राजधानी भोपाल के नगरीय क्षेत्र में आम नागरिकों के बीच भय और दहशत फैलाने वाले अड़ीबाज और रंगदारी प्रवृत्ति के बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। थाना अयोध्यानगर क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जो खुलेआम रौब जमाकर मारपीट और पैसों की जबरन वसूली कर रहे थे।

यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भोपाल पुलिस की यह पहल उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत शहर में गुंडा तत्वों, आदतन अपराधियों और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश में चला अभियान
भोपाल में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आम नागरिकों के साथ मारपीट, अड़ीबाजी और रंगदारी करने वालों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। इन निर्देशों के अनुपालन में पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह के नेतृत्व में पूरे जोन में निगरानी बढ़ाई गई है।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी. नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने न केवल त्वरित कार्रवाई की, बल्कि पूरे मामले की गहन जांच भी की।
घटना की पृष्ठभूमि और पूरा घटनाक्रम
दिनांक 13 जनवरी 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे मिनाल गेट क्रमांक 02 के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ युवकों ने शराब पीने के लिए पैसों की मांग को लेकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने खुलेआम रौब दिखाते हुए पीड़ित से बीस हजार रुपये की मांग की और विरोध करने पर उसके साथ हिंसा की।
पीड़ित आशीष उर्फ अक्की शर्मा के साथ हुई इस घटना ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया। सूचना मिलते ही थाना अयोध्यानगर पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि पुलिस ने इसे सामान्य विवाद न मानकर गंभीर अपराध के रूप में लिया।
त्वरित जांच और गिरफ्तारी की रणनीति
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना अयोध्यानगर पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की, स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला गया। लगातार प्रयासों और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरुण भरदेले और उसके साथी अनिल साहू को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को विधिवत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित को न्याय मिला, बल्कि इलाके में पुलिस की सक्रियता और तत्परता का संदेश भी गया।
आदतन अपराधी अरुण भरदेले का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी अरुण भरदेले, उम्र 25 वर्ष, अयोध्यानगर भोपाल का निवासी है और पेशे से ऑटो चालक है। शिक्षा की बात करें तो वह केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है, लेकिन उसका आपराधिक रिकॉर्ड लंबा और गंभीर है। उसके खिलाफ मारपीट, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट और गंभीर हिंसक धाराओं के अंतर्गत कई प्रकरण दर्ज हैं।

वर्ष 2019 से लेकर 2026 तक अरुण भरदेले लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है। उसके खिलाफ पिपलानी और अयोध्यानगर थानों में दर्ज प्रकरण यह दर्शाते हैं कि वह कानून को चुनौती देने वाला आदतन अपराधी है। हालिया मामला भी इसी आपराधिक प्रवृत्ति की कड़ी है, जिसमें उसने शराब पीने के लिए पैसों की अड़ीबाजी करते हुए मारपीट की।
सहआरोपी अनिल साहू की भूमिका
दूसरा आरोपी अनिल साहू, उम्र 27 वर्ष, छोला मंदिर क्षेत्र का निवासी है और बाजार में सब्जी की दुकान लगाता है। उसकी शिक्षा भी पांचवीं कक्षा तक सीमित है। अनिल साहू के खिलाफ भी पूर्व में मारपीट, धमकी, जुआ एक्ट और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

हालांकि उसका आपराधिक रिकॉर्ड अरुण भरदेले जितना लंबा नहीं है, लेकिन हालिया घटना में उसकी सक्रिय भूमिका ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों की संगठित रूप से रंगदारी और अड़ीबाजी करने की प्रवृत्ति रही है।
पुलिस टीम की भूमिका और सराहनीय कार्य
इस पूरे अभियान में थाना अयोध्यानगर पुलिस टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुदील देशमुख और अन्य पुलिसकर्मियों ने लगातार निगरानी, सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया कि आरोपी कानून के शिकंजे से बच न सकें।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि भोपाल पुलिस केवल अपराध दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध की जड़ तक जाकर उसे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। आम नागरिकों में विश्वास कायम करना और अपराधियों में कानून का डर पैदा करना इस कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य रहा।
आम जनता के लिए संदेश
अयोध्यानगर की यह घटना और उस पर की गई पुलिस कार्रवाई यह संदेश देती है कि सार्वजनिक स्थानों पर रौबदारी, रंगदारी और हिंसा को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई harigeet pravaah जैसे मंचों के माध्यम से समाज तक पहुंचना भी आवश्यक है, ताकि आम लोग जागरूक हों और अपराध के खिलाफ एकजुट होकर पुलिस का सहयोग करें।
