भारतीय शेयर बाजार में कॉरपोरेट एक्शन्स हमेशा निवेशकों के लिए खास महत्व रखते हैं। जब कोई कंपनी अपने शेयर का स्प्लिट करने का फैसला लेती है, तो इसका असर केवल कीमत पर नहीं, बल्कि निवेशकों की धारणा, ट्रेडिंग वॉल्यूम और भविष्य की रणनीति पर भी पड़ता है। रियल एस्टेट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Ajmera Realty एंड इंफ्रा इंडिया लिमिटेड ने अपने शेयर को पांच हिस्सों में विभाजित करने का निर्णय लेकर बाजार में हलचल पैदा कर दी है।

कंपनी के अनुसार मौजूदा 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर अब 2 रुपये फेस वैल्यू के पांच शेयरों में बदल जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन के लिए रिकॉर्ड डेट 15 जनवरी 2026 तय की गई है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स या डिपॉजिटरी रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे इस शेयर स्प्लिट के पात्र माने जाएंगे।
शेयर स्प्लिट का उद्देश्य और रणनीतिक सोच
शेयर स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य शेयर की कीमत को छोटे निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना होता है। Ajmera Realty का शेयर हाल के वर्षों में मजबूत प्रदर्शन करता रहा है और इसकी कीमत अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में कंपनी प्रबंधन का मानना है कि फेस वैल्यू घटाने से शेयर की लिक्विडिटी बढ़ेगी और अधिक निवेशक इसमें रुचि दिखा सकेंगे।
शेयर स्प्लिट से कंपनी के कुल मार्केट कैप में कोई सीधा बदलाव नहीं होता, लेकिन बाजार में शेयरों की संख्या बढ़ने से ट्रेडिंग गतिविधि में तेजी आ सकती है। यह कदम अक्सर उन कंपनियों द्वारा उठाया जाता है जो अपने बिजनेस को लेकर आश्वस्त होती हैं और दीर्घकालिक निवेशकों को जोड़ना चाहती हैं।
Ajmera Realty का शेयर प्रदर्शन: पिछले दो वर्षों की कहानी
Ajmera Realty का शेयर पिछले दो वर्षों में निवेशकों के लिए शानदार रिटर्न देने वाला साबित हुआ है। इस अवधि में शेयर करीब 122 प्रतिशत तक मजबूत हुआ है, जो रियल एस्टेट सेक्टर में इसे एक उल्लेखनीय प्रदर्शनकर्ता बनाता है। हाल ही में एक सप्ताह के भीतर भी शेयर में लगभग 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में इसकी सकारात्मक छवि और मजबूत हुई है।
कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग 3800 करोड़ रुपये के आसपास है, जो इसे मिड-कैप सेगमेंट में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाता है। BSE पर शेयर की मौजूदा कीमत करीब 963 रुपये के आसपास बनी हुई है, जो इसके मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड को दर्शाती है।
रिकॉर्ड डेट का महत्व और निवेशकों के लिए संदेश
रिकॉर्ड डेट किसी भी कॉरपोरेट एक्शन में बेहद अहम भूमिका निभाती है। Ajmera Realty के मामले में 15 जनवरी 2026 वह तारीख है, जिसके आधार पर यह तय होगा कि कौन से निवेशक शेयर स्प्लिट का लाभ उठाएंगे। इस तारीख से पहले जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें पुराने एक शेयर के बदले पांच नए शेयर मिलेंगे।
निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि शेयर स्प्लिट से उनके निवेश का कुल मूल्य नहीं बदलता, बल्कि केवल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। हालांकि, मनोवैज्ञानिक तौर पर कम कीमत वाला शेयर नए निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी से बढ़ता भरोसा
Ajmera Realty में दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की हिस्सेदारी भी निवेशकों के भरोसे को मजबूत करती है। उनकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर अनुभवी निवेशकों का विश्वास बना हुआ है।
सितंबर 2025 तक कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास लगभग 31.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो यह दर्शाता है कि कंपनी में खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी अच्छी खासी है।
प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बीच Ajmera Realty की स्थिति
