भारत की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक, KEC इंटरनेशनल ने हाल ही में अपने ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) और सिविल बिजनेस में कुल ₹1,150 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। RPG ग्रुप की यह कंपनी देश में अपनी मजबूती और तकनीकी दक्षता के लिए जानी जाती है। इस नए ऑर्डर की घोषणा ने निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है, हालांकि कंपनी के शेयरों ने 2025 में अब तक लगभग 42% की गिरावट दर्ज की है।

KEC इंटरनेशनल का यह प्रमुख ऑर्डर 765 kV ट्रांसमिशन लाइन और 765/400 kV AIS सबस्टेशन के निर्माण से संबंधित है। यह प्रोजेक्ट टर्नकी (LSTK) आधार पर पूरा किया जाएगा, जिसका मतलब है कि कंपनी योजना, निर्माण, और सामग्री आपूर्ति सभी जिम्मेदारियों को संभालेगी। यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से भारत में रिन्यूएबल एनर्जी के पावर इवैकुएशन को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है।
कंपनी ने अपने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि इस परियोजना के तहत नवीनतम तकनीक और सुरक्षा मानकों के साथ कार्य किया जाएगा। इस प्रकार के प्रोजेक्ट्स न केवल ऊर्जा क्षेत्र में योगदान देते हैं, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देते हैं। KEC इंटरनेशनल के लिए यह ऑर्डर उसके घरेलू T&D कारोबार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी का निजी क्षेत्र में विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
सिविल बिजनेस के क्षेत्र में भी KEC ने अपनी पकड़ मजबूत की है। कंपनी को एक बड़े निजी खिलाड़ी से 150 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट के लिए अतिरिक्त सिविल और स्ट्रक्चरल वर्क का ऑर्डर मिला है। यह कदम यह दिखाता है कि KEC इंटरनेशनल केवल ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि पावर जनरेशन और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में भी अपनी भूमिका बढ़ा रही है।
हालांकि, शेयर बाजार में इस साल कंपनी के शेयर में गिरावट आई है। शुक्रवार को KEC इंटरनेशनल का शेयर ₹691.60 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव ₹684 की तुलना में 1.11% अधिक था। इसके बावजूद 2025 में शेयर में लगभग 42% की गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि जबकि कंपनी मजबूत ऑर्डर बुक बना रही है, शेयर बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव की संभावना है।
ब्रोकरेज फर्म जियोजित ने 12 नवंबर की रिपोर्ट में KEC इंटरनेशनल के शेयर पर ‘Accumulate’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹909 तय किया है। यह सुझाव देता है कि विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में शेयर में तेजी आने की संभावना है।
KEC इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ विमल केजरीवाल ने कहा कि इन नए ऑर्डर्स से कंपनी के घरेलू T&D ऑर्डर बुक में निजी क्षेत्र के ग्राहकों की हिस्सेदारी काफी बढ़ गई है। उन्होंने आगे बताया कि सिविल बिजनेस ने तेजी से बढ़ रहे थर्मल पावर प्लांट सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और मजबूत की है। इन ऑर्डर्स के साथ, कंपनी का वित्त वर्ष की शुरुआत से अब तक का ऑर्डर इनटेक ₹18,000 करोड़ से अधिक हो गया है, जिससे कंपनी को सालाना ऑर्डर लक्ष्य हासिल करने का भरोसा मिला है।
कंपनी ने इससे पहले 17 नवंबर को भी स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया था कि उसे ₹1,016 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। उस दौरान कंपनी को मिडिल ईस्ट में अपने ऑयल एंड गैस बिजनेस का पहला ऑर्डर मिला था, जो कंपोजिट स्टेशन वर्क्स से संबंधित था। लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने से KEC इंटरनेशनल की ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं मजबूत होती नजर आ रही हैं।
KEC इंटरनेशनल की रणनीति और तकनीकी दक्षता उसे भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में विशेष बनाती है। कंपनी न केवल बड़े प्राइवेट डेवलपर्स के साथ काम कर रही है, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी, थर्मल पावर, और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यह दृष्टिकोण भविष्य में कंपनी के लिए निरंतर वृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी ऑर्डर्स को समय पर और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों के अनुसार पूरा करना उसकी प्राथमिकता है। इससे न केवल ग्राहक संतुष्टि बढ़ेगी, बल्कि कंपनी के ब्रांड मूल्य और भरोसेमंद छवि को भी बल मिलेगा।
कुल मिलाकर KEC इंटरनेशनल के हाल के ऑर्डर्स और रणनीतिक कदम यह संकेत देते हैं कि कंपनी आने वाले वर्षों में अपने क्षेत्र में और मजबूती से आगे बढ़ सकती है। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए यह समय कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं पर ध्यान देने का है।
