भोपाल शहर के बैरागढ़ क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से किन्नरों के दो प्रमुख गुटों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था। दोनों गुटों का आरोप-प्रत्यारोप और क्षेत्रीय अधिकारों की जंग नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गई थी। एक गुट पर जबरिया वसूली का आरोप है, वहीं दूसरा गुट अपने क्षेत्रीय अधिकारों की रक्षा करना चाहता है और चाहता है कि किसी भी अन्य गुट को उनके इलाके में प्रवेश न करने दिया जाए।

स्थानीय नागरिकों ने बार-बार शिकायत की थी कि इस विवाद के कारण बाजार और आसपास के इलाकों में सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। दुकानदार, राहगीर और परिवारिक लोग इन गुटों की झगड़बंदी से तनाव में रहते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि केवल संवाद और पंचायत के हस्तक्षेप से ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
पंचायत ने बुलाई तीसरी बैठक
स्थानीय पूज्य सिंधी पंचायत ने रविवार को विवाद को सुलझाने के लिए तीसरी बार किन्नरों के दोनों गुटों की बैठक बुलाई। इस बार पंचायत ने फैसला किया कि बैठक में नगर के गणमान्य नागरिकों को भी बुलाया जाएगा ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके और सर्वमान्य निर्णय लिया जा सके।
बैठक की शुरुआत में ही पुराने मुद्दों और क्षेत्र विस्तार को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। लंबे समय से सक्रिय किन्नर गुरु रम्मो नायक ने अपने इलाके में किसी अन्य गुट के नेग वसूली करने के अधिकार को चुनौती दी। उनका कहना था कि उनका इलाका लंबे समय से उनके नियंत्रण में है और किसी को भी इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
दूसरे गुट की मुखिया सुरैय्या नायक ने इसका जवाब देते हुए कहा कि बैरागढ़ और आसपास के इलाके का क्षेत्र अब बढ़ गया है और उनके गुट को भी नेग वसूली की अनुमति दी जानी चाहिए। उनका तर्क था कि क्षेत्र विस्तार को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए।
जबरिया वसूली को लेकर बढ़ा विवाद
बैठक के दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सुरैय्या गुट के किन्नर जबरिया वसूली कर रहे हैं। इस आरोप ने विवाद को और बढ़ा दिया और रम्मो नायक एवं सुरैय्या नायक के बीच बहस काफी तनावपूर्ण हो गई।
इस बहस के दौरान किन्नर काजल ठाकुर की बात पर पंचायत पदाधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक भड़क गए। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राम बंसल ने दूसरे गुट को सख्त फटकार लगाई और कहा कि यहाँ गुंडागर्दी और जबरिया वसूली की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। उनकी कड़ी चेतावनी के बाद माहौल में कुछ सुधार आया।
पंचायत अध्यक्ष ने सुझाया सर्वमान्य समाधान
पंचायत अध्यक्ष माधु चांदवानी ने सभी को शांत रहने और एक सर्वमान्य हल निकालने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किन्नरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा हुआ है। इसलिए, सभी गुटों को मिलकर एक न्यायपूर्ण समाधान पर पहुंचना चाहिए।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बैरागढ़, हलालपुर, बैरागढ़ कला, भैंसाखेड़ी और भौंरी तक रम्मो गुट नेग वसूली करेगा। त्यौहारों और बाजार में भी पुराना गुट ही सक्रिय रहेगा। वहीं, विजय लालघाटी, एयरपोर्ट रोड और गांधीनगर में सुरैय्या गुट नेग वसूली करेगा।
पुलिस की मध्यस्थता और मामला शांत
निर्णय तय होने के बावजूद कुछ बहसें हुईं, लेकिन इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी ने माहौल को शांत किया और दोनों गुटों ने अनुशासन का पालन करना शुरू किया। पंचायत अध्यक्ष चांदवानी ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों गुट निर्णय का पालन नहीं करेंगे तो पुलिस की मदद ली जाएगी।
पंचायत की चेतावनी और भविष्य की योजना
बैठक में कन्हैया इसरानी, नरेश तोलानी, नंद दादलानी, मनीष बागवानी, कमल वीधानी, मोहन लालवानी और अमित राजानी जैसे गणमान्य नागरिकों ने भी सुझाव दिए। उन्होंने सभी गुटों को चेतावनी दी कि केवल सहयोग और नियमों का पालन ही लंबे समय तक शांति बनाए रखने का तरीका है।
इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि किन्नरों के बीच विवाद का समाधान केवल संवाद, पंचायत और प्रशासन की सक्रिय भूमिका से ही संभव है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब इलाके में शांति और सामान्य जीवन बहाल होगा।
निष्कर्ष
भोपाल के बैरागढ़ में किन्नरों के दो गुटों के बीच विवाद ने यह दिखाया कि समाज में छोटे-छोटे समूहों के बीच भी क्षेत्रीय अधिकार और वसूली के मुद्दे गंभीर तनाव पैदा कर सकते हैं। पंचायत और प्रशासन की सक्रिय भूमिका, गणमान्य नागरिकों की भागीदारी और पुलिस की सावधानीपूर्ण हस्तक्षेप ने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह मामला समाज के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने और न्यायपूर्ण समाधान खोजने का उदाहरण भी पेश करता है।