रियल एस्टेट सेक्टर में Ajmera Realty का मुकाबला कई बड़ी और स्थापित कंपनियों से है। इसके लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों में Lodha Developers, Phoenix Mills और Consolidated Construction Consortium जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन सभी के बीच Ajmera Realty ने अपने प्रोजेक्ट्स, ब्रांड वैल्यू और वित्तीय प्रदर्शन के दम पर अलग पहचान बनाई है।
ब्रोकरेज हाउस की राय और टारगेट प्राइस
बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज फर्मों ने भी Ajmera Realty के शेयर को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हाल के महीनों में एक प्रमुख ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग देते हुए 1227 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया था। यह टारगेट मौजूदा कीमत के मुकाबले आगे और तेजी की संभावना को दर्शाता है।
BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1225.80 रुपये रहा है, जबकि 52 सप्ताह का एडजस्टेड लो 682.75 रुपये दर्ज किया गया। यह उतार-चढ़ाव रियल एस्टेट सेक्टर की प्रकृति को भी दर्शाता है।
डिविडेंड इतिहास और निवेशकों को रिटर्न
Ajmera Realty ने केवल कैपिटल गेन ही नहीं, बल्कि डिविडेंड के जरिए भी निवेशकों को रिटर्न दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 4.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया था। यह संकेत देता है कि कंपनी कैश फ्लो और शेयरहोल्डर वैल्यू दोनों पर ध्यान दे रही है।
वित्तीय प्रदर्शन: आंकड़ों के पीछे की सच्चाई
कंपनी के वित्तीय नतीजों की बात करें तो जुलाई से सितंबर 2025 तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 30.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 35.3 करोड़ रुपये था।
हालांकि मुनाफे में गिरावट देखने को मिली, लेकिन रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने सुधार दिखाया। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 219 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो एक साल पहले 199 करोड़ रुपये था।
EBITDA में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 58 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 29.8 प्रतिशत से घटकर 26.4 प्रतिशत पर आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती लागत और प्रोजेक्ट से जुड़े खर्चों का असर मार्जिन पर पड़ा है।
वार्षिक नतीजे और दीर्घकालिक दृष्टिकोण
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर 532.67 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 111.64 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। यह आंकड़े दिखाते हैं कि लंबी अवधि में कंपनी का बिजनेस मॉडल स्थिर और मजबूत बना हुआ है।
रियल एस्टेट सेक्टर में मांग, ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों का सीधा असर पड़ता है, लेकिन Ajmera Realty ने बदलते हालात में खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है।
शेयर स्प्लिट के बाद क्या बदल सकता है
शेयर स्प्लिट के बाद Ajmera Realty के शेयर की ट्रेडिंग कीमत कम होगी, जिससे छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। इससे शेयर में वॉल्यूम बढ़ने और बाजार में इसकी दृश्यता मजबूत होने की संभावना है।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि शेयर स्प्लिट अपने आप में मुनाफे की गारंटी नहीं होता। कंपनी का भविष्य प्रदर्शन, प्रोजेक्ट पाइपलाइन और सेक्टर की स्थिति ही दीर्घकालिक रिटर्न तय करती है।
निष्कर्ष: अवसर और सावधानी दोनों जरूरी
Ajmera Realty का शेयर स्प्लिट एक सकारात्मक कॉरपोरेट कदम माना जा सकता है, जो कंपनी के विकास और निवेशक आधार को विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा है। मजबूत शेयर प्रदर्शन, दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी और स्पष्ट रिकॉर्ड डेट इस फैसले को और अहम बनाती है।
हालांकि, निवेश से पहले वित्तीय नतीजों, सेक्टर ट्रेंड्स और व्यक्तिगत जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। harigeet pravaah के अनुसार, समझदारी से लिया गया फैसला ही निवेश को सफल बनाता है।
