रानी मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म मर्दानी 3 का ट्रेलर सामने आते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता का माहौल बन गया है। शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में रानी मुखर्जी एक बार फिर दमदार अवतार में नजर आ रही हैं, लेकिन इस बार जिस किरदार ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है फिल्म की विलेन अम्मा। ट्रेलर में अम्मा की मौजूदगी ने कहानी को और ज्यादा भयावह और गंभीर बना दिया है। उसकी आंखों में छिपी क्रूरता और शांत चेहरे के पीछे की हिंसा दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है।

30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म
मर्दानी 3 पहले फरवरी 2026 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट बदलते हुए 30 जनवरी तय कर दी है। फिल्म की कहानी एक बार फिर बच्चियों की गुमशुदगी और उनके संगठित अपहरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को केंद्र में रखती है। इस बार अपराध की जड़ें और ज्यादा गहरी हैं और उसके पीछे खड़ी है अम्मा नाम की खौफनाक महिला, जिसे मल्लिका प्रसाद ने पर्दे पर जिया है।
कौन है अम्मा और क्यों है इतनी खतरनाक
ट्रेलर में अम्मा सिर्फ एक अपराधी नहीं बल्कि एक पूरी सोच, एक मानसिकता के रूप में सामने आती है। वह बच्चियों के अपहरण का संगठित रैकेट चलाती है और कानून से एक कदम आगे सोचने वाली विलेन के रूप में दिखाई देती है। उसकी भाषा, उसकी चाल और उसकी आंखों की ठंडक दर्शकों को मजबूर कर देती है कि वे यह जानने की कोशिश करें कि आखिर यह कलाकार है कौन, जिसने इतनी सहजता से डर को पर्दे पर उतार दिया।
मल्लिका प्रसाद का शुरुआती जीवन
मर्दानी 3 की अम्मा का असली नाम मल्लिका प्रसाद है। उनका जन्म बेंगलुरू में हुआ था। कला और अभिव्यक्ति की ओर उनका रुझान बचपन से ही रहा। पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर और अभिनय में उनकी रुचि साफ दिखाई देने लगी थी। उन्होंने अपनी शिक्षा को कभी अभिनय से अलग नहीं रखा, बल्कि दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ीं।
लंदन से दिल्ली तक का अभिनय सफर
मल्लिका प्रसाद ने लंदन यूनिवर्सिटी के गोल्डस्मिथ्स कॉलेज से मास्टर्स की पढ़ाई की। यहां उन्होंने अभिनय और थिएटर की बारीकियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझा। इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा जॉइन किया, जहां से उन्होंने एक्टिंग में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा किया। एनएसडी में बिताया गया समय उनके करियर की नींव साबित हुआ, जहां उन्होंने अभिनय को केवल पेशा नहीं बल्कि जिम्मेदारी के रूप में देखना सीखा।
सिनेमा में पहला कदम
मल्लिका प्रसाद ने साल 1999 में कन्नड़ फिल्म कनूरु हेगदिति से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। यह फिल्म उनके लिए पहचान का पहला दरवाजा बनी। इसके बाद 2001 में वह गुप्तगामिनी में लीड रोल में नजर आईं। इस फिल्म ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा में मजबूत पहचान दिलाई और दर्शकों के बीच उनका नाम स्थापित हो गया।
कन्नड़ सिनेमा में खास मुकाम
मल्लिका प्रसाद कन्नड़ दर्शकों के बीच एक जाना-पहचाना नाम रही हैं। उन्होंने वहां कई फिल्मों में काम किया और हर किरदार में अलग रंग दिखाया। उनके अभिनय की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वह किरदार को निभाती नहीं बल्कि जीती नजर आती हैं। चाहे संवेदनशील भूमिका हो या सशक्त महिला का किरदार, मल्लिका हर रूप में प्रभाव छोड़ती हैं।
ओटीटी और हिंदी सिनेमा में मौजूदगी
मल्लिका प्रसाद सिर्फ क्षेत्रीय सिनेमा तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कोंकणा सेन और मनोज बाजपेयी की चर्चित सीरीज द किलर सूप में उनका अभिनय सराहा गया। इसके अलावा वह अनुराग कश्यप की फिल्म ऑलमोस्ट प्यार में भी नजर आ चुकी हैं, जहां उनके किरदार ने सीमित स्क्रीन टाइम में भी असर छोड़ा।
निर्देशक और शिक्षक के रूप में पहचान
मल्लिका प्रसाद सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं बल्कि एक निर्देशक और शिक्षक भी हैं। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ थिएटर आर्टिस्ट के रूप में भी लंबा समय बिताया है। अभिनय सिखाना और नई पीढ़ी को तैयार करना उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। यही कारण है कि उनके अभिनय में गहराई और अनुशासन साफ नजर आता है।
शॉर्ट फिल्म और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
मल्लिका प्रसाद ने फॉर माय एला नाम की एक शॉर्ट फिल्म का निर्देशन भी किया है। यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई और उन्हें सुंदरबन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और लॉस एंजिल्स इंडी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड से नवाजा गया। यह उपलब्धि बताती है कि उनका टैलेंट सीमाओं का मोहताज नहीं है।
मर्दानी 3 में अम्मा का प्रभाव
मर्दानी फ्रेंचाइजी हमेशा से मजबूत महिला किरदारों और सामाजिक मुद्दों के लिए जानी जाती रही है। इस बार अम्मा के रूप में एक ऐसी महिला विलेन सामने आई है, जो न सिर्फ खलनायिका है बल्कि पूरे अपराध तंत्र की धुरी है। मल्लिका प्रसाद ने इस भूमिका को इतनी सच्चाई से निभाया है कि ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों के मन में डर और जिज्ञासा दोनों पैदा हो जाती हैं।
रानी मुखर्जी और अम्मा का टकराव
मर्दानी 3 की सबसे बड़ी खासियत रानी मुखर्जी और मल्लिका प्रसाद के बीच का टकराव है। एक तरफ कानून की नुमाइंदा शिवानी शिवाजी रॉय हैं और दूसरी तरफ कानून को चुनौती देती अम्मा। यह टकराव सिर्फ ताकत का नहीं बल्कि सोच और नैतिकता का भी है, जो फिल्म को और ज्यादा प्रभावशाली बनाता है।
दर्शकों में बढ़ती उत्सुकता
ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर अम्मा को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। लोग गूगल पर मल्लिका प्रसाद के बारे में जानने लगे और उनके पुराने कामों को खोजने लगे। यह किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, जब एक किरदार दर्शकों को कलाकार के पूरे सफर के बारे में जानने को मजबूर कर दे।
मर्दानी 3 से बदलेगा करियर ग्राफ
मर्दानी 3 मल्लिका प्रसाद के करियर का एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। अम्मा का किरदार उन्हें हिंदी सिनेमा के बड़े खलनायकों की सूची में खड़ा कर सकता है। जिस तरह से उन्होंने इस भूमिका को निभाया है, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में उन्हें और भी चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिल सकती हैं।
एक कलाकार, कई पहचानें
मल्लिका प्रसाद की सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुआयामी पहचान है। वह एक्ट्रेस हैं, डायरेक्टर हैं, टीचर हैं और थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। यही विविधता उनके अभिनय में भी दिखाई देती है। मर्दानी 3 की अम्मा सिर्फ एक विलेन नहीं बल्कि मल्लिका के अनुभव और मेहनत का नतीजा है।
