जब हम अल्बर्ट आइंस्टाइन के नाम को सुनते हैं, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में विज्ञान, सापेक्षता का सिद्धांत और ब्रह्मांड के रहस्य खुलने की तस्वीर आती है। लेकिन आइंस्टाइन सिर्फ एक महान वैज्ञानिक नहीं थे, बल्कि उनके निजी जीवन में भी उतना ही रोमांचक और दिलचस्प था। इतिहासकारों और जीवनीकारों ने उनके निजी जीवन के कई पहलुओं को दर्ज किया है, जिनमें उनके प्रेम संबंध, शादी और महिलाओं के प्रति आकर्षण शामिल हैं। आइंस्टाइन का दिलफेंक स्वभाव और रोमांटिक प्रवृत्ति उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।

पहला प्यार: मिलेवा मारिक
आइंस्टाइन की प्रेम कहानी की शुरुआत तब हुई जब वह 17 साल के थे। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में स्विस फेडरल पॉलिटेक्निक स्कूल में पढ़ाई के लिए आने के दौरान उनकी मुलाकात मिलेवा मारिक से हुई। मिलेवा सर्बियाई मूल की बुद्धिमान और स्वतंत्र विचारों वाली युवती थी, जो उनके कक्षा में अकेली लड़की थी। आइंस्टाइन उनके आकर्षण में तुरंत फंस गए। मिलेवा उनसे तीन साल बड़ी थीं, लेकिन यह उम्र का अंतर उनके प्रेम में बाधा नहीं बना। दोनों के बीच शुरू में दोस्ती हुई, जो जल्द ही गहरे प्यार में बदल गई।
शादी और वैवाहिक जीवन की शुरुआत
मिलेवा और आइंस्टाइन के बीच गहरा लगाव था। हालांकि उनके माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन उन्होंने अपनी भावना को नहीं रोका और 1903 में शादी कर ली। इस शादी से पहले ही उनकी पहली बेटी लिसेर्ल का जन्म हुआ, जो दुर्भाग्य से बाद में अजीब परिस्थितियों में चल बसी। शादी के बाद उनके दो बेटे हुए – हंस अल्बर्ट (1904) और एडुआर्ड (1910)। शुरुआती वर्षों में वैवाहिक जीवन सुखद रहा, लेकिन धीरे-धीरे विवाद और खटपट शुरू हो गई।
मिलेवा का योगदान और तलाक
मिलेवा ने आइंस्टाइन के वैज्ञानिक कामों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। कई इतिहासकारों का मानना है कि आइंस्टाइन की शुरुआती पहचान में मिलेवा की बुद्धिमत्ता और मेहनत का योगदान अद्वितीय था। हालांकि, आइंस्टाइन का ध्यान धीरे-धीरे उनके वैज्ञानिक शोधों पर केंद्रित हो गया और मिलेवा घर और बच्चों में उलझ गईं। 1914 में दोनों अलग हो गए और 1919 में तलाक हो गया। तलाक के बाद मिलेवा आर्थिक और मानसिक संकट में रह गईं। उनके बेटे एडुआर्ड को सिज़ोफ्रेनिया हुआ, जिससे उनका जीवन और कठिन हो गया।
दूसरी शादी: चचेरी बहन एल्सा लोवेन्थल
इस तलाक के बाद आइंस्टाइन की मुलाकात उनकी चचेरी बहन एल्सा से हुई, जो उनसे तीन साल बड़ी थीं। एल्सा स्नेही, पारंपरिक और देखभाल करने वाली महिला थीं। 1921 में आइंस्टाइन ने उनसे शादी कर ली। इस शादी से उन्हें कोई संतान नहीं हुई। हालांकि, आइंस्टाइन का स्वतंत्र स्वभाव और महिलाओं के प्रति आकर्षण इस रिश्ते में भी बाधक रहा। एल्सा ने आइंस्टाइन के बाहरी रिश्तों के प्रति चुपचाप सहनशीलता दिखाई।
आइंस्टाइन के अन्य प्रेम संबंध
आइंस्टाइन का दिलफेंक स्वभाव उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा था। उनकी कई महिलाओं के साथ प्रेम और भावनात्मक संबंध रहे। इनमें एथेल मिकनोव्स्की, जो मेडिकल छात्रा थीं, और मार्गरेट लेबैक, रूसी मूल की महिला, शामिल थीं। इन रिश्तों के दौरान आइंस्टाइन ने खुले मन से अपनी भावनाओं को स्वीकार किया।
सोवियत जासूस के साथ हनीट्रैप
आइंस्टाइन के जीवन का एक रहस्यमय और चर्चित पहलू था, जब उन्होंने कथित रूप से सोवियत जासूस मार्गरेटा कोनेंकोवा के हनीट्रैप में फंसे। मार्गरेटा, जो एक सोशलाइट और मूर्तिकार की पत्नी थीं, NKVD की एजेंट मानी जाती थीं। उनकी सुंदरता और बुद्धिमत्ता ने आइंस्टाइन को आकर्षित किया। दोनों के बीच पत्राचार और मुलाकातें शुरू हुईं, जो रोमांटिक रिश्ते में बदल गई। इतिहासकारों का मानना है कि मार्गरेटा ने आइंस्टाइन से वैज्ञानिक जानकारी हासिल करने की कोशिश की।
तीसरे अफेयर: आधी उम्र की सेक्रेटरी
एल्सा की मृत्यु के बाद आइंस्टाइन की निजी जिंदगी में कई महिलाएं आईं, जिनके साथ उन्होंने रोमांटिक या भावनात्मक संबंध बनाए। इनमें उनकी सेक्रेटरी बेटी न्यूमैने के साथ संबंध शामिल हैं। यह अफेयर 1923-24 के आसपास हुआ, जब आइंस्टाइन 44 साल के थे और बेटी 23 साल की थीं। आइंस्टाइन ने कल्पना की कि वे तीनों एक घर में रह सकते हैं, लेकिन बेटी ने इसे ठुकरा दिया। यह अफेयर 1-2 साल चला और इसके बाद खत्म हो गया।
निजी जीवन का संयोजन
आइंस्टाइन की सचिव हेलेन डुकास और सौतेली बेटी मार्गोट ने उनके निजी जीवन की देखभाल की। हेलेन 1928 से उनकी मौत तक उनकी सेक्रेटरी और हाउसकीपर रहीं। यह व्यवस्था उन्हें परिवार जैसा माहौल प्रदान करती थी, जिससे उन्होंने तीसरी शादी की जरूरत महसूस नहीं की।
आइंस्टाइन का निजी जीवन उनके वैज्ञानिक योगदान के समान ही रोमांचक और जटिल था। उनके पत्र, जीवनी और ऐतिहासिक दस्तावेज़ यह दिखाते हैं कि वे एक समय में एक से अधिक भावनात्मक और रोमांटिक रिश्तों में सहज रहते थे।
