भारत की तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ते कदम और AI तकनीक के व्यापक उपयोग को देखते हुए, टाटा समूह और अमेरिकी चिपमेकर इंटेल ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य केवल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में अग्रणी बनाना भी है।

टाटा समूह और इंटेल के बीच 8 दिसंबर 2025 को किए गए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग का मार्ग प्रशस्त किया गया है। इस समझौते के माध्यम से दोनों कंपनियां भारत के घरेलू सेमीकंडक्टर और कंप्यूट इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए रणनीतिक साझेदारी करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। इसके माध्यम से AI-सक्षम PC सॉल्यूशंस, एडवांस्ड पैकेजिंग, और कंज्यूमर तथा एंटरप्राइज हार्डवेयर के विकास को गति मिलेगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के आने वाले फैब और OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट में स्थानीय बाजार के लिए इंटेल उत्पादों का उत्पादन और पैकेजिंग किया जाएगा।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
भारत तेजी से डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इकोनॉमी के क्षेत्र में देश ने जो तेजी दिखाई है, उसके चलते स्थानीय मांग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी हो रही है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में जियो-रेजिलिएंट इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करना है।
टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस कदम को देश के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी न केवल उत्पादन को बढ़ाएगी, बल्कि नवाचार और तकनीकी दक्षता को भी गति देगी। इंटेल के CEO लिप-बु टैन ने भी इसे भारत की तेजी से बढ़ती कंप्यूटिंग क्षमता का समर्थन करने वाला कदम बताया।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक भारत दुनिया के टॉप-5 कंप्यूटर बाजारों में शामिल हो सकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में इंटेल के AI कंप्यूट रेफरेंस डिजाइन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) क्षमताओं का लाभ उठाया जाएगा।
सेमीकंडक्टर और AI-इनेबल्ड PC सॉल्यूशंस में संभावनाएं
भारत में AI-इनेबल्ड PC और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस साझेदारी के माध्यम से दोनों कंपनियां कंज्यूमर और एंटरप्राइज हार्डवेयर के लिए नए अवसर तलाशेंगी।
फैक्ट्री और OSAT प्लांट में उत्पादन के साथ-साथ एडवांस्ड पैकेजिंग और सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, दोनों कंपनियां उच्च गुणवत्ता वाले AI PC सॉल्यूशंस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को बड़े पैमाने पर विकसित करने पर काम करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में मदद करेगी। देश में नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक मार्केट में भारत की पहचान और मजबूत होगी।
स्थानीय और वैश्विक लाभ
- स्थानीय बाजार के लिए अवसर:
इस साझेदारी से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और AI-उत्पादों की आपूर्ति मजबूत होगी। - वैश्विक प्रतिस्पर्धा:
भारत दुनिया के प्रमुख कंप्यूटिंग बाजारों में शामिल होकर वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में कदम रख सकेगा। - तकनीकी नवाचार:
AI-इनेबल्ड PC और एडवांस्ड पैकेजिंग के माध्यम से तकनीकी क्षमता में सुधार होगा। - आर्थिक विकास:
स्थानीय उत्पादन से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
भविष्य की संभावनाएं और वैश्विक रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा और इंटेल की यह साझेदारी भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को दशकों तक नई दिशा देगी। आने वाले वर्षों में, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की भूमिका और भी मजबूत होगी।
यह समझौता केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है; इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार, तकनीकी नवाचार, और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस तक महसूस किया जाएगा। भारत में उत्पादन और पैकेजिंग का विस्तार भविष्य में वैश्विक मार्केट में देश की प्रतिस्पर्धा को नई दिशा देगा।
