नए साल के आगमन से ठीक पहले राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह राजनीति नहीं, बल्कि एक पारिवारिक उत्सव है। गांधी-वाड्रा परिवार नए साल का स्वागत और पारिवारिक अवकाश मनाने के लिए रणथंभौर पहुंचा है। इस यात्रा को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा प्रियंका गांधी वाड्रा के पुत्र रेहान वाड्रा की सगाई को लेकर हो रही है। परिवार की यह यात्रा पूरी तरह निजी बताई जा रही है, लेकिन रेहान वाड्रा की सगाई की खबरों ने इसे खास बना दिया है।

प्रियंका गांधी वाड्रा, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा अपने परिवार के सदस्यों के साथ सड़क मार्ग से दिल्ली से सवाई माधोपुर पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह काफिला रणथंभौर पहुंचा, जहां परिवार ने प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताने का निर्णय लिया है।
होटल शेरबाग में ठहराव, चार दिन का निजी कार्यक्रम
रणथंभौर पहुंचने के बाद गांधी-वाड्रा परिवार ने यहां स्थित पांच सितारा होटल शेरबाग में ठहराव किया है। जानकारी के अनुसार परिवार का चार दिन रणथंभौर में रुकने का कार्यक्रम तय है। यह स्थान लंबे समय से परिवार की पसंद रहा है, जहां वे अक्सर नए साल या निजी अवकाश के लिए आते रहे हैं।
इस बार भी परिवार ने शहर की हलचल से दूर जंगल और प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिताने का निर्णय लिया है। होटल शेरबाग की शांति, हरियाली और रणथंभौर की प्राकृतिक वादियां इस पारिवारिक प्रवास को खास बना रही हैं।
दो जनवरी तक रणथंभौर में रहेगा परिवार
सूत्रों के अनुसार गांधी-वाड्रा परिवार दो जनवरी तक रणथंभौर में ही रहेगा। इस दौरान परिवार के सदस्य रणथंभौर नेशनल पार्क भ्रमण की योजना भी बना रहे हैं। जंगल सफारी, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों के बीच समय बिताना इस यात्रा का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी परिवार नए साल का स्वागत प्रकृति के बीच करने जा रहा है। हालांकि इस यात्रा में सोनिया गांधी शामिल नहीं हैं, लेकिन परिवार के अन्य सदस्य पूरे उत्साह के साथ इस निजी अवकाश का आनंद ले रहे हैं।
रेहान वाड्रा की सगाई की चर्चा ने बढ़ाई उत्सुकता
इस पूरी यात्रा में सबसे ज्यादा चर्चा रेहान वाड्रा की सगाई को लेकर हो रही है। बताया जा रहा है कि रेहान वाड्रा की सगाई दिल्ली निवासी अवीवा बेग से हो चुकी है। दोनों परिवारों की सहमति से दिल्ली में एक बेहद निजी और सीमित समारोह में यह सगाई संपन्न हुई।
रेहान वाड्रा पेशे से फोटोग्राफर और फोटो आर्टिस्ट हैं। वे लंबे समय से फोटोग्राफी और विजुअल आर्ट के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं अवीवा बेग भी फोटोग्राफी से जुड़ी हुई हैं और कला के इस क्षेत्र में उनकी भी गहरी रुचि बताई जाती है। दोनों की समान रुचियों ने इस रिश्ते को और मजबूत बनाया।
तीन परिवारों की मौजूदगी, साथ मनाया जाएगा उत्सव
जानकारी के अनुसार इस निजी यात्रा में गांधी-वाड्रा परिवार के साथ उनके करीबी मित्र और अवीवा बेग का परिवार भी रणथंभौर में मौजूद है। तीनों परिवार मिलकर इस समय को खास बनाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि सभी परिवार मिलकर रणथंभौर नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगे और जंगल सफारी का आनंद लेंगे।
बाघों की अठखेलियों और जंगल की शांति के बीच नए साल का स्वागत और सगाई की खुशी मनाने की योजना बनाई गई है। यह यात्रा पूरी तरह निजी रखी गई है, लेकिन पारिवारिक खुशी का माहौल साफ तौर पर झलक रहा है।
रणथंभौर से पुराना लगाव
गांधी-वाड्रा परिवार का रणथंभौर से पुराना और गहरा नाता रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा यहां अक्सर आती रही हैं। राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी कई बार रणथंभौर नेशनल पार्क का दौरा कर चुके हैं। यह स्थान परिवार के लिए सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सुकून और निजी समय बिताने का पसंदीदा ठिकाना रहा है।
प्रियंका गांधी का परिवार साल में दो से तीन बार रणथंभौर आता रहा है। यहां की शांति, प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी परिवार को हमेशा आकर्षित करती रही है।
होटल शेरबाग में हो सकती हैं पारिवारिक रस्में
सूत्रों के मुताबिक यह भी चर्चा है कि रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई से जुड़ी कुछ पारिवारिक रस्में होटल शेरबाग में आयोजित की जा सकती हैं। हालांकि इस संबंध में किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
परिवार की ओर से इस यात्रा को पूरी तरह निजी बताया गया है। किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या औपचारिक आयोजन की जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल परिवार रणथंभौर की शांति और प्राकृतिक वातावरण के बीच नए साल का स्वागत करता नजर आ रहा है।
राजनीति से दूर, परिवार के साथ सुकून के पल
यह यात्रा पूरी तरह पारिवारिक और निजी है। इसमें किसी राजनीतिक गतिविधि या सार्वजनिक कार्यक्रम को शामिल नहीं किया गया है। परिवार के सदस्य अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताना चाहते हैं।
रणथंभौर की वादियों में यह प्रवास न सिर्फ नए साल का स्वागत है, बल्कि परिवार के लिए एक नई शुरुआत और खुशियों का प्रतीक भी बन गया है।
