ताइवान के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में बुधवार की शाम लगभग 5:47 बजे एक 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने न केवल द्वीप पर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी हलचल मचा दी। भूकंप का केंद्र ताइतुंग काउंटी हॉल से 10.1 किलोमीटर उत्तर में था और इसकी गहराई 11.9 किलोमीटर मापी गई। इस भूकंप के झटके चीन, फिलीपींस और जापान तक महसूस किए गए, हालांकि अभी तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन (CWA) के अनुसार, ताइवान में भूकंप की तीव्रता को 1 से 7 के पैमाने पर मापा जाता है। इस बार ताइतुंग काउंटी में स्तर 5 महसूस किया गया, जबकि हुलिएन और पिंगतुंग काउंटी में स्तर 4 दर्ज किया गया। ताइपे के एक व्यस्त क्षेत्र में स्थित इमारत में भूकंप के दौरान अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कोई गंभीर चोट या नुकसान की रिपोर्ट नहीं आई।
नेशनल फायर एजेंसी ने भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह के जान-माल की क्षति की सूचना नहीं मिली है। ताइवान की चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनी TSMC ने भी कहा कि भूकंप की तीव्रता इतनी नहीं थी कि द्वीपभर की फैक्ट्रियों को खाली कराया जाए। केवल कुछ घरों में झूमर और लाइट फिटिंगें हिली-डुली, जिससे स्थानीय लोग थोड़े भयभीत हुए।
पिछला बड़ा भूकंप और उसकी तबाही
ताइवान में भूकंप की घटनाएँ आम हैं, क्योंकि यह क्षेत्र पृथ्वी की दो बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों, यूरेशियन प्लेट और फिलीपीन सी प्लेट के जंक्शन पर स्थित है। ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती और टकराती हैं, जिससे जमीन के अंदर दबाव बनता है। जब यह दबाव अचानक मुक्त होता है तो भूकंप आता है। इस क्षेत्र को प्रशांत महासागर की “रिंग ऑफ फायर” का हिस्सा माना जाता है, जो दुनिया में भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है।
पिछले साल 3 अप्रैल 2024 को हुलिएन क्षेत्र में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था। यह पिछले 25 सालों में सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इस भूकंप में 19 लोगों की मौत हुई थी, 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए, और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड भी हुए थे। यह 21 सितंबर 1999 के ची-ची भूकंप के बाद का सबसे बड़ा था, जिसमें 7.7 तीव्रता दर्ज की गई थी और 2400 से अधिक लोग मारे गए थे।
इसके अलावा, 2016 में दक्षिणी ताइवान में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। पिछले साल आए 7.5 तीव्रता वाले भूकंप में 100 से अधिक इमारतें, कई सड़कें, पुल और टनल क्षतिग्रस्त हुए थे। इस तरह की घटनाएँ ताइवान के लिए निरंतर खतरे का संकेत हैं।
ताइवान के भूकंपीय जोखिम का विज्ञान
ताइवान पर लगातार भूकंप आने का कारण उसकी स्थिति है। फिलीपीन सी प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है, जिसे सबडक्शन कहा जाता है। इस प्रक्रिया के कारण द्वीप पर पर्वत बनते हैं और कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें बनती हैं। यही वजह है कि ताइवान में हर साल हजारों छोटे-बड़े झटके आते हैं।
भूकंप की तीव्रता और उसका असर क्षेत्र विशेष पर निर्भर करता है। ताइवान के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में अक्सर उच्च तीव्रता के झटके महसूस किए जाते हैं, जबकि उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम। यह क्षेत्र मानव बस्तियों, औद्योगिक क्षेत्रों और तकनीकी हब्स के लिए भी जाना जाता है, जिससे सुरक्षा उपायों की महत्वपूर्ण भूमिका बनती है।
जापान और अन्य देशों में झटके
ताइवान के इस भूकंप के झटके चीन, फिलीपींस और जापान तक महसूस किए गए। जापान में 8 दिसंबर को आओमोरी प्रान्त के पास 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 30 लोग घायल हुए और कई घरों को नुकसान पहुंचा। उस समय जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने आओमोरी, इवाते और होक्काइडो प्रान्तों में सुनामी की चेतावनी भी जारी की थी, जो कुछ घंटों बाद वापस ले ली गई।
इस भूकंप के कारण तोहोकू शहर में एक कार सड़क धंसने के कारण फंस गई थी। सड़कें धंसने और इमारतों को नुकसान पहुंचने जैसी घटनाओं ने जापान में भूकंप प्रबंधन और आपातकालीन तैयारी की आवश्यकता को फिर से उजागर किया।
ताइवान की आपातकालीन तैयारी
ताइवान ने भूकंपों के जोखिम को देखते हुए कई तैयारी की हैं। भवन निर्माण के मानक, आपातकालीन सेवाएँ और तकनीकी कंपनियों की सुरक्षा योजनाएं नियमित रूप से अपडेट की जाती हैं। TSMC जैसी बड़ी फैक्ट्रियों में कर्मचारियों और उत्पादन की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस बार का भूकंप इतनी तीव्रता का नहीं था कि उद्योग या आम जनता पर गंभीर असर पड़े।
भूकंप के दौरान स्थानीय लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकले और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मध्य तीव्रता वाले भूकंप चेतावनी देने और सतर्क रहने का संकेत हैं।
निष्कर्ष
ताइवान और उसके आस-पास के क्षेत्र भूकंपों के लिए संवेदनशील हैं। पिछले सालों के रिकॉर्ड और हालिया घटनाओं को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि ताइवान और जापान जैसे क्षेत्र भूकंपीय सुरक्षा, आपातकालीन योजना और सतर्कता के लिए निरंतर तैयार रहते हैं। 6.1 तीव्रता का यह भूकंप एक चेतावनी और पूर्वानुमान का संकेत है कि पृथ्वी की टेक्टोनिक गतिविधियां लगातार जारी हैं और इसके लिए तैयारी जरूरी है।
