दुनिया के नक्शे पर अक्सर अपनी रणनीतिक स्थिति और इस्लामिक राजनीति के लिए सुर्खियों में रहने वाला देश तुर्किए (Turkey) आज एक और कारण से वैश्विक चर्चा में है — प्राकृतिक गैस की अब तक की सबसे बड़ी खोज। इस खोज ने न केवल तुर्किए को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा दिया है, बल्कि इसे आर्थिक और भू-राजनीतिक दोनों ही स्तरों पर एक नया आयाम दे दिया है।
तुर्किए के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री अलपर्सलान बायरकतर (Alparslan Bayraktar) ने हाल ही में संसद की ऊर्जा समिति के सामने घोषणा की कि देश ने 92.4 अरब घन मीटर (Billion Cubic Meter) प्राकृतिक गैस की खोज की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य के अनुसार अनुमानित कीमत लगभग 37 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 3.08 लाख करोड़ रुपये) है।

यह खोज तुर्किए के लिए किसी क्रांति से कम नहीं है — क्योंकि लंबे समय से देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस, अज़रबैजान और ईरान जैसे देशों पर निर्भर रहा है। लेकिन अब एर्दोगन सरकार का सपना है — “ऊर्जा में आत्मनिर्भर तुर्किए”।
खोज कहाँ और कैसे हुई?
ऊर्जा मंत्री बायरकतर ने जानकारी दी कि इस गैस का बड़ा हिस्सा गोकटेपे-3 (Goktepe-3) नामक कुएं से मई 2025 में प्राप्त हुआ था। गोकटेपे-3, तुर्किए के काला सागर (Black Sea) क्षेत्र के पास स्थित है, जहाँ पहले भी साकार्या गैस फील्ड (Sakarya Gas Field) में कई छोटे पैमाने की खोजें हुई थीं।
मंत्री के अनुसार, सरकार ने 2026 तक कुल 300 ड्रिलिंग ऑपरेशन पूरे करने का लक्ष्य रखा है — जिनमें 282 स्थल आधारित (Onshore) और 18 समुद्री (Offshore) होंगे।
वर्तमान में तुर्किए प्रतिदिन करीब 1.8 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है। इस उत्पादन को बढ़ाकर अब 81,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा दिया गया है, जो पहले 57,000 बैरल था। यह वृद्धि Mount Gabar क्षेत्र में तेल उत्पादन के विस्तार से संभव हुई है।
तुर्किए की ऊर्जा रणनीति: अब खुद के दम पर उत्पादन
तुर्किए ने पिछले एक दशक में अपने ऊर्जा क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से लैस किया है। अब देश के पास 6 ड्रिलिंग शिप्स और 2 सिस्मिक सर्वे जहाज़ हैं — जो समुद्र की गहराइयों में खुदाई कर प्राकृतिक संसाधनों की खोज कर सकते हैं।
पहले तुर्किए विदेशी कंपनियों पर निर्भर था, लेकिन अब वह अपने जहाज़ों से खुद अन्वेषण करने में सक्षम है। यही कारण है कि देश का ऊर्जा बिल तेजी से घट रहा है और हर साल करीब 2 अरब डॉलर का व्यापार घाटा कम हुआ है।
2026 तक उत्पादन में तेजी का लक्ष्य
सरकार ने घोषणा की है कि Osman Gazi नामक नया फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म साकार्या फील्ड में 2026 तक चालू हो जाएगा। इसके माध्यम से 20 मिलियन क्यूबिक मीटर/दिन गैस उत्पादन शुरू किया जाएगा, जिसे 2028 तक बढ़ाकर 45 मिलियन क्यूबिक मीटर/दिन तक करने की योजना है। यह कदम तुर्किए की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को और मजबूती देगा।
वैश्विक असर: पाकिस्तान और अरब देशों के लिए संकेत
तुर्किए लंबे समय से पाकिस्तान का सहयोगी माना जाता है। एर्दोगन और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मजबूत संबंध रहे हैं। ऐसे में यह खोज दोनों देशों के लिए उत्साहजनक है। पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। अगर तुर्किए आने वाले समय में ऊर्जा निर्यातक देश बन जाता है, तो यह पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
दूसरी ओर, यह खोज मध्य पूर्व (Middle East) की ऊर्जा राजनीति को भी प्रभावित करेगी। सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देश तेल-गैस बाजार पर लंबे समय से हावी हैं। अब तुर्किए की एंट्री उस एकाधिकार को चुनौती दे सकती है।
मिस्र में भी गैस खोज – अरब दुनिया में ऊर्जा उछाल
तुर्किए के साथ-साथ मिस्र (Egypt) ने भी हाल में प्राकृतिक गैस के एक नए भंडार की खोज की है। मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, Badr El Din Company ने पश्चिमी रेगिस्तान के Badr-15 क्षेत्र में ऐसा कुआं खोजा है, जिससे 16 मिलियन क्यूबिक फीट गैस और 750 बैरल कंडेनसेट प्रतिदिन उत्पादन संभव है।
इस खोज से मिस्र के राष्ट्रीय भंडार में लगभग 15 बिलियन क्यूबिक फीट की वृद्धि होगी। इससे अरब क्षेत्र में नई ऊर्जा स्पर्धा का दौर शुरू होने की संभावना है।
आर्थिक लाभ और विदेशी निर्भरता में कमी
तुर्किए के पास पहले सीमित ऊर्जा संसाधन थे, जिसके चलते उसे रूस से गैस और कच्चा तेल आयात करना पड़ता था। इससे उसका व्यापार घाटा बढ़ता गया। अब नई गैस खोज से देश को सालाना अरबों डॉलर की बचत होगी।
साथ ही, एर्दोगन सरकार ने घोषणा की है कि 2028 तक देश अपनी घरेलू जरूरतों का 40% हिस्सा खुद उत्पादन से पूरा करेगा। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और तुर्किए की मुद्रा “लिरा” को भी स्थिरता मिलेगी।
भविष्य की योजना: स्वदेशी टेक्नोलॉजी और युवाओं की भूमिका
सरकार ने घोषणा की है कि अब देश में “National Energy Talent Program” शुरू किया जाएगा। इसका मकसद है युवाओं को ऊर्जा अन्वेषण, ड्रिलिंग, सिस्मिक एनालिसिस और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना।
एर्दोगन ने अपने संबोधन में कहा —
“तुर्किए अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक राष्ट्र बनेगा। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए ऊर्जा स्वतंत्रता की नींव रख रहे हैं।”
राजनीतिक अर्थ: एर्दोगन की साख में बढ़ोतरी
यह खोज ऐसे समय में हुई है जब तुर्किए की अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति का दबाव था और विपक्ष सरकार को ऊर्जा कीमतों को लेकर घेर रहा था। इस खोज ने एर्दोगन की लोकप्रियता को पुनर्जीवित कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे तुर्किए आने वाले वर्षों में यूरोप को भी गैस सप्लाई करने की स्थिति में आ सकता है — खासकर तब जब यूरोप रूस की निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है।
निष्कर्ष: नई ऊर्जा शक्ति के रूप में उभरता तुर्किए
तुर्किए की 92.4 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस की खोज केवल एक आर्थिक खबर नहीं, बल्कि एक रणनीतिक मोड़ है। यह तुर्किए को न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उसे नए विश्व ऊर्जा मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
एर्दोगन सरकार ने साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक, दूरदर्शी नीति और राष्ट्रीय संकल्प के साथ कोई भी देश संसाधन संपन्न बन सकता है। आने वाले वर्षों में तुर्किए के इस कदम का असर न केवल मध्य पूर्व, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी गहराई से महसूस किया जाएगा।
