कभी-कभी शहर की सड़कों पर चलना साधारण सा काम नहीं होता. लोगों की सुरक्षा केवल नियमों से नहीं बल्कि दूसरे नागरिकों की सतर्कता से भी निर्धारित होती है. इंदौर शहर में शुक्रवार का दिन ऐसा ही था जब सड़क पर एक तेज़ रफ्तार बस मौत बनकर दौड़ रही थी. चालक नशे में था, नियंत्रण खो चुका था, परिणाम अनिश्चित था लेकिन कई लोगों की जान बच गई. यह घटना उस स्थिति की याद दिलाती है जब सड़क पर चलने वाले वाहन सिर्फ यातायात का साधन नहीं बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा बन जाते हैं.

शराब के नशे में ड्राइवर और तेज रफ्तार का खतरनाक मेल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस चालक भारी शराब के प्रभाव में था. आंखें लाल, शरीर असंतुलित और वाहन पर नियंत्रण समाप्त. वह जैसे-जैसे आगे बढ़ा, उसके वाहन की टक्कर कई जगह दिखने लगी. ड्राइवर द्वारा वाहन दीवारों, छोटी गाड़ियों और राह चलते व्यक्तियों के बेहद करीब से निकालना साफ संकेत था कि बस मौत के रास्ते पर नियंत्रण खो चुकी थी. इंजन की आवाज, सड़क पर घटते-घटते बढ़ते ब्रेक, तेज़ मोड़ों पर लहरा रही गाड़ी और पीछे भागते चेतावनी देते लोग.
नशे की हालत का असर बस की गति से स्पष्ट था. कुछ वाहन उससे टकराए और उनके मालिकों ने बस के पीछे भगदड़ की तरह दौड़ लगाई. लेकिन इस अव्यवस्था में एक व्यक्ति की सूझबूझ ने इस कहानी को मोड़ दिया.
बाइक सवार की सतर्कता बनी जीवनरक्षक कदम
एक युवक जिसे बस की हरकतें अजीब लगीं, तुरंत अपनी बाइक से आगे बढ़ा. उसकी नजर ड्राइवर पर थी. उसने अनुमान लगाया कि ड्राइवर नशे में है और यह स्थिति बहुत बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. उसने बाइक को तेज किया और चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक टीम को इस बारे में बताया. उन्होंने तुरंत कदम उठाया.
यही वह क्षण था जब सड़क पर एक संभावित हादसा पलट गया. थोड़ी-सी जानकारी समय पर मिल जाए तो उसका असर बहुत बड़ा हो सकता है. यही हुआ. युवक ने किसी एक व्यक्ति को नहीं बल्कि उस बस में बैठे मासूम यात्रियों और सड़क पर चलने वाले अनेक लोगों की जान बचाने की दिशा में काम किया.
ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और कार्रवाई
चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक टीम ने बस को रोकने के संकेत दिए. बस चालक नियंत्रण में नहीं था, लेकिन सड़क के अवरोध और पुलिस बल के मौके पर सक्रिय होने से बस आगे नहीं बढ़ सकी. पुलिसकर्मियों ने बस को घेरकर ड्राइवर को गिरफ्तार किया. मौके पर breath analysis कराई गई और पुष्टि हुई कि चालक पूरी तरह शराब के नशे में था.
बस को जब्त किया गया. यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया. कुछ लोग गुस्से में थे, कुछ भयभीत, लेकिन राहत सबके चेहरे पर थी. यह वह क्षण था जब जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी और सामान्य नागरिकों की सतर्कता ने शहर में बड़ा तनाव टाल दिया.
हादसे के संभावित परिणाम
यदि यह बस कुछ और दूरी तय कर लेती तो नतीजे कल्पना के बाहर हो सकते थे. शहर की व्यस्त सड़कें, ट्रैफिक सिग्नल, लोग ऑफिस समय में घर लौटते हुए या बाज़ार जाने वाले परिवार.
बस का आकार ऐसा था कि टकराकर दोपहिया वाहन चालक जान खो सकते थे, कारें उलट सकती थीं और पैदल चलते लोग गंभीर चोट का शिकार हो सकते थे. यही संभावनाएं कई मिनट के अंतराल में वास्तविक हादसे में बदल सकती थीं.
पीड़ितों की प्रतिक्रिया और मानसिक आघात
कुछ वाहन मालिक जिनके वाहन टकराए थे, बस रोकने के बाद मौके पर पहुंचे. उनकी चिंताएं स्वाभाविक थीं. सड़क पर होने वाली दुर्घटना केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि कई दिनों तक मानसिक भय भी साथ रखती है.
कोई अपनी बाइक दुरुस्त कराता है, कोई अपनी कार का कांच बदलवाता है, लेकिन जो दृश्य देखा वह देर तक मन में रह जाता है.
शराब पीकर वाहन चलाना सामाजिक अपराध
यह घटना केवल एक चालक का व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि सामाजिक जोखिम के समान है. शराब पीने के बाद निर्णय क्षमता खत्म हो जाती है. वाहन चलाना क्रूरता बन जाता है. वाहन चालक खुद को तो नुकसान पहुंचाता ही है, दूसरों का जीवन भी जोखिम में डाल देता है.
घटना की इस श्रृंखला में यह तथ्य स्पष्ट हो गया कि हमेशा कानून नहीं बल्कि मानवता और जागरूकता ही कई जीवन बचाती है.
शहर की सड़कों पर बढ़ रही चुनौतियाँ
बढ़ते वाहन, तेज़ गति, देर रात की यात्राएं और नशे की उपलब्धता ने शहर की यातायात स्थितियों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. सार्वजनिक परिवहन भी इससे अछूता नहीं रहा.
कई बार निजी ऑपरेटरों के चालक बिना पर्याप्त आराम किए वाहन चलाते हैं. कई बार वाहन की तकनीकी जांच ठीक समय पर नहीं होती. यही कारण है कि दुर्घटना का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है.
घटना से मिली शिक्षाएं
जब कोई ऐसी घटना सामने आती है तो यह केवल खबर नहीं रहती. यह चेतावनी बन जाती है. शहर को, प्रशासन को और आम नागरिक को.
सतर्क होना, समय रहते सूचना देना, सड़क पर नजर रखना और जिम्मेदारी निभाना इसी घटना ने साबित किया.
इस घटना ने उस युवा बाइक सवार को अदृश्य नायक बना दिया जिसने कोई पुरस्कार नहीं चाहा, बस जिम्मेदारी निभाई.
