सर्जरी किसी भी व्यक्ति के जीवन में एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। चाहे वह छोटी या बड़ी सर्जरी हो, मरीज के शरीर की प्रतिक्रिया, एनेस्थेसिया का असर और रिकवरी की प्रक्रिया कई कारकों पर निर्भर करती है। ऐसे में कुछ लोग सर्जरी से पहले तनाव या घबराहट को कम करने के लिए शराब का सेवन कर लेते हैं। हालांकि, यह एक गलत धारण है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे खतरनाक मानते हैं।

एनेस्थेसियोलॉजिस्ट यानी वे डॉक्टर जो मरीज को सर्जरी के दौरान बेहोश करने और एनेस्थेटिक दवाओं की खुराक नियंत्रित करने का कार्य करते हैं, वे स्पष्ट रूप से बताते हैं कि सर्जरी से पहले शराब का सेवन गंभीर जटिलताएँ पैदा कर सकता है।
सर्जरी से केवल 24 घंटे पहले शराब पीना भी खतरनाक हो सकता है। शराब और एनेस्थेटिक दवाओं के बीच प्रतिकूल प्रतिक्रिया होने का खतरा रहता है। यह प्रतिक्रिया मरीज की सुरक्षा और ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की रणनीति दोनों को प्रभावित करती है।
शराब और एनेस्थेसिया के बीच संबंध
एनेस्थेटिक दवाएं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर काम करती हैं। शराब भी इसी तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालती है। यदि शरीर में शराब मौजूद हो, तो निर्धारित एनेस्थेटिक दवा का असर कम हो सकता है। इसका मतलब है कि डॉक्टर को मरीज को बेहोश करने के लिए अधिक दवा देना पड़ सकती है।
लंबे समय तक शराब पीने वाले मरीजों में लिवर एंजाइम और रिसेप्टर संवेदनशीलता में बदलाव आ जाता है, जिससे एनेस्थेसिया की प्रक्रिया और भी जटिल हो जाती है।
शराब का सेवन एनेस्थेसिया के दौरान बेहोशी को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा या घटा सकता है। इससे ऑपरेशन के दौरान श्वसन अवसाद, एस्पिरेशन (गैस्ट्रिक सामग्री का श्वास मार्ग में जाना), और रक्तचाप में असामान्य उतार-चढ़ाव जैसी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव
शराब रक्त वाहिकाओं के फैलाव का कारण बनती है और ब्लड प्रेशर को तेजी से कम कर सकती है। एनेस्थेसिया भी रक्तचाप को कम करता है। यदि दोनों एक साथ होते हैं, तो यह हृदय फंक्शन और ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित बेहोशी में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
लगातार शराब का सेवन एनेस्थेटिक दवाओं के असर को अप्रत्याशित बना देता है। इसके कारण मरीज के हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर में असामान्य गिरावट आ सकती है, जिससे सर्जरी के दौरान खतरा बढ़ जाता है।
खून बहने और प्लेटलेट्स पर प्रभाव
शराब प्लेटलेट्स के कार्य और खून जमने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसका परिणाम यह होता है कि ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव हो सकता है। शराब प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और कोलेजन सिंथेसिस को भी कमजोर करती है। इसका मतलब है कि सर्जरी के बाद घाव भरने और संक्रमण से बचने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
यदि मरीज ने नियमित रूप से शराब का सेवन किया है, तो डॉक्टर को ऑपरेशन से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। सर्जरी में रक्तस्राव और रिकवरी में देरी जैसी समस्याएँ आम हो सकती हैं।
शराब के सेवन के प्रकार और उनका असर
डॉक्टर कहते हैं कि रोजाना शराब पीने वाले और सप्ताह में एक-दो बार शराब पीने वाले मरीजों पर असर अलग-अलग होता है। नियमित शराब सेवन से शरीर में एंजाइम और रिसेप्टर परिवर्तन आते हैं, जिससे एनेस्थेटिक दवाओं का प्रभाव असामान्य हो जाता है।
सप्ताह में कभी-कभार शराब पीने वाले मरीजों पर असर कम हो सकता है, लेकिन सर्जरी से पहले शराब पीना हमेशा जोखिम भरा होता है। एनेस्थेसियोलॉजिस्ट को इस बात की पूरी जानकारी होना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि वे सही डोज और सावधानियां तय कर सकें।
डॉक्टर की सलाह और एहतियात
एनेस्थेसियोलॉजिस्ट हमेशा सलाह देते हैं कि मरीज को अपनी शराब सेवन की आदतों के बारे में पूरी जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए। यह न केवल डोज निर्धारण में मदद करता है, बल्कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी जटिलता से बचने में भी सहायक होता है।
शराब का सेवन छुपाने से डॉक्टर को सही डोज निर्धारित करने में मुश्किल होती है, जिससे मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर जोखिम बन सकता है। यदि मरीज सर्जरी से कम से कम 24 घंटे पहले शराब का सेवन रोक दें, तो एनेस्थेसिया अधिक सुरक्षित और नियंत्रित हो सकता है।
रिकवरी और ऑपरेशन के बाद प्रभाव
शराब सर्जरी के बाद रिकवरी को भी प्रभावित करती है। यह शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को कम करती है, जिससे संक्रमण और घाव भरने में समस्या हो सकती है। ऑपरेशन के बाद मरीज को अधिक समय तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
इसके अलावा, शराब प्लेटलेट्स और रक्त के जमने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। यह ऑपरेशन के दौरान खून बहने का खतरा बढ़ाती है। रिकवरी की प्रक्रिया धीमी होने से मरीज को अधिक निगरानी और देखभाल की आवश्यकता होती है।
निष्कर्ष
सर्जरी से पहले शराब पीना सिर्फ एक स्वास्थ्य जोखिम नहीं है, बल्कि यह एनेस्थेसिया, ब्लड प्रेशर, हृदय स्वास्थ्य और रिकवरी सभी को प्रभावित करता है। डॉक्टर हमेशा यह सलाह देते हैं कि ऑपरेशन से कम से कम 24 घंटे पहले शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें।
एनेस्थेसियोलॉजिस्ट के पास मरीज की शराब सेवन संबंधी जानकारी होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही जानकारी से ही ऑपरेशन सुरक्षित और सफल हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय स्पष्ट है कि सर्जरी से पहले शराब से परहेज करना ही सर्वोत्तम और सुरक्षित विकल्प है।
