बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री सेलिना जेटली एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी फिल्म या ग्लैमर के कारण नहीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी में आए गहरे तूफान की वजह से। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक लंबे और भावनात्मक पोस्ट में अपनी शादी, मातृत्व, कानूनी संघर्ष और मानसिक पीड़ा की कहानी बयां की है। सेलिना के मुताबिक, जिस दिन उनकी शादी की 15वीं वर्षगांठ थी, उसी दिन उन्हें अपने पति से तलाक के कागजात मिले। यह पल उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं था, क्योंकि यह वही दिन था जिसे वह रिश्ते की मजबूती और साथ की यादों के रूप में देखती थीं।

सेलिना ने लिखा कि एक ही क्षण में उनकी पूरी दुनिया उनसे छीन ली गई। यह बयान केवल एक टूटे रिश्ते की पीड़ा नहीं, बल्कि एक मां के उस दर्द को भी दर्शाता है, जो अपने बच्चों से दूर किए जाने के अनुभव से गुजर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट में छलका दर्द
13 जनवरी को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में सेलिना जेटली ने बेहद विस्तार से अपने जीवन में चल रही उथल-पुथल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें अपने बच्चों से अलग कर दिया गया और किस तरह उन्हें अपनी सुरक्षा और गरिमा के लिए ऑस्ट्रिया छोड़कर भारत आना पड़ा। यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि इसके साथ ही वह अपने बच्चों से शारीरिक रूप से दूर हो गईं।
सेलिना के शब्दों में, यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें उन्हें अपनी गरिमा, अपने दिवंगत भाई की यादों और अपने बच्चों के भविष्य के बीच कठिन संतुलन बनाना पड़ा। उन्होंने लिखा कि उन्होंने यह कदम किसी आवेग में नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे कथित शोषण और दुर्व्यवहार से बचने के लिए उठाया।
रात एक बजे देश छोड़ने की मजबूरी
सेलिना जेटली ने अपने पोस्ट में उस रात का भी जिक्र किया, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उनके अनुसार, 11 अक्टूबर 2025 की रात करीब एक बजे वह पड़ोसियों की मदद से ऑस्ट्रिया छोड़ने पर मजबूर हुईं। यह फैसला अचानक नहीं था, बल्कि लगातार तनाव, डर और असुरक्षा की भावना के बीच लिया गया था।
उन्होंने बताया कि वह किसी भी तरह के कथित शोषण और मानसिक दबाव से मुक्त होना चाहती थीं। इसी कारण उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया। लेकिन इस कदम की सबसे बड़ी कीमत उन्हें अपने बच्चों से दूर होकर चुकानी पड़ी, जो उनके लिए सबसे बड़ा आघात था।
बच्चों से दूरी और कानूनी लड़ाई
सेलिना जेटली का सबसे बड़ा दर्द अपने बच्चों से दूरी को लेकर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑस्ट्रिया की फैमिली कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें अपने तीनों बच्चों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि बच्चों को उनसे मिलने से बार-बार रोका गया, उन्हें डराया गया और उनके खिलाफ बातें कहलवाई गईं।
एक मां के तौर पर यह अनुभव उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने लिखा कि उन्हें रातों-रात अपने मातृत्व और गार्जियन होने के अधिकार को साबित करने की स्थिति में डाल दिया गया, जबकि उन्होंने हमेशा अपने बच्चों की देखभाल और परवरिश की है।
एनिवर्सरी पर मिला तलाक का नोटिस
सेलिना जेटली के पोस्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है, जिसमें उन्होंने अपनी 15वीं वेडिंग एनिवर्सरी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सितंबर की शुरुआत में उनके पति ने उन्हें तलाक का नोटिस दिया। उन्होंने लिखा कि उस दिन उनके पति उन्हें कार में लेकर पास के डाकघर गए थे और कहा था कि वह उनके लिए एनिवर्सरी गिफ्ट लेने जा रहे हैं।
सेलिना के अनुसार, वही गिफ्ट असल में तलाक के कागजात थे। यह पल उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद तोड़ने वाला था। उन्होंने इसे विश्वासघात और मानसिक आघात के रूप में वर्णित किया।
प्रॉपर्टी विवाद और आर्थिक दबाव
सेलिना जेटली ने अपने पोस्ट में आर्थिक और कानूनी संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत में 2004 में खरीदी गई एक प्रॉपर्टी में प्रवेश के लिए भी उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा, क्योंकि उस पर उनके पति अपना अधिकार जता रहे थे। इस कानूनी लड़ाई के लिए उन्हें एक बड़ा लोन तक लेना पड़ा।
उनका कहना है कि यह सब न केवल आर्थिक दबाव का कारण बना, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें कमजोर करने की कोशिश थी। उन्होंने साफ किया कि वह किसी टकराव की बजाय शांति से अलग होना चाहती थीं, लेकिन उनके सामने ऐसी शर्तें रखी गईं, जो उनकी स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को खत्म करने वाली थीं।
डोमेस्टिक वायलेंस का केस और एलिमनी की मांग
सेलिना जेटली ने पति पीटर के खिलाफ डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके साथ घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न हुआ। इसके साथ ही उन्होंने एलिमनी के रूप में 50 करोड़ रुपये की मांग भी की है। उनका कहना है कि यह राशि केवल गुजारे के लिए नहीं, बल्कि हुए नुकसान की भरपाई के लिए है।
यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया में है और आने वाले समय में इस पर कई अहम फैसले सामने आ सकते हैं।
शादी, परिवार और खोया हुआ सुख
सेलिना जेटली ने 2011 में ऑस्ट्रिया के बिजनेसमैन और होटल व्यापारी पीटर से शादी की थी। यह शादी एक अंतरराष्ट्रीय और खुशहाल रिश्ते के रूप में देखी जाती थी। दोनों के तीन बेटे हैं। 2012 में उनके जुड़वा बेटे विंस्टन और विराज का जन्म हुआ, जबकि 2017 में तीसरे बेटे ऑर्थर ने जन्म लिया।
हालांकि, उनके परिवार ने एक गहरा दुख भी देखा। उनका एक और बेटा शमशेर था, जिसका दिल की बीमारी के कारण पहले ही निधन हो चुका है। इस व्यक्तिगत त्रासदी ने भी सेलिना के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।
शांति से अलग होने की चाह
सेलिना जेटली का कहना है कि वह हमेशा से चाहती थीं कि अगर यह रिश्ता नहीं चल पा रहा, तो इसे सम्मान और शांति के साथ समाप्त किया जाए। उनके लिए बच्चों का भविष्य सबसे अहम था। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनती चली गईं, जिनमें उन्हें अपने अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए लड़ना पड़ा।
उन्होंने लिखा कि उनका उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि अपनी सच्चाई सामने रखना है, ताकि उनकी आवाज सुनी जा सके।
एक महिला, एक मां और एक इंसान की लड़ाई
सेलिना जेटली की कहानी केवल एक सेलेब्रिटी के तलाक की कहानी नहीं है। यह एक महिला की, एक मां की और एक इंसान की उस लड़ाई की कहानी है, जिसमें उसे अपने अधिकारों, अपने बच्चों और अपनी गरिमा के लिए खड़ा होना पड़ा। उनका पोस्ट कई महिलाओं के लिए एक आईना बन गया है, जो निजी जीवन में ऐसे ही संघर्षों से गुजर रही हैं।
उनके शब्दों में जो पीड़ा है, वह यह बताती है कि रिश्तों का टूटना केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी गहरे घाव छोड़ जाता है।
