चीन के रक्षा मंत्रालय और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में भ्रष्टाचार को लेकर लंबे समय से चल रही जांच ने अब शीर्ष स्तर तक पहुंच बना ली है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों के तहत सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी, जनरल झांग यूक्सिया को पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई केवल एक व्यक्तिगत बर्खास्तगी नहीं है, बल्कि चीन की सेना और कम्युनिस्ट पार्टी में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की पृष्ठभूमि
शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार विरोधी अभियान शुरू किया। इसके तहत पीएलए और पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई जारी है। हाल के महीनों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया या जेल भेजा गया। भ्रष्टाचार और अनुशासन उल्लंघन के मामलों की जांच चीन की केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के तहत की जा रही है।
जनरल झांग यूक्सिया की स्थिति और बर्खास्तगी
जनरल झांग यूक्सिया चीन के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों में से एक हैं। वे CMC के उपाध्यक्ष भी हैं, जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी सेना की सर्वोच्च कमान है। झांग 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के सदस्य भी हैं, जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का सत्तात्मक केंद्र है। उनका पद और अनुभव उन्हें सेना में सबसे शक्तिशाली अधिकारी बनाता है। ऐसे में उनका भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत बर्खास्त होना चीन की सेना और पार्टी में व्यापक हलचल मचा रहा है।
अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जांच
जनरल झांग के साथ सीएमसी के अन्य वरिष्ठ सदस्य, जनरल लियू जेनली, जो ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ भी हैं, को भी जांच के दायरे में लाया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सीपीसी केंद्रीय समिति ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासन और कानून उल्लंघन की जांच शुरू करने का निर्णय लिया।
जिनपिंग की कार्रवाई से सेना और पार्टी में हलचल
शी जिनपिंग की यह कार्रवाई केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती नहीं दिखाती, बल्कि यह संकेत देती है कि वह सेना और पार्टी में किसी भी स्तर पर अनुशासन उल्लंघन और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सर्वोच्च सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई ने चीनी सैन्य प्रतिष्ठान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों में चर्चा को जन्म दिया है।
सेना और राजनीतिक प्रभाव
जनरल झांग की बर्खास्तगी से चीन की पीएलए में एक बड़ा संदेश गया है कि भ्रष्टाचार या अनुशासन उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी बर्खास्तगी से सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और अधिकारियों में सतर्कता बढ़ी है। यह कार्रवाई न केवल चीन के भीतर बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी चीन की सैन्य शक्ति और नेतृत्व पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण है।
