दुनिया के सबसे बड़े शतरंज खिलाड़ियों में शुमार और वर्ल्ड नंबर-1 ग्रैंडमास्टर मैग्नस कार्लसन एक बार फिर अपने व्यवहार को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार कारण बनी है उनकी हार और उस हार के बाद दिखा गुस्सा, जिसका निशाना बने हैं भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगेसी। कतर की राजधानी दोहा में आयोजित फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप के दौरान कार्लसन को अर्जुन एरिगेसी के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा। मैच समाप्त होते ही कार्लसन का गुस्सा साफ तौर पर दिखाई दिया, जब उन्होंने शतरंज की मेज पर जोर से हाथ मारते हुए असंतोष जाहिर किया।

यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और कुछ ही समय में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शतरंज प्रेमियों और खेल जगत में इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक चैंपियन की हार के प्रति स्वाभाविक प्रतिक्रिया मान रहे हैं।
दोहा में चल रही विश्व ब्लिट्ज चैंपियनशिप का माहौल
दोहा में आयोजित फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप इस समय अपने निर्णायक दौर में है। दुनिया भर के शीर्ष ग्रैंडमास्टर इस प्रतिष्ठित खिताब के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। ब्लिट्ज फॉर्मेट की खासियत यह है कि इसमें खिलाड़ियों को बेहद कम समय में फैसले लेने होते हैं, जिससे मानसिक दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
इसी दबाव के बीच भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगेसी शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने न केवल लगातार जीत दर्ज की है, बल्कि मौजूदा वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी मात देकर टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी है। अर्जुन की यह जीत सिर्फ एक मुकाबला भर नहीं थी, बल्कि यह उस आत्मविश्वास और परिपक्वता का प्रदर्शन थी, जिसने उन्हें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों की कतार में खड़ा कर दिया है।
अर्जुन एरिगेसी की रणनीति के आगे फीके पड़े कार्लसन
सोमवार को खेले गए मुकाबले में अर्जुन एरिगेसी और मैग्नस कार्लसन आमने-सामने थे। मुकाबले की शुरुआत से ही अर्जुन ने स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं हैं। उन्होंने ओपनिंग में संतुलित खेल दिखाया और मिडिल गेम में सटीक चालों के जरिए बढ़त बना ली।
एंडगेम में अर्जुन की गणना और तेजी ने कार्लसन को लगातार बैकफुट पर रखा। आमतौर पर एंडगेम के मास्टर माने जाने वाले कार्लसन इस बार अर्जुन की चालों का कोई ठोस जवाब नहीं ढूंढ सके। अंततः उन्हें हार स्वीकार करनी पड़ी, जो शायद उनके लिए सबसे ज्यादा चुभने वाला क्षण था।
हार के बाद फूटा गुस्सा, वायरल हुआ वीडियो
जैसे ही मुकाबला खत्म हुआ, कैमरों ने कार्लसन की प्रतिक्रिया को कैद कर लिया। हार से खिन्न कार्लसन ने गुस्से में शतरंज की मेज पर जोर से हाथ मारा। यह हरकत खेल भावना के अनुरूप नहीं मानी जाती और इसी कारण वीडियो सामने आते ही चर्चा का विषय बन गया।
यह पहला मौका नहीं है जब कार्लसन हार के बाद इस तरह का व्यवहार करते दिखे हों। इससे पहले भी कई मौकों पर वह हार बर्दाश्त न कर पाने के चलते विवादों में घिर चुके हैं। जून में नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय ग्रैंडमास्टर और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश से हार के बाद भी कार्लसन ने अपना आपा खो दिया था।
मौजूदा चैंपियनशिप में दूसरी बार विवाद
दोहा में चल रही इस चैंपियनशिप में यह दूसरी बार है जब मैग्नस कार्लसन का व्यवहार सवालों के घेरे में आया है। इससे पहले सातवें राउंड में रूसी ग्रैंडमास्टर व्लादीस्लाव आर्तेमीव से हार के बाद भी कार्लसन ने गुस्से में प्रतिक्रिया दी थी।
उस समय उनका गुस्सा एक कैमरामैन पर उतर गया था, जो हार के बाद उनकी प्रतिक्रिया को कैमरे में कैद करने की कोशिश कर रहा था। कार्लसन ने गुस्से में कैमरामैन को धक्का दे दिया था। वह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और कार्लसन की कड़ी आलोचना हुई थी।
खिताब की दौड़ और बढ़ता दबाव
मैग्नस कार्लसन अब तक आठ बार वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप जीत चुके हैं। हाल ही में उन्होंने छठी बार वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया है। इस चैंपियनशिप में वह नौवीं बार ब्लिट्ज खिताब जीतने के इरादे से उतरे थे।
लेकिन अर्जुन एरिगेसी से मिली हार ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। टूर्नामेंट में अब सिर्फ दो राउंड बाकी हैं और इस हार के बाद कार्लसन अंक तालिका में नीचे खिसक गए हैं। खिताब हाथ से फिसलता देख उनके भीतर का तनाव और गुस्सा साफ नजर आया।
अंक तालिका में बड़ा उलटफेर
11 राउंड के बाद अंक तालिका ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। अर्जुन एरिगेसी और फ्रांस के मैक्सिम वेशियर-लाग्रेव 9-9 अंकों के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके ठीक पीछे डेनियल दुबोव, अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फाबियानो कारुआना और चीन के यू यांगयी 8.5-8.5 अंकों के साथ बने हुए हैं।
मैग्नस कार्लसन समेत आठ खिलाड़ियों के 8-8 अंक हैं, जिनमें अलीरेजा फिरोउजा और भारत के सुनीलदत्त नारायणन भी शामिल हैं। वहीं भारत के आर. प्रागननंदा और डी. गुकेश 7.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर हैं।
अर्जुन एरिगेसी का स्वर्णिम दौर
22 वर्षीय अर्जुन एरिगेसी इस टूर्नामेंट में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रहे हैं। रविवार को उन्होंने रैपिड शतरंज में कांस्य पदक जीता था और ब्लिट्ज फॉर्मेट में भी वह जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं।
अब तक अर्जुन ने ब्लिट्ज चेस में आठ जीत, दो ड्रॉ और सिर्फ एक हार दर्ज की है। उनकी शांत मानसिकता, तेज गणना और आत्मविश्वास ने उन्हें खिताब का प्रबल दावेदार बना दिया है। मैग्नस कार्लसन जैसी दिग्गज हस्ती को हराना उनके करियर का एक और बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
खेल भावना बनाम प्रतिस्पर्धात्मक दबाव
कार्लसन के व्यवहार ने एक बार फिर खेल भावना और प्रतिस्पर्धात्मक दबाव के बीच की बहस को तेज कर दिया है। जहां एक ओर शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों पर जीत का भारी दबाव होता है, वहीं दूसरी ओर उनसे आदर्श व्यवहार की भी अपेक्षा की जाती है।
शतरंज जैसे खेल में, जिसे मानसिक संतुलन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है, इस तरह की प्रतिक्रियाएं कई सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की चुनौती ने दिग्गजों पर दबाव बढ़ा दिया है।
