11 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में एक ऐसा दिन आने वाला है, जो तकनीक प्रेमियों और स्मार्ट डिवाइस उपयोगकर्ताओं के लिए यादगार साबित होगा। आईफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बनाने वाली विश्व प्रसिद्ध कंपनी एप्पल अपनी उपस्थिति भारत में और मजबूत कर रही है। इस अवसर पर नोएडा के डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया में एप्पल का नया स्टोर खुलने जा रहा है। यह स्टोर न केवल उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद खरीदने का केंद्र बनेगा, बल्कि एक ऐसी जगह भी होगी, जहां लोग नवीनतम तकनीक को समझ सकते हैं, अनुभव कर सकते हैं और सीख सकते हैं।

भारत में एप्पल के अब तक कुल पांच स्टोर हैं। इनमें पहले से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे शामिल हैं। नोएडा का यह स्टोर उत्तर प्रदेश का पहला एप्पल स्टोर होगा। स्टोर की लोकेशन को विशेष रूप से इस तरह चुना गया है कि यह ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और साउथ दिल्ली के ग्राहकों के लिए आसानी से सुलभ हो।
एप्पल नोएडा स्टोर की विशेषताएँ
नोएडा स्टोर सिर्फ उत्पाद बेचने की जगह नहीं है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्राहक अपने अनुभव को पूरी तरह से महसूस कर सकें। स्टोर के उद्घाटन दिन से ही 80 से अधिक प्रशिक्षित विशेषज्ञ ग्राहकों की सहायता के लिए उपस्थित रहेंगे। ये विशेषज्ञ ग्राहकों को एप्पल के सभी डिवाइस के बारे में जानकारी देंगे। इसमें लेटेस्ट आईफोन, नया आईपैड, एप्पल वॉच और अन्य गैजेट शामिल हैं।
ग्राहकों के लिए स्टोर में कई खास सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। यदि कोई ग्राहक पहली बार iOS का उपयोग कर रहा है, तो उसे आसानी से स्विच करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पुरानी डिवाइस को एक्सचेंज करने, किस्तों पर खरीदारी करने और एक्सपर्ट सलाह प्राप्त करने की सुविधा भी ग्राहकों को दी जाएगी। यह अनुभव एप्पल के अंतरराष्ट्रीय स्टोर के समान ही आधुनिक और सुविधाजनक होगा।
किराया और लीज डिटेल्स
नोएडा के डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया में एप्पल स्टोर 8,240.78 वर्ग फुट में फैला हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल ने इस स्टोर को 11 साल के लिए लीज पर लिया है। इस अवधि में कुल किराया लगभग 65 करोड़ रुपये का होगा। स्टोर के ग्राउंड फ्लोर पर छह यूनिट्स को लीज पर लिया गया है। हर महीने किराया प्रति वर्ग फुट 263.15 रुपये के हिसाब से लिया गया है। इसका मतलब है कि हर महीने कुल किराया लगभग 45.3 लाख रुपये और सालाना लगभग 5.4 करोड़ रुपये है।
लीज एग्रीमेंट के अनुसार, हर तीन साल में किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही एक साल का किराया माफ भी रखा गया है। यह समझौता 25 फरवरी 2025 को साइन किया गया था। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि एप्पल भारत में अपने स्टोर की लॉन्ग-टर्म योजना को लेकर गंभीर है और यह निवेश कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।
नोएडा क्यों चुना गया?
नोएडा के डीएलएफ मॉल का चयन केवल एक रिटेल स्थान के रूप में नहीं किया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह लोकेशन दर्शाती है कि एप्पल नोएडा के बढ़ते आर्थिक और रिटेल महत्व को लेकर गंभीर है। मॉल का स्थान ऐसे क्षेत्र में है, जो दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और ग्रेटर नोएडा के उपभोक्ताओं को कवर करता है।
रिटेल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्टोर ग्राहकों के लिए नए अनुभव और सुविधा का केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से एप्पल न केवल अपने उत्पादों को प्रमोट करेगी, बल्कि ग्राहकों को एप्पल के डिजिटल और इनोवेटिव इकोसिस्टम से जोड़ने का अवसर भी मिलेगा।
स्टोर का अनुभव और ग्राहक केंद्रित सेवाएँ
एप्पल नोएडा स्टोर में ग्राहक अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। यहां ग्राहक अपनी सुविधानुसार डिवाइस को कस्टमाइज़ कर सकेंगे। यदि किसी को पहली बार आईओएस का उपयोग करना है, तो एक्सपर्ट उसकी मदद करेंगे। इसके अलावा, ट्रेड-इन के जरिए पुराने डिवाइस को बदलकर नया डिवाइस लेना भी संभव होगा। स्टोर में किस्तों पर खरीदारी की सुविधा होगी, ताकि ग्राहक बड़ी रकम को आसानी से मैनेज कर सकें।
ग्राहक केवल उत्पाद खरीदने नहीं आएंगे, बल्कि सीखने और नए अनुभव हासिल करने आएंगे। एप्पल का यह स्टोर शिक्षा, इंटरेक्शन और तकनीकी समझ का केंद्र बनकर उभरेगा।
भारत में एप्पल की रणनीति
एप्पल का यह कदम भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में तकनीकी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। स्मार्टफोन और डिजिटल डिवाइस के उपयोग से जुड़े उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में नोएडा स्टोर एप्पल के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
एप्पल का यह निवेश दर्शाता है कि भारत के उपभोक्ता बाजार में कंपनी का भरोसा मजबूत है। स्टोर के डिजाइन, सुविधाओं और लोकेशन को देखकर यह स्पष्ट होता है कि एप्पल ने ग्राहक अनुभव को प्राथमिकता दी है।
निष्कर्ष
नोएडा में एप्पल स्टोर का उद्घाटन न केवल उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत में डिजिटल और तकनीकी अनुभव को नई दिशा देगा। यह स्टोर ग्राहक सेवा, शिक्षा और खरीदारी का मिश्रण होगा। एप्पल की यह पहल भारत में ब्रांड की पकड़ और निवेश रणनीति को मजबूत करेगी।
