सीरिया एक लंबे और विनाशकारी गृहयुद्ध के बाद अब धीरे-धीरे खुद को नए सिरे से गढ़ने की कोशिश कर रहा है। वर्षों तक हिंसा, अस्थिरता और आर्थिक तबाही झेलने वाले इस देश ने नए साल की शुरुआत एक ऐसे फैसले से की है, जो केवल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी देता है। देश की नई सरकार ने पुराने बैंकनोटों को हटाकर नए डिजाइन वाली मुद्रा जारी की है, जिन पर अब किसी शासक की तस्वीर नहीं बल्कि गुलाब, संतरा, गेहूं, जैतून और कपास जैसे राष्ट्रीय कृषि प्रतीक दिखाई देंगे। यह कदम सीरिया के इतिहास में एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

असद के बाद का सीरिया और सत्ता परिवर्तन
सीरिया में पिछले वर्ष सत्ता परिवर्तन हुआ, जब लंबे समय तक देश पर शासन करने वाले बशर अल-असद का तख्तापलट हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी अहमद अल-शरा ने संभाली। सत्ता संभालते ही नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी युद्ध से तबाह हो चुकी अर्थव्यवस्था को संभालना और जनता का भरोसा दोबारा हासिल करना। इसी दिशा में उठाया गया यह कदम, जिसमें पुराने नोटों से असद और उनके परिवार की तस्वीरों को पूरी तरह हटा दिया गया।
नई सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि देश अब व्यक्तिपूजा, दमन और पुराने संघर्षों के दौर से बाहर निकलकर एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है।
नए साल पर नई करेंसी का आगमन
नए साल के मौके पर राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने आधिकारिक रूप से नए डिजाइन वाले बैंकनोट जारी किए। ये नोट पुराने उन नोटों की जगह लेंगे, जिन पर वर्षों से असद परिवार की तस्वीरें छपी हुई थीं। नई मुद्रा 1 जनवरी से बाजार में चलन में आनी शुरू हो गई है।
इन नोटों का उद्देश्य केवल लेन-देन को आसान बनाना नहीं है, बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक बदलाव का भी संकेत है। सरकार चाहती है कि लोग हर दिन जब इन नोटों को देखें, तो उन्हें पुराने दौर की याद न आए, बल्कि भविष्य की उम्मीद दिखाई दे।
क्यों बदली गई सीरिया की करेंसी
सीरिया का गृहयुद्ध कई वर्षों तक चला और इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। उद्योग, कृषि, व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी सब कुछ प्रभावित हुआ। युद्ध के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और राजनीतिक अलगाव ने हालात को और बिगाड़ दिया।
नतीजा यह हुआ कि सीरियाई पाउंड की कीमत तेजी से गिरती चली गई। जहां कभी एक डॉलर के मुकाबले पाउंड की कीमत करीब 50 थी, वहीं अब यह गिरकर लगभग 11,000 तक पहुंच चुकी है। हालात ऐसे बन गए कि लोगों को छोटी-सी चीज खरीदने के लिए भी नोटों के मोटे बंडल साथ लेकर चलने पड़ते थे।
सरकार ने माना कि इस स्थिति में मुद्रा पर लोगों का भरोसा लगभग खत्म हो चुका है और लोग डॉलर जैसी विदेशी मुद्रा की ओर झुकने लगे हैं। इसी भरोसे को वापस लाने के लिए करेंसी में बदलाव जरूरी समझा गया।
रीडिनॉमिनेशन: दो शून्य हटाने का फैसला
नई सरकार ने सीरियाई पाउंड से दो शून्य हटाने का फैसला किया है, जिसे रीडिनॉमिनेशन कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि पुराने नोटों की तुलना में नए नोटों में मूल्य की गणना आसान हो जाएगी।
उदाहरण के तौर पर, यदि पहले किसी वस्तु की कीमत 10,000 पाउंड थी, तो शून्य हटने के बाद वही कीमत 100 पाउंड दिखाई देगी। इससे वस्तु की असली कीमत या लोगों की क्रय शक्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन हिसाब-किताब सरल हो जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे लेन-देन आसान होगा, बाजार में भ्रम कम होगा और मुद्रा के प्रति विश्वास धीरे-धीरे बढ़ेगा।
