साल 2026 में भारत में मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में बड़े पैमाने पर वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से चर्चा चल रही थी कि दिसंबर 2025 तक टेलीकॉम कंपनियां रिचार्ज के दाम बढ़ा सकती हैं, और अब नई रिपोर्टों के अनुसार यह बढ़ोतरी अगले साल और अधिक स्पष्ट रूप में सामने आएगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मोबाइल प्लान की कीमतें 16 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं, जिससे प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों प्रकार के ग्राहकों को ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां जैसे रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) इस बढ़ोतरी की तैयारी में हैं। मॉर्गन स्टैनली की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि 4G और 5G प्लान की कीमतों में यह वृद्धि वित्तीय वर्ष 2027 में कंपनियों की कमाई को काफी बढ़ाएगी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हर ग्राहक से औसत कमाई (ARPU) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा फायदा एयरटेल को होने की संभावना है। पहले की कीमत बढ़ोतरी में एयरटेल ने सबसे अधिक लाभ उठाया था, जिससे उसकी कमाई और मुनाफा अन्य कंपनियों की तुलना में काफी बढ़ा। मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Vi जैसे छोटे टेलीकॉम खिलाड़ी बड़े खिलाड़ियों की रणनीतियों का इंतजार करेंगे और उसी के अनुसार अपनी कीमतों और योजनाओं को समायोजित करेंगे।
पिछले कुछ वर्षों में टेलीकॉम कंपनियों ने तीन बार कीमतें बढ़ाई हैं। 2019 में कीमतों में 15 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 2021 में 20 से 25 प्रतिशत और 2024 में 10 से 20 प्रतिशत तक रिचार्ज महंगे हुए। इन बढ़ोतरी का मुख्य कारण 5G नेटवर्क में बड़े निवेश और कारोबार को मजबूत बनाए रखना रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पहले यह माना जा रहा था कि 2026 में रिचार्ज में केवल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, लेकिन मॉर्गन स्टैनली का अनुमान इससे भी अधिक है। टेलीकॉम कंपनियां सस्ते प्लान हटा रही हैं या ओटीटी जैसे फायदे महंगे प्लान में शामिल कर रही हैं, ताकि ग्राहक महंगे प्लान को चुनने के लिए प्रेरित हों। इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
एयरटेल के वाइस चेयरमैन और एमडी गोपाल विट्टल ने कहा कि भारत में प्रति ग्राहक कमाई और प्रति जीबी कीमत दुनिया में सबसे कम है। इसलिए कीमतों में सुधार की गुंजाइश मौजूद है। यदि प्लान का स्ट्रक्चर बदला जाए तो ARPU स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में ज्यादातर प्लान एक जैसे हैं, जिससे अपग्रेड करने की जगह कम रहती है।
Vi के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा कि कीमत बढ़ोतरी इस पर निर्भर करेगी कि बड़े खिलाड़ी जैसे जियो और एयरटेल क्या कदम उठाते हैं। यह जरूरी है कि कीमतें बढ़ें, लेकिन कब और कितनी तेजी से बढ़ेंगी, यह बाजार की चाल और बड़े खिलाड़ियों की रणनीति पर निर्भर करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, देश में 5G कवरेज अब लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का महत्वपूर्ण योगदान होगा, जिससे टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाएंगी और ARPU को 2032 तक 370 से 390 रुपये तक पहुंचाने की योजना बना रही हैं।
इस बढ़ोतरी से ग्राहकों को महंगे प्लान के लिए तैयार रहना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीकॉम कंपनियों की कुल कमाई भारत की जीडीपी के हिस्से के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। हालांकि यह ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल सकती है, लेकिन कंपनियों के लिए यह रणनीतिक कदम होगा।
इस प्रकार, 2026 में मोबाइल रिचार्ज महंगे होने की संभावना के साथ, भारत में टेलीकॉम बाजार में बड़ा बदलाव आने वाला है। एयरटेल इस बदलाव से सबसे अधिक लाभ उठा सकती है, जबकि Vi जैसे छोटे खिलाड़ी अपने कदम बड़े खिलाड़ियों के अनुसार रखेंगे। जियो भी अपनी रणनीति के अनुसार कीमतें और प्लान अपडेट कर सकता है।
