मध्यप्रदेश के भोपाल और आसपास के रेलवे मार्गों पर यात्रियों के मोबाइल चोरी होने की घटनाओं में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। यात्रियों की शिकायतों के अनुसार, ट्रेन यात्रा के दौरान या स्टेशन पर रुकावट के समय उनके मोबाइल अचानक गायब हो रहे हैं। इन घटनाओं में केवल मोबाइल ही नहीं, बल्कि कभी-कभी मोबाइल कवर में रखे नकद राशि भी चोर ले जाते हैं। इन वारदातों की कीमत हजारों रुपये तक बताई जा रही है।

रेलवे सुरक्षा अधिकारियों और यात्रियों के अनुसार, यह समस्या विशेष रूप से भोपाल–इटारसी रूट पर लगातार बढ़ रही है। जीआरपी ने हाल ही में कई मामलों में अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
यात्रियों के अनुभव और चोरी की घटनाएं
हाल ही में दीपांशु पांडेय मुंबई से प्रयागराज जा रहे थे। वह लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। ट्रेन इटारसी स्टेशन पहुंचने से करीब बीस मिनट पहले आउटर पर खड़ी थी, इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी किए गए मोबाइल की कीमत 15 हजार रुपये बताई गई है। साथ ही मोबाइल कवर में रखे 5 हजार रुपये नकद भी चोरी हो गए। जीआरपी ने इस मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
इसी प्रकार, अहमदपुर (जिला सीहोर) निवासी मनोज गौर ओवर नाइट एक्सप्रेस से भोपाल से जबलपुर जा रहे थे। ट्रेन में चढ़ते समय किसी ने उनकी जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। चोरी किए गए मोबाइल की कीमत 12 हजार रुपये थी।
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) निवासी सुरेश पाल नर्मदा एक्सप्रेस से पैंड्रा रोड से उज्जैन की ओर यात्रा कर रहे थे। भोपाल स्टेशन पर उनकी नींद खुली तो पाया कि जेब में रखा 21 हजार रुपये कीमत का मोबाइल गायब था।
झांसी (उत्तर प्रदेश) निवासी चंद्रभान सिंह का मोबाइल भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चोरी हो गया। चोरी किए गए मोबाइल की कीमत 30 हजार रुपये बताई गई है।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि यात्रियों को स्टेशन पर और ट्रेन यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना अनिवार्य है।
चोरी की बढ़ती घटनाओं के कारण
विशेषज्ञ मानते हैं कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ और ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों की असावधानी चोरों के लिए मौका बनती है। अधिकतर मामले तब होते हैं जब यात्री अपने मोबाइल फोन को आसानी से पहुंच योग्य स्थानों में रखते हैं।
ट्रेन में सफर करते समय यात्रियों की थकान और नींद का फायदा उठाकर चोर मोबाइल और नकदी चोरी कर लेते हैं। इसके अलावा स्टेशन प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की निगरानी कम होने के कारण चोरी की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है।
जीआरपी ने चेतावनी दी है कि यात्रियों को अपने मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।
जीआरपी की कार्रवाई और सुरक्षा उपाय
जीआरपी ने इन मामलों की जांच शुरू कर दी है और चोरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन यात्रा की रिकॉर्डिंग की समीक्षा की जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे मोबाइल और अन्य कीमती सामान की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें।
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाने, प्लेटफॉर्म पर पुलिस पेट्रोलिंग और यात्रियों को जागरूक करने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अपने मोबाइल को हाथ में सीधे पकड़कर न रखें।
यात्रियों के लिए सुझाव
यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मोबाइल चोरी की घटनाओं से बचने के लिए उन्हें हमेशा अपने डिवाइस को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। ट्रेन यात्रा के दौरान अपने बैग या जेब में मोबाइल सुरक्षित रखें। यदि किसी यात्री को चोरी का अंदेशा हो, तो तुरंत जीआरपी या ट्रेन स्टाफ को सूचित करें।
यात्रियों को यह समझना होगा कि केवल अपनी सुरक्षा के प्रति सावधानी रखना ही मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं को कम कर सकता है।
निष्कर्ष
भोपाल रूट पर मोबाइल चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और यह यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। जीआरपी ने मामलों की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जा रहा है। यात्रियों को अपनी सतर्कता बढ़ाने और अपने कीमती सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए यात्रियों को हमेशा सजग रहना होगा और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
