टेलीविजन की चकाचौंध भरी दुनिया में अक्सर समय, टीआरपी और शेड्यूल को सबसे ऊपर रखा जाता है। लेकिन कभी-कभी ऐसे पल सामने आते हैं, जो यह याद दिलाते हैं कि कैमरे, लाइट और दर्शकों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण इंसान और उसकी भावनाएं होती हैं। ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ के सेट पर हाल ही में ऐसा ही एक क्षण देखने को मिला, जब शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने खेल को बीच में ही रोकने का फैसला किया।

यह फैसला किसी तकनीकी खराबी या समय की कमी की वजह से नहीं, बल्कि एक मानवीय संवेदना के कारण लिया गया। सेट पर मौजूद एक कंटेस्टेंट के पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह अपनी पत्नी के साथ दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। माहौल में अचानक चिंता और बेचैनी फैल गई। ऐसे समय में अमिताभ बच्चन ने जो कदम उठाया, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक महान कलाकार ही नहीं, बल्कि गहरी मानवीय सोच रखने वाले व्यक्ति भी हैं।
शूटिंग के दौरान अचानक बदला माहौल
केबीसी 17 का सेट हमेशा की तरह व्यवस्थित और अनुशासित था। कंटेस्टेंट्स अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और दर्शक दीर्घा में उत्साह का माहौल था। तभी अचानक खबर आई कि हॉट सीट पर बैठने वाली कंटेस्टेंट के पति की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें असहज महसूस हो रहा था और तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ी।
इस सूचना के मिलते ही शो की गति थम गई। सामान्य तौर पर ऐसे बड़े प्रोडक्शन में शूटिंग रोकना आसान फैसला नहीं होता, लेकिन अमिताभ बच्चन ने बिना किसी हिचक के तुरंत शूट रोकने का निर्देश दिया। उनके लिए यह महज एक शो नहीं था, बल्कि एक परिवार की चिंता का विषय था।
अमिताभ बच्चन का संवेदनशील फैसला
अमिताभ बच्चन ने महसूस किया कि ऐसी स्थिति में खेल को जारी रखना नैतिक रूप से सही नहीं होगा। उनके अनुसार, जब किसी महिला के पति की तबीयत ठीक नहीं है, तो वह मानसिक रूप से खेल पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएगी। यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक भावनात्मक क्षण भी होता है।
उन्होंने प्रोडक्शन टीम से साफ कहा कि कंटेस्टेंट को पूरा समय दिया जाए और जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक शूटिंग आगे न बढ़ाई जाए। यह निर्णय उनके अनुभव और संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो दशकों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं।
एक्स्ट्रा काम करने की जिम्मेदारी भी ली
शूटिंग रोकने का मतलब था कि प्रसारण शेड्यूल प्रभावित होगा। आमतौर पर ऐसे मामलों में होस्ट या प्रोडक्शन पर अतिरिक्त दबाव आता है। लेकिन अमिताभ बच्चन ने इस जिम्मेदारी को भी पूरी सहजता से स्वीकार कर लिया।
उन्होंने कहा कि अगर इस फैसले की वजह से उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं। इसी निर्णय के चलते उन्हें एक ही दिन में तीन एपिसोड शूट करने पड़े, जबकि सामान्य दिनों में दो एपिसोड ही शूट किए जाते हैं। यह उनके पेशेवर समर्पण और इंसानियत का अनूठा उदाहरण है।
लंबे समय तक चलने वाला कार्यदिवस
83 वर्ष की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का कार्य अनुशासन किसी युवा कलाकार से कम नहीं है। वह सुबह लगभग आठ बजे सेट पर पहुंचते हैं और कई बार देर रात तक शूटिंग करते हैं। केबीसी 17 के लिए उनका यह समर्पण शो की गुणवत्ता और निरंतर सफलता का बड़ा कारण माना जाता है।
एक ही दिन में तीन एपिसोड शूट करना शारीरिक और मानसिक रूप से आसान नहीं होता, लेकिन अमिताभ ने इसे बिना किसी शिकायत के स्वीकार किया। उनके लिए यह सिर्फ एक पेशेवर दायित्व नहीं था, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी थी।
ब्लॉग के जरिए साझा की पूरी घटना
अमिताभ बच्चन ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने ब्लॉग के जरिए साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दिन धार्मिक मान्यता के अनुसार उन्होंने पीले रंग के कपड़े पहने थे और शूटिंग का दिन सामान्य रूप से शुरू हुआ था। लेकिन अचानक आई इस मेडिकल इमरजेंसी ने पूरे दिन की दिशा बदल दी।
अपने ब्लॉग में उन्होंने विस्तार से लिखा कि कैसे उन्होंने शूटिंग रोकने का फैसला लिया और क्यों उन्हें लगा कि खेल को जारी रखना सही नहीं होगा। उनके शब्दों में साफ झलकता है कि वह हर स्थिति को सिर्फ प्रोफेशनल नजरिए से नहीं, बल्कि इंसानी दृष्टिकोण से भी देखते हैं।
केबीसी और अमिताभ का अटूट रिश्ता
‘कौन बनेगा करोड़पति’ का इतिहास अमिताभ बच्चन के नाम के बिना अधूरा माना जाता है। साल 2000 में शुरू हुए इस शो के साथ वह लगभग हर सीजन में जुड़े रहे हैं। सिर्फ एक सीजन ऐसा रहा, जब स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने शो को होस्ट नहीं किया था।
इसके बाद उनकी वापसी ने यह साबित कर दिया कि दर्शकों के लिए केबीसी और अमिताभ बच्चन एक-दूसरे के पूरक हैं। उनकी आवाज, उनका धैर्य और कंटेस्टेंट्स के प्रति सम्मान शो की पहचान बन चुका है।
मानवीय मूल्यों की मिसाल
इस घटना ने यह दिखाया कि टेलीविजन सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों को दर्शाने का भी एक सशक्त मंच हो सकता है। अमिताभ बच्चन का यह फैसला दर्शकों के दिल को छू गया और सोशल मीडिया पर भी इसकी सराहना हुई।
लोगों ने इसे एक ऐसे व्यक्ति का कदम बताया, जो सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी संवेदनाओं से जुड़ा हुआ है। यह घटना आने वाले समय में भी एक उदाहरण के रूप में याद रखी जाएगी।
आने वाले प्रोजेक्ट्स और व्यस्तता
काम के मोर्चे पर अमिताभ बच्चन इन दिनों बेहद व्यस्त हैं। केबीसी 17 के अलावा वह बड़े पर्दे पर भी अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। उनके आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है।
हालांकि, इस घटना ने यह साफ कर दिया कि चाहे काम कितना भी बड़ा क्यों न हो, इंसानियत उनके लिए हमेशा पहले आती है। यही वजह है कि वह पीढ़ियों से दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं।
एक फैसला, जो याद रहेगा
केबीसी 17 के सेट पर लिया गया यह फैसला सिर्फ शूटिंग रोकने तक सीमित नहीं था। यह एक संदेश था कि सफलता और जिम्मेदारी के बीच भी इंसानियत को प्राथमिकता दी जा सकती है।
अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ मंच पर ही नहीं, बल्कि जीवन में भी एक महानायक हैं।
