मध्य प्रदेश सरकार के तत्वावधान में आयोजित मप्र स्टार्टअप समिट-इकोसिस्टम अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन 11 और 12 जनवरी को भोपाल के रवींद्र भवन में किया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य में युवा उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रहा है, जहां वे अपने नवाचार और व्यावसायिक विचारों को प्रदर्शित कर सकते हैं।

इस समिट में 300 से अधिक युवा अपने आइडिया और स्टार्टअप मॉडल को एक्सपर्ट जूरी और उद्योग विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करेंगे। एमएसएमई विभाग ने इस कार्यक्रम को न केवल प्रस्तुति का अवसर बल्कि संभावित फंडिंग और मार्गदर्शन प्राप्त करने का भी प्लेटफॉर्म बनाया है।
मध्य प्रदेश में स्टार्टअप्स का परिदृश्य
पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश में स्टार्टअप्स का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ। हालांकि, 2025 में राज्य में 180 से अधिक स्टार्टअप बंद हो गए थे। इसके पीछे कई कारण थे, जिनमें फंडिंग की कमी, बाजार तक पहुँच की कठिनाई और प्रबंधन संबंधी चुनौतियाँ शामिल थीं। इसके बावजूद, सरकार और विभिन्न उद्योग सहयोगियों ने युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल शुरू की हैं।
एमएसएमई विभाग का कहना है कि इस समिट का मुख्य उद्देश्य यह है कि युवा अपने आइडिया को सही मंच पर पेश करें और उन्हें व्यावसायिक मार्गदर्शन के साथ-साथ निवेशकों से सीधे संवाद करने का अवसर मिले।
कार्यक्रम का स्वरूप और मुख्य आकर्षण
मप्र स्टार्टअप समिट 2026 दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन का मुख्य आकर्षण युवा उद्यमियों के प्रजेंटेशन होंगे। इसके अलावा, उद्योग विशेषज्ञ और अनुभवी उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
दूसरे दिन, इकोसिस्टम अवॉर्ड्स का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सबसे सफल और नवोन्मेषी स्टार्टअप्स को सम्मानित किया जाएगा। यह अवॉर्ड्स न केवल मान्यता का प्रतीक हैं, बल्कि यह निवेशकों और साझेदारों के लिए भी मार्गदर्शन का काम करेंगे।
समिट के दौरान विभिन्न वर्कशॉप्स और पैनल डिस्कशन भी होंगे, जो स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी और नेटवर्किंग का अवसर प्रदान करेंगे।
युवा उद्यमियों के लिए अवसर
यह कार्यक्रम युवा उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर है। यहां वे अपने आइडिया को पेश करने के साथ-साथ संभावित निवेशकों से भी संवाद कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि कई प्रोजेक्ट्स को इस समिट के दौरान फंडिंग भी मिलने की संभावना है।
समिट का उद्देश्य यह भी है कि युवा उद्यमियों को व्यावसायिक सोच, प्रबंधन कौशल और तकनीकी ज्ञान के प्रति जागरूक किया जाए। इस मंच से नए उद्यमियों को यह अनुभव मिलेगा कि किस प्रकार अपने आइडिया को बाजार में सफल बनाया जा सकता है।
सरकार और एमएसएमई का योगदान
मध्य प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। एमएसएमई विभाग ने स्टार्टअप्स के लिए विशेष मार्गदर्शन, फंडिंग अवसर और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है।
सरकार का कहना है कि युवा उद्यमिता राज्य की अर्थव्यवस्था में नई जान डाल सकती है और रोजगार सृजन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस समिट का आयोजन इस दृष्टि से किया गया है कि युवा अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें और उन्हें वास्तविक बाजार में सफलता पाने का अवसर मिले।
भविष्य की संभावनाएं
इस समिट के बाद कई स्टार्टअप्स को फंडिंग मिलने की संभावना है, जिससे उन्हें अपने आइडिया को व्यावहारिक रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। यह राज्य के लिए आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा।
सफल स्टार्टअप्स न केवल युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा स्रोत होंगे, बल्कि यह राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार में भी योगदान देंगे।