नए नोटों का डिजाइन और प्रतीकात्मकता
सीरिया की नई करेंसी का सबसे बड़ा बदलाव इसका डिजाइन है। इन नोटों पर अब किसी नेता, राष्ट्रपति या राजनीतिक व्यक्ति की तस्वीर नहीं है। इसके बजाय देश की प्राकृतिक और कृषि पहचान को प्रमुखता दी गई है।
10 सीरियाई पाउंड के नोट पर गुलाब की तस्वीर है, जो सौंदर्य और उम्मीद का प्रतीक माना जाता है। 50 पाउंड पर संतरे को दर्शाया गया है, जो सीरिया की प्रसिद्ध कृषि उपज में शामिल है। 25 पाउंड पर जैतून, 100 पाउंड पर कपास का फूल, 200 पाउंड पर आम और 500 पाउंड पर गेहूं की तस्वीर लगाई गई है।
ये सभी फसलें सीरिया की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान से जुड़ी हुई हैं। सरकार का कहना है कि यह डिजाइन देश की असली ताकत, यानी उसकी जमीन और मेहनतकश लोगों को सम्मान देता है।
नई राष्ट्रीय पहचान की कोशिश
राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने नए नोट जारी करते समय कहा कि यह मुद्रा एक ऐसे पुराने दौर के अंत का प्रतीक है, जिसे लोग याद नहीं करना चाहते। उनके मुताबिक यह बदलाव एक नई शुरुआत का संकेत है, जिसमें देश का फोकस विकास, स्थिरता और पुनर्निर्माण पर होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नई करेंसी का डिजाइन व्यक्तियों की पूजा से दूरी बनाने और सामूहिक राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने का प्रयास है। यह संदेश दिया गया है कि अब देश किसी एक व्यक्ति या परिवार के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि अपने नागरिकों और संसाधनों के बल पर आगे बढ़ेगा।
महंगाई और आम लोगों की परेशानी
गृहयुद्ध के दौरान और उसके बाद महंगाई ने आम सीरियाई नागरिक की कमर तोड़ दी। रोजमर्रा की चीजें जैसे रोटी, दूध, सब्जियां और ईंधन बेहद महंगे हो गए। लोगों की आमदनी घटती चली गई, जबकि खर्च कई गुना बढ़ गया।
इस स्थिति में बड़े मूल्य वाले नोटों का चलन आम हो गया, जिससे लेन-देन जटिल और असुविधाजनक बन गया। नई करेंसी और शून्य हटाने के फैसले से सरकार उम्मीद कर रही है कि आम लोगों की जिंदगी थोड़ी आसान होगी।
डॉलराइजेशन से लड़ने की कोशिश
सीरिया में हाल के वर्षों में डॉलर का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग अपनी बचत और लेन-देन के लिए विदेशी मुद्रा को ज्यादा सुरक्षित मानने लगे हैं। राष्ट्रपति शरा ने खुद कहा कि जब किसी को छोटी चीज खरीदने के लिए भी बैग भरकर नोट ले जाने पड़ते हैं, तो लोग स्वाभाविक रूप से डॉलर की ओर झुकते हैं।
सरकार का मानना है कि नई करेंसी से घरेलू मुद्रा मजबूत होगी और लोग फिर से सीरियाई पाउंड पर भरोसा करना शुरू करेंगे।
नोट कहां छपेंगे, रहस्य बरकरार
पुराने सीरियाई बैंकनोट रूस में छपते थे, जो असद सरकार का प्रमुख समर्थक रहा है। हालांकि नई सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि नए नोट कहां छपवाए जा रहे हैं।
जब इस बारे में केंद्रीय बैंक प्रमुख अब्दुल कादिर अल-हसरिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। इसे नई सरकार की बदली हुई विदेश नीति और रणनीतिक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
भविष्य की राह और चुनौतियां
नई करेंसी जारी करना सीरिया के पुनर्निर्माण की दिशा में एक अहम कदम है, लेकिन चुनौतियां अब भी कम नहीं हैं। युद्ध से तबाह बुनियादी ढांचा, बेरोजगारी, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और राजनीतिक अस्थिरता अभी भी बड़ी समस्याएं हैं।
इसके बावजूद, नई सरकार यह संकेत देना चाहती है कि देश अब अतीत के बोझ से बाहर निकलकर भविष्य की ओर देख रहा है। गुलाब और संतरे वाले नोट केवल कागज के टुकड़े नहीं, बल्कि एक नए सीरिया की उम्मीद का प्रतीक हैं।
