्यक्ति थे, मंच या कैमरे के सामने रहना उनके व्यक्तित्व का हिस्सा नहीं था.
एक दोस्त के साथ गया और सिलेक्ट हो गया
साल 2003 के एक दिन परिस्थिति ऐसी बनी कि वे अपने एक दोस्त के साथ एक ऑडिशन देने पहुंच गए. यह ऑडिशन उनके दोस्त के लिए था, लेकिन कास्टिंग टीम ने गौरव से भी ऑडिशन देने को कहा. उन्होंने हल्के मजाक में ऑडिशन दे दिया. यह केवल औपचारिकता थी, लेकिन यही औपचारिकता उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई.
ऑडिशन के बाद उसी evening उन्हें 20,000 रुपये मिलने की जानकारी दी गई. एक हल्का सा विज्ञापन, मामूली शूट और मोटी रकम. उस समय के हिसाब से यह रकम उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी. यही राशि उनकी कहानी की शुरुआत थी. पैसे ने अभिनय को आवश्यकता के रूप में सामने रखा और वे सोचने लगे कि शायद यह रास्ता शहर में टिके रहने और आर्थिक स्थिरता मिलने का आसान माध्यम हो सकता है.
टीवी जगत में शुरुआत
आने वाले महीनों में उन्होंने लगातार छोटे-मोटे शूट किए. फिर उन्हें समझ आने लगा कि यह दुनिया केवल glamour नहीं है, इसमें मेहनत, संघर्ष और धैर्य भी लगता है. साल 2005 में उनका पहला टेलीविजन शो प्रसारित हुआ. धीरे-धीरे उनकी पहचान टीवी घरानों में बनने लगी. इंडस्ट्री में कई कलाकारों की तरह उन्हें रातों-रात स्टारडम नहीं मिला. वह लगातार प्रयास, कास्टिंग स्टूडियो में लंबी कतारें, इंटरव्यू और कई बार रिजेक्शन भी झेलते रहे.
कई वर्षों बाद जब वे टीवी के स्थापित चेहरों में शामिल हुए, तब दर्शकों ने उनकी स्क्रीन उपस्थिति और संवाद-शैली को स्वीकार किया. अभिनय में सहजता, भावनात्मक अभिव्यक्ति की साफ छाप और कम दिखावे वाली शख्सियत ने उन्हें अलग पहचान दी. उनके कई किरदार लोगों की स्मृतियों में बस गए.
करियर का कठिन दौर
हर कलाकार की जिंदगी में वह समय आता है जब सबकुछ होते हुए भी कुछ टूट-सा जाता है. गौरव के साथ भी ऐसा हुआ. अभिनय के दौरान धीरे-धीरे उन्होंने कुछ आर्थिक योजनाओं में निवेश किया. उनमें से एक निवेश में उन्हें अपने करीबी दोस्त ने धोखा दिया. यह धोखा छोटा नहीं था. वे न केवल आर्थिक रूप से टूटे बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान हो गए.
इस समय उनका करियर एक ऐसा मोड़ लेकर खड़ा हो गया था जहां आगे बढ़ना मुश्किल होता जा रहा था. कुछ समय के लिए काम भी ठहर गया. लोगों की धारणा बदलती चली गई और वह दौर उनकी जिंदगी का सबसे अंधकारमय समय बन गया.
आकांक्षा का साथ
जब इंसान हर तरफ से असहाय महसूस करता है, तब वही हाथ सबसे बड़ा सहारा बन जाता है जो सच्चाई से थामे रखा हो. गौरव के जीवन में यह हाथ आकांक्षा चमोला का था. साल 2016 में दोनों कानपुर में विवाह बंधन में बंध गए. आकांक्षा उनसे उम्र में छोटी थीं लेकिन मानसिक रूप से अधिक मजबूत रहीं.
गौरव ने कई सार्वजनिक मंचों पर यह बात कही कि आकांक्षा उनके जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं. उसी समय एक बड़े शो से उनकी वापसी हुई. इस शो ने न केवल उन्हें प्रसिद्धि दी, बल्कि दर्शकों के दिलों में जगह भी बनाई.
परिवार और निजी निर्णय
गौरव ने एक कार्यक्रम में यह भी बताया कि वे पिता बनना चाहते हैं. हालांकि उनकी पत्नी आकांक्षा ने यह निर्णय लिया कि वे फिलहाल बच्चा नहीं चाहतीं. गौरव ने इस निर्णय को सम्मान दिया. उनका कहना है कि जीवन प्रेम से चलता है और भावनाएं बंधनों से नहीं, संवाद और सम्मान से आगे बढ़ती हैं.
वर्तमान यात्रा और उपलब्धियाँ
आज गौरव टीवी के सबसे बड़े चेहरों में से एक माने जाते हैं. दर्शक उन्हें परिपक्व अभिनय, अपनापन और वास्तविक प्रस्तुति के साथ जुड़ा देखते हैं. वे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और अपनी यात्रा का हिस्सा लोगों के सामने रखते हैं. उनकी कहानी यह सिद्ध करती है कि जीवन में बड़े बदलाव अक्सर अचानक होते हैं और वे व्यक्ति को वहां पहुंचा देते हैं जहां वह कभी पहुंचने की कल्पना भी नहीं करता.
