गाजा पट्टी में संघर्षविराम की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में घोषणा की है कि गाजा के निरस्त्रीकरण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संघर्षविराम का दूसरा चरण शीघ्र ही शुरू होगा। इस चरण की शुरुआत इस्राइल और हमास के बीच पूर्व निर्धारित शर्तों के पूर्ण होने के बाद ही होगी। खासतौर पर यह तब होगा जब गाजा में बंदी बनाए गए अंतिम इस्राइली पुलिस अधिकारी रण ग्विली का शव लौटाया जाएगा।

रण ग्विली, 24 वर्षीय इस्राइली पुलिस अधिकारी, 7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमले में मारे गए थे और उनका शव तब गाजा ले जाया गया था। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ग्विली का शव लौटने के बाद ही संघर्षविराम का दूसरा चरण शुरू होगा।
संघर्षविराम की योजना और अमेरिका की भूमिका
संघर्षविराम की यह प्रक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्री योजना के तहत चल रही है। इस योजना का उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना, मानवीय सहायता प्रदान करना और क्षेत्रीय तनाव को कम करना है। नेतन्याहू ने कहा कि पहले चरण में इस्राइल द्वारा 15 फलस्तीनी शवों की वापसी और ग्विली के शव की प्राप्ति के बाद ही द्वितीय चरण का क्रियान्वयन संभव होगा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था
दूसरे चरण में गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और दिन-प्रतिदिन के प्रशासन के लिए एक अस्थायी फलस्तीनी सरकार का गठन शामिल है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि उनकी सरकार इस योजना के क्रियान्वयन में सहयोग कर रही है। जर्मनी ने अमेरिकी नेतृत्व वाले समन्वय केंद्र में अपने अधिकारी भेजे हैं और गाजा को मानवीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। मर्ज ने दोहराया कि जर्मनी इस्राइल की सुरक्षा और अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्ध है।
हमास की चुनौतियां और देरी
हमास ने बताया कि मलबे में दबे शवों तक पहुंच न होने के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। दूसरी ओर, इस्राइल ने चेतावनी दी है कि यदि सभी अवशेष नहीं लौटाए गए तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है या मानवीय सहायता रोकी जा सकती है।
तीसरे चरण की रूपरेखा
पीएम नेतन्याहू ने यह भी बताया कि तीसरा चरण, यानी गाजा का डी-रैडिकलाइजेशन, चुनौतीपूर्ण तो है लेकिन असंभव नहीं। इस चरण का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना और चरमपंथी गतिविधियों को समाप्त करना होगा।
मानवीय संकट और नुकसान
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्षविराम लागू होने के बावजूद इस्राइली कार्रवाई में 370 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही हजारों लोग घायल हुए हैं और क्षेत्र में व्यापक मानवीय संकट बना हुआ है। भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
संघर्षविराम और वैश्विक राजनीतिक प्रभाव
गाजा में संघर्षविराम का दूसरा चरण न केवल इस्राइल और हमास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्यपूर्व क्षेत्र और वैश्विक राजनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका, जर्मनी और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थान इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
निष्कर्ष
गाजा का संघर्षविराम न केवल सैन्य और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानवीय संकट को कम करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस्राइल और हमास के बीच शांति प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सक्रिय भूमिका और स्थानीय प्रशासन की तत्परता आवश्यक है।
