भारत की क्रिकेट विरासत को अक्सर बल्लेबाजी कौशल, निरंतरता और विश्वसनीय प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है। जब भी विश्व क्रिकेट में बल्लेबाजों की बात होती है, तो भारत का नाम स्वाभाविक रूप से अग्रणी देशों में आता है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण हर बार ताज़ा जारी होने वाली आईसीसी रैंकिंग में दिखता है। इस बार भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें और गर्व बढ़ाते हुए वनडे रैंकिंग में शीर्ष दो पायदान पर भारतीय नाम दर्ज हुए हैं।

वरिष्ठ ओपनर और मौजूदा समय के संभवतः सबसे स्थिर बल्लेबाज रोहित शर्मा पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि उनके समानतर आगे बढ़ते हुए विराट कोहली दूसरे पायदान तक पहुंच गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच का अंतर केवल आठ अंक का है, जिससे आने वाली श्रृंखला में यह मुकाबला और भी रोचक बन सकता है।
विराट कोहली की वापसी का प्रभाव
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ताज़ा समाप्त हुई तीन मैचों की सीरीज़ में विराट कोहली अपनी चरम क्षमता में दिखाई दिए। लगातार दबाव की स्थितियों में खेलने, और लगभग हर मैच में टीम की उम्मीदों को पूरा करने वाले कोहली ने 302 रन बनाए। इसी के आधार पर उन्हें सीरीज़ का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया और साथ ही रैंकिंग में दो स्थानों की छलांग भी मिली।
दक्षिण अफ्रीका की तेज़ और उछाल वाली पिचों पर रन बनाना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन विराट की बल्लेबाजी की परिपक्वता और तकनीकी दृढ़ता ने इसे संभव बनाया। उनकी दो शतकीय पारियां न केवल व्यक्तिगत सफलता थीं, बल्कि भारत की भावी वनडे योजना का मजबूत संकेत भी।
उनकी दक्षिण अफ्रीका दौरे की तीन पारियों की समीक्षा करें, तो तीस ओवर के भीतर विपक्षी टीम को बिखेरने की क्षमता और स्पिन-फास्ट मिश्रित अटैक में रनों को नियंत्रित करने के तरीकों की समझ स्पष्ट दिखाई देती है।
रोहित शर्मा का निरंतर प्रदर्शन
भारत में वनडे क्रिकेट का अर्थ रोहित शर्मा से अलग नहीं किया जा सकता। उनकी बल्लेबाजी शैली सहज, संतुलित और अत्यंत आक्रामक रहती है। इस सीरीज में एक शतक भले न आया, लेकिन उनके 146 रनों ने शुरुआती साझेदारियाँ मजबूत बनाईं, जिनका सीधा लाभ मध्य क्रम को मिला।
रोहित के पास हमेशा अधिक रेटिंग अंक रहते हैं क्योंकि वह लगातार सीरीज-दर-सीरीज मज़बूती से प्रदर्शन करते हैं। उनकी कप्तानी का असर भी बल्लेबाजी में दिखाई देता है, क्योंकि वह परिस्थिति के अनुरूप खुद को ढालते हैं।
टीम इंडिया अब 11 जनवरी से न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे मुकाबले खेलने जा रही है, जहाँ यह मुकाबला और दिलचस्प होगा कि क्या कोहली रोहित को पीछे छोड़ पाएंगे या रोहित अपनी बढ़त बनाए रखेंगे।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों की रैंकिंग और प्रभाव
कोहली और रोहित के अलावा टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल को भी रैंकिंग में बढ़त मिली है। राहुल अब 12वें नंबर पर हैं।
राहुल के लिए यह बढ़त केवल बैटिंग नंबर नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि वह अभी भी भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ हैं। उनके शॉट चयन, पारी सँभालने का कौशल और तेज परिस्थितियों में टिके रहने की क्षमता टीम को मजबूती देती है।
गेंदबाजी में कुलदीप यादव ने फिर साबित किया कि wrist spin भारतीय क्रिकेट की सबसे मजबूत पहचान है। उन्होंने रैंकिंग में तीन स्थान की छलांग लगाते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। टी20 प्रारूप में जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह को भी लाभ मिला।
टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज़ गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने एशेज में लगातार दो टेस्ट मैचों में 18 विकेट झटके, जिसमें उन्हें दो बार मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस प्रदर्शन से वे तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
यहां समझना आवश्यक है कि एक गेंदबाज का टेस्ट प्रदर्शन सीधा उसकी बारीकी और नियंत्रण का परिचायक होता है।
इंग्लैंड के हैरी ब्रुक नीचे आए, जबकि न्यूजीलैंड के रचिन रविंद्र 15वें स्थान तक पहुंचे।
टी20 में उभरते चेहरे का असर
टी20 में दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को पदार्पण मैच में अर्धशतक लगाकर आठवां स्थान मिला।
ब्रेविस आधुनिक क्रिकेट का उदाहरण हैं — पावर हिटिंग, क्रिएटिव दिशाएँ और सीमित समय में अधिकतम स्कोरिंग।
भारतीय गेंदबाज बुमराह और अर्शदीप अपनी सटीक yorkers और वेरिएशन के माध्यम से रैंकिंग में चढ़ते रहे।
आगे की उम्मीदें और संभावित परिणाम
अब पूरा ध्यान भारत-न्यूज़ीलैंड श्रृंखला पर रहेगा। यह केवल दो खिलाड़ियों की लड़ाई नहीं; यह भारतीय क्रिकेट की वर्तमान स्थिति का परीक्षण है।
कोहली अपने सुनहरे दौर में लौट चुके हैं और रोहित की फॉर्म स्थिर है। यदि दोनों पहला और दूसरा स्थान बरकरार रखते हैं, तो विश्वकप-2027 की तैयारी में भारत मानसिक रूप से मजबूत रहेगा।
