भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी, आगामी तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियों में इस समय पूरी तरह व्यस्त दिखाई दे रही है। हर साल की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में देश और विदेश से तब्लीगी जमात से जुड़े लोग भोपाल पहुंचने वाले हैं। इस भीड़ और आयोजन की विशालता को देखते हुए भोपाल जमीयत उलमा मध्यप्रदेश ने नगर निगम और रेलवे प्रशासन से कुछ अहम मांगें रखी हैं।

जमीयत उलमा के मीडिया प्रभारी हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने बताया कि शहर के पुराने इलाकों, खासकर इकबाल मैदान, इस्लाम नगर, और ईदगाह हिल्स की सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। बारिश के मौसम और भारी ट्रैफिक के कारण जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे इज्तिमा में आने वाले लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इन सड़कों की मरम्मत कराई जाए ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से आयोजन स्थल तक पहुंच सकें।
भोपाल में तब्लीगी इज्तिमा का महत्व
भोपाल का तब्लीगी इज्तिमा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आध्यात्मिकता का भी प्रतीक है। यह आयोजन हर साल हजारों लोगों को एक साथ जोड़ता है, जहां देश और विदेश से तब्लीगी जमात के सदस्य धर्म, शांति, और मानवता का संदेश फैलाने के लिए एकत्रित होते हैं। भोपाल के गांधी नगर स्थित ईदगाह मैदान में होने वाला यह आयोजन देश के सबसे बड़े इस्लामी सम्मेलनों में से एक है।
इस इज्तिमा में आम जनता की भागीदारी भी काफी बड़ी होती है। स्थानीय प्रशासन को पानी, बिजली, यातायात और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसलिए, इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन, नगर निगम, और रेलवे का सहयोग अत्यंत जरूरी माना जाता है।
रेलवे से एक्स्ट्रा कोच की मांग
हाजी इमरान हारून ने रेलवे प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि इज्तिमा के दौरान भोपाल आने-जाने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं। हर साल इस आयोजन के दौरान हजारों लोग ट्रेन से भोपाल आते हैं। भीड़ के कारण कई बार यात्रियों को ट्रेन में जगह नहीं मिल पाती, जिससे असुविधा और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
उन्होंने कहा कि रेलवे को इज्तिमा की तिथि के अनुसार विशेष ट्रेनें भी चलानी चाहिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके। पिछले वर्षों में रेलवे ने भीड़ को देखते हुए कुछ विशेष ट्रेनें चलाई थीं, जिनसे लोगों को बड़ी राहत मिली थी।
स्वच्छता और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी ध्यान
इमरान हारून ने नगर निगम से आग्रह किया है कि आयोजन स्थल के आसपास की स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इज्तिमा स्थल के आसपास सफाई कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाए और अस्थायी सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था भी की जाए।
साथ ही, ट्रैफिक पुलिस से यह भी अनुरोध किया गया है कि आयोजन के दिनों में विशेष ट्रैफिक प्लान बनाया जाए। भोपाल के पुराने शहर के इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या आम है, और इज्तिमा के दौरान यह स्थिति और गंभीर हो जाती है। ट्रैफिक डाइवर्जन और पार्किंग की उचित व्यवस्था की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से सहयोग की अपील
जमीयत उलमा ने भोपाल के व्यापारियों और नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस आयोजन में आने वाले मेहमानों का स्वागत करें और उन्हें किसी भी तरह की कठिनाई न होने दें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भोपाल की पहचान बन चुका है, इसलिए शहरवासियों को इसमें अपना योगदान देना चाहिए।
पिछले वर्षों के अनुभव से सीख
पिछले वर्षों में इज्तिमा के दौरान बारिश और ट्रैफिक की वजह से कई बार परेशानी हुई थी। कुछ यात्रियों को आवास की दिक्कत भी आई थी। इस बार प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है ताकि ऐसे हालात न बनें।
भोपाल नगर निगम ने पहले ही आयोजन स्थल के आसपास के इलाकों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। निगम के अधिकारी सड़कों, नालियों, और स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत कार्य में तेजी ला रहे हैं। वहीं, रेलवे ने भी इस बार अधिक यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष बुकिंग काउंटर खोलने का निर्णय लिया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इज्तिमा के लिए सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सफाई, जलापूर्ति, और सड़क मरम्मत कार्य 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इज्तिमा के दौरान अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेनों की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी होंगी मजबूत
इज्तिमा में बड़ी भीड़ जुटने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि इस बार इज्तिमा स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। CCTV कैमरों की मदद से पूरे आयोजन की निगरानी की जाएगी।
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने भी मेडिकल कैंप लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। एंबुलेंस, डॉक्टर, और नर्सों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
इज्तिमा की तारीख और अपेक्षित भीड़
सूत्रों के अनुसार, भोपाल में तब्लीगी इज्तिमा इस साल 22 से 25 नवंबर 2025 के बीच आयोजित होगा। अनुमान है कि करीब 15 लाख लोग इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से भोपाल की जनसंख्या में अस्थायी रूप से भारी वृद्धि होगी।
इस वजह से पानी, यातायात और बिजली की मांग भी कई गुना बढ़ जाएगी। प्रशासन ने इस चुनौती से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है।
निष्कर्ष
भोपाल इज्तिमा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह शहर की सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना का प्रतीक बन चुका है। हर साल यह कार्यक्रम शहर की संस्कृति, आतिथ्य और व्यवस्था की परीक्षा लेता है। इस बार की तैयारियां यह साबित करेंगी कि भोपाल न केवल मध्यप्रदेश की राजधानी है बल्कि धार्मिक सद्भाव और संगठनात्मक क्षमता का केंद्र भी है।
