मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल स्थानीय समाज में बल्कि पूरे राज्य में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी युवक महेश, जो उसके घर के सामने रहता है, उसने शादी का झांसा देकर युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर ले गया और उसके साथ जबरदस्ती की।

घटना 2 दिसंबर की बताई जा रही है। पीड़िता उस समय अपने घर के बाहर खड़ी थी, तभी आरोपी आया और उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ घर ले गया। इस दौरान आरोपी ने युवती के विरोध के बावजूद उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने तुरंत अपनी मां को घटना के बारे में बताया, लेकिन अगले दिन बड़ी बहन का सीजर ऑपरेशन होने के कारण वह तुरंत थाने नहीं जा सकी।
हालांकि, बहन के ऑपरेशन के बाद युवती ने अपनी मां के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी मिश्रा ने बताया कि आरोपी युवक की तलाश में पुलिस ने एक टीम गठित की है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है। फिलहाल आरोपी फरार है।
इस घटना ने स्थानीय समाज में गहरी चिंता और गुस्सा पैदा किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं और समाज में भय की स्थिति बनती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे।
इस घटना ने युवतियों और उनके परिवारों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि शादी का झांसा देकर दुष्कर्म जैसे मामलों से न केवल पीड़िता का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है बल्कि समाज में भरोसा और सुरक्षा की भावना भी कमजोर होती है।
पीड़िता के परिवार ने पुलिस से अपील की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें न्याय मिले। इसके साथ ही उन्होंने समाज से भी यह आग्रह किया कि ऐसे मामलों में पीड़िता का समर्थन करें और समाज में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे आएं।
इस प्रकार की घटनाएं केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि समाज में सुरक्षा और न्याय की व्यापक समस्या को दर्शाती हैं। हरदा जैसे छोटे शहरों में भी इस प्रकार की गंभीर घटनाओं का होना यह संकेत देता है कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है।
अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता इस घटना पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं ताकि ऐसे अपराधों की रोकथाम की जा सके और युवतियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके।
इस मामले ने मीडिया और समाज के अन्य हिस्सों में भी गहरी हलचल पैदा कर दी है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आरोपी कब तक गिरफ्तार होगा और पीड़िता को न्याय कब मिलेगा। पुलिस लगातार जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में पूरे क्षेत्र में सक्रिय है।
हरदा जिले के लोग इस घटना के बाद सतर्क हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने महिलाओं और युवतियों के लिए सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने की घोषणा की है। इसके साथ ही समुदाय के लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में सामाजिक जागरूकता और शिक्षा का बहुत महत्व है। युवा वर्ग को समझाना कि किसी भी प्रकार का दबाव, झांसा या फुसलाव अपराध है और इसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, इस प्रकार की घटनाओं की संख्या को कम करने में मदद करेगा।
पीड़िता और उसके परिवार ने यह भी बताया कि उन्हें इस घटना के बाद मानसिक और भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता है। समाज के लोगों और प्रशासन को चाहिए कि वे पीड़िता के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करें और उसके पुनर्वास में मदद करें।
इस प्रकार की घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए केवल कानूनी कदम ही नहीं बल्कि सामाजिक और मानसिक समर्थन भी महत्वपूर्ण है।
