साल का अंतिम महीना शेयर बाजार के निवेशकों के लिए कई बार बेहद खास साबित होता है। यह वह समय होता है जब कंपनियां अपने सालभर के प्रदर्शन का लेखा-जोखा तैयार करती हैं और शेयरधारकों को खुश करने के लिए कई बड़े फैसले लेती हैं। इन्हीं फैसलों में से एक महत्वपूर्ण फैसला होता है बोनस शेयर जारी करने का। दिसंबर 2025 का महीना भी कुछ ऐसा ही संकेत दे रहा है, जहां चार ऐसी कंपनियां सामने आई हैं जो अपने निवेशकों को 1 के बदले 4 तक फ्री बोनस शेयर देने की तैयारी में हैं।

बोनस शेयर किसी भी निवेशक के लिए केवल अतिरिक्त शेयर नहीं होते, बल्कि यह कंपनी के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य, प्रबंधन के आत्मविश्वास और भविष्य की विकास संभावनाओं का संकेत भी होते हैं। यही वजह है कि बोनस शेयर की घोषणा होते ही बाजार में उन शेयरों को लेकर चर्चा तेज हो जाती है।
बोनस शेयर क्या होते हैं और क्यों देती हैं कंपनियां
बोनस शेयर का अर्थ है कि कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के अतिरिक्त शेयर देती है। यह वितरण कंपनी के रिजर्व और सरप्लस से किया जाता है। यानी निवेशक को अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ता, लेकिन उसके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है।
कंपनियां बोनस शेयर कई कारणों से जारी करती हैं। एक बड़ा कारण होता है शेयर की कीमत को अधिक सुलभ बनाना, ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशक उस स्टॉक में दिलचस्पी दिखाएं। इसके अलावा यह संकेत भी होता है कि कंपनी के पास पर्याप्त रिजर्व हैं और वह अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त है।
साल 2025 का बाजार और बोनस शेयरों की भूमिका
2025 का साल शेयर बाजार के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं, ब्याज दरों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय बाजार ने भी कई झटके झेले। ऐसे माहौल में जब कोई कंपनी बोनस शेयर की घोषणा करती है, तो वह निवेशकों के भरोसे को मजबूत करती है।
दिसंबर के महीने में बोनस शेयर की घोषणा का एक मनोवैज्ञानिक असर भी होता है। साल के अंत में निवेशक अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हैं और ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं, जो आने वाले साल में बेहतर रिटर्न दे सकें।
पहली कंपनी: मजबूत एनबीएफसी सेक्टर से उभरता नाम
एनबीएफसी सेक्टर की एक कंपनी ने 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि निवेशक के पास जितने शेयर हैं, उतने ही अतिरिक्त शेयर उसे मुफ्त में मिलेंगे। इस कंपनी ने बीते कुछ वर्षों में अपने लोन बुक, रिकवरी और मुनाफे में लगातार सुधार दिखाया है।
कंपनी का मानना है कि उसका बिजनेस मॉडल मजबूत है और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उसकी पकड़ बढ़ रही है। बोनस शेयर का फैसला इसी आत्मविश्वास को दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
दूसरी कंपनी: मिडकैप सेगमेंट में बोनस की बड़ी घोषणा
मिडकैप सेगमेंट की एक कंपनी ने 2:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। यानी हर दो शेयर पर एक अतिरिक्त शेयर मुफ्त मिलेगा। यह कंपनी अपने सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रही है और हाल के तिमाहियों में इसके राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
कंपनी के प्रबंधन का कहना है कि उनके पास पर्याप्त कैश रिजर्व है और भविष्य की योजनाओं के लिए पूंजी की कोई कमी नहीं है। बोनस शेयर जारी कर कंपनी निवेशकों को यह संदेश देना चाहती है कि वह अपने शेयरधारकों को दीर्घकालिक भागीदार मानती है।
तीसरी कंपनी: स्मॉलकैप में 4:1 का बड़ा दांव
इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा उस कंपनी की हो रही है, जिसने 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का प्रस्ताव रखा है। इसका मतलब है कि हर एक शेयर पर चार अतिरिक्त शेयर मुफ्त मिलेंगे। स्मॉलकैप सेगमेंट में यह एक बड़ा और आकर्षक कदम माना जा रहा है।
हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में जोखिम अधिक होता है, लेकिन इस कंपनी ने हाल के वर्षों में अपने बिजनेस को जिस तरह से बढ़ाया है, उसने निवेशकों का भरोसा जीता है। बोनस शेयर का यह फैसला कंपनी के भविष्य को लेकर प्रबंधन के भरोसे को दर्शाता है।
चौथी कंपनी: स्थिर प्रदर्शन के साथ बोनस का तोहफा
चौथी कंपनी ने 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर देने की घोषणा की है। यह कंपनी अपने स्थिर और संतुलित प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। भले ही इसका ग्रोथ रेट बहुत तेज न हो, लेकिन यह लगातार मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही है।
ऐसी कंपनियों का बोनस शेयर निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के निवेश पर भरोसा करते हैं।
बोनस शेयर का शेयर प्राइस पर असर
बोनस शेयर जारी होने के बाद शेयर की कीमत समायोजित हो जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी शेयर की कीमत 500 रुपये है और कंपनी 1:1 बोनस देती है, तो एक्स-बोनस डेट के बाद शेयर की कीमत लगभग 250 रुपये के आसपास आ सकती है। हालांकि निवेशक की कुल वैल्यू समान रहती है, क्योंकि उसके पास शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाती है।
लंबी अवधि में यदि कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो यह बढ़ी हुई संख्या निवेशक के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकती है।
निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
बोनस शेयर की खबर सुनकर केवल उसी आधार पर निवेश करना समझदारी नहीं होती। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स, कर्ज की स्थिति, नकदी प्रवाह और भविष्य की योजनाओं को भी समझना चाहिए। कई बार बोनस शेयर केवल बाजार में उत्साह पैदा करने के लिए भी दिए जाते हैं।
इसलिए निवेश से पहले सही जानकारी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण जरूरी है।
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बोनस का महत्व
जो निवेशक लंबे समय तक शेयर बाजार में बने रहते हैं, उनके लिए बोनस शेयर एक तरह से कंपाउंडिंग का काम करते हैं। समय के साथ शेयरों की संख्या बढ़ती जाती है और यदि कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो रिटर्न कई गुना हो सकता है।
यही कारण है कि अनुभवी निवेशक बोनस शेयर देने वाली कंपनियों को गंभीरता से देखते हैं।
निष्कर्ष: अवसर के साथ समझदारी भी जरूरी
साल के अंत में बोनस शेयर देने वाली ये चार कंपनियां निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर लेकर आई हैं। हालांकि हर अवसर के साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। समझदारी इसी में है कि निवेशक केवल बोनस के लालच में नहीं, बल्कि कंपनी की वास्तविक स्थिति को समझकर फैसला लें।
यदि सही कंपनी चुनी जाए, तो बोनस शेयर आने वाले वर्षों में निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
