नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाल ही में घने कोहरे के कारण CAT III प्रक्रियाएं लागू की गई हैं। यह स्थिति रात 01:59 बजे, 30 दिसंबर, 2025 से उत्पन्न हुई। दिल्ली में अचानक बढ़े कोहरे ने हवाई यातायात को प्रभावित किया और यात्रियों को आने-जाने में देरी का सामना करना पड़ा। इस कठिन मौसम की स्थिति में विमान चालक पूरी तरह दृश्य पर भरोसा नहीं कर सकते, और उन्हें उड़ान और लैंडिंग के दौरान उपकरणों पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है।

CAT III तकनीक उन परिस्थितियों के लिए विकसित की गई है जहां दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इसका उद्देश्य विमानों को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से उतराना है। यह प्रणाली विशेष प्रकार के विमानों, प्रशिक्षित पायलटों और उपयुक्त रनवे की मांग करती है। दिल्ली एयरपोर्ट में इसके लागू होने के कारण इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइनों ने यात्रियों को संभावित देरी और उड़ानों पर असर के बारे में सूचित किया।
CAT III क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है
CAT III का अर्थ है इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का उच्चतम स्तर। इसे उन परिस्थितियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जब पायलट रनवे को लगभग या बिल्कुल नहीं देख पाते। ऐसे समय में पायलट केवल अपने उपकरणों पर भरोसा करके विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कर सकते हैं। इस प्रणाली के दो प्रमुख घटक होते हैं- डिसीजन हाइट (DH) और रनवे विजुअल रेंज (RVR)।
डिसीजन हाइट वह ऊंचाई होती है जिस पर पायलट तय करता है कि क्या लैंड करना है या गो-अराउंड करना है। CAT III में यह ऊंचाई 100 फीट (30 मीटर) या इससे कम हो सकती है, और कुछ मामलों में ‘नो DH’ भी होता है। RVR दर्शाता है कि पायलट रनवे की सेंटरलाइन पर लगे निशानों या लाइट्स को कितनी दूरी तक देख सकता है।
CAT III की श्रेणियाँ
CAT III को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। उदाहरण के लिए, CAT IIIA उस स्थिति में विमान संचालन की अनुमति देता है जहां डिसीजन हाइट बहुत कम हो। CAT IIIB और CAT IIIC में और भी कठिन परिस्थितियों में संचालन संभव होता है, जहां पायलट को लगभग पूरी तरह उपकरणों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह सुनिश्चित करता है कि घने कोहरे जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी हवाई यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
इस प्रणाली की आवश्यकता तब बढ़ती है जब विजिबिलिटी इतनी कम हो जाती है कि पायलट रनवे को नजर से पहचान नहीं सकते। CAT III लैंडिंग के दौरान, विमान का संचालन पूरी तरह एयर ट्रैफिक कंट्रोल और लैंडिंग सिस्टम की सहायता से होता है। पायलटों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होता है, ताकि वे अत्यधिक कम विजिबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित कर सकें।
घने कोहरे में उड़ानों पर प्रभाव
दिल्ली की हवा में घने कोहरे की मोटी परत के कारण उड़ानों में देरी और रद्द होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। यात्रियों को फ्लाइट्स की स्थिति की निरंतर जानकारी लेने की सलाह दी गई। एयरलाइनों ने यात्रियों को संभावित देरी के बारे में सूचित किया और उन्हें आवश्यक तैयारी करने को कहा।
घने कोहरे में उड़ानों को नियंत्रित करने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा CAT III लैंडिंग नियमों का पालन अनिवार्य होता है। यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी स्थिति में विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर सके। हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ समय की देरी हो सकती है, जिससे यात्रियों के यात्रा समय पर असर पड़ता है।
CAT III प्रणाली की तकनीकी विशेषताएँ
CAT III प्रणाली में डिसीजन हाइट और रनवे विजुअल रेंज के अलावा कई तकनीकी उपकरण शामिल होते हैं। इनमें ऑटोमेटेड लैंडिंग सिस्टम, रनवे लाइट्स, पायलट के लिए विशेष इंस्ट्रूमेंटेशन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़े उच्च स्तरीय कम्युनिकेशन उपकरण शामिल हैं।
पायलट इस प्रणाली का उपयोग करते हुए केवल उपकरणों की सहायता से विमान को रनवे तक मार्गदर्शित करते हैं। CAT III तकनीक इस बात को सुनिश्चित करती है कि भले ही दृश्यता बेहद कम हो, विमान सुरक्षित रूप से उतर सके।
यात्रियों के लिए सुझाव
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी लगातार लेते रहें। कोहरे की वजह से फ्लाइट्स में देरी, रद्दीकरण या समय परिवर्तन सामान्य हैं। एयरलाइनों द्वारा जारी सूचना और अपडेट पर ध्यान देना आवश्यक है।
इसके अलावा, यात्रियों को हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुंचने और सुरक्षा प्रक्रियाओं के लिए अतिरिक्त समय देने की सलाह दी जाती है। CAT III प्रक्रियाओं के चलते विमान सुरक्षित रूप से उतर रहे हैं, लेकिन यात्रा में थोड़ा समय अतिरिक्त लग सकता है।
