भारत की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो इन दिनों एक बड़े संकट का सामना कर रही है। देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को फ्लाइट रद्द होने और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम जैसे बड़े शहरों में इंडिगो की उड़ानों में भारी व्यवधान आया है। पिछले सप्ताह डीजीसीए के आदेश के बावजूद एयरलाइन की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा, और शनिवार को भी देशभर के एयरपोर्ट्स पर 250 से अधिक फ्लाइट्स रद्द हुईं। इस संकट ने न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ाई, बल्कि हवाई किराए में अप्रत्याशित बढ़ोतरी भी की।

दिल्ली एयरपोर्ट पर 106 फ्लाइट्स रद्द हुईं, जिनमें 54 डिपार्चर और 52 अराइवल फ्लाइट्स शामिल थीं। मुंबई एयरपोर्ट पर स्थिति और भी गंभीर थी, जहां 109 फ्लाइट्स रद्द हो गईं। हैदराबाद एयरपोर्ट पर 69 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं, पुणे एयरपोर्ट पर 42 और गोवा में 12 फ्लाइट्स रद्द की गईं। तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर 11 आने वाली और 11 जाने वाली फ्लाइट्स में से 6 कैंसिल की गईं।
इस स्थिति के कारण एयरपोर्ट पर लंबी कतारें और यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। चेक-इन काउंटर और हेल्प डेस्क पर यात्रियों का घेरा लगा रहा, और कई लोग अपने ट्रैवल प्लान बदलने के लिए संघर्ष कर रहे थे। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि कुछ रूट्स पर हालात अभी भी अस्थिर हैं, और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा।
इंडिगो की इस परेशानी के पीछे कर्मचारियों का रोस्टर विवाद और एयरलाइन की आंतरिक प्रबंधन चुनौतियों को कारण बताया जा रहा है। एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, एयरलाइन में संचालन और कर्मचारियों के बीच तालमेल की कमी ने यह संकट जन्म दिया है। यात्रियों को प्रभावित न करने के लिए कई एयरलाइंस ने अपनी फ्लाइट्स बढ़ाई, जबकि रेलवे ने भी देशभर में 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच और 4 स्पेशल ट्रेनें संचालित की हैं।
साथ ही, हवाई किराया आसमान छू रहा है। दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर किराया 70,000 रुपये तक पहुंच गया, जबकि लंदन के लिए टिकट 25,000 रुपये तक बढ़ा। इंडिगो संकट ने यात्रियों के लिए ट्रैवल को महंगा और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की दुर्दशा को कम करने के लिए एयरलाइन और अन्य हितधारकों के साथ लगातार परामर्श किया है। मंत्रालय ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यात्रियों को ट्रैवल प्लान पहले से सुनिश्चित करना चाहिए और फ्लाइट स्टेटस की लगातार जांच करनी चाहिए। एयरलाइन की सेवाओं में सुधार की संभावना धीरे-धीरे बन रही है, लेकिन मौजूदा स्थिति में धैर्य और तैयारी ही यात्रियों के लिए सबसे सुरक्षित उपाय हैं।
इंडिगो का यह संकट न केवल भारतीय हवाई परिवहन व्यवस्था के ढांचे की परीक्षा है, बल्कि यह एयरलाइनिंग उद्योग में स्थिरता और संचालन की चुनौतियों को भी सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में एयरलाइन को अपने रोस्टर और संचालन में सुधार करना होगा, अन्यथा यात्रियों की नाराजगी और हवाई किराये की बढ़ोतरी दोनों जारी रह सकते हैं।
