जब भी कोई भारतीय नागरिक सऊदी अरब की यात्रा करता है या वहां से भारत लौटने की तैयारी करता है, तो मन में कई सवाल उठते हैं। इनमें सबसे आम सवाल यही होता है कि आखिर सऊदी अरब से कितना सोना भारत लाया जा सकता है। खाड़ी देशों में सोना अपेक्षाकृत सस्ता होने के कारण यह विषय हमेशा चर्चा में रहता है। कई लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों या फिर निवेश के उद्देश्य से सोने की खरीदारी करते हैं, लेकिन अगर नियमों की जानकारी न हो, तो यही सोना परेशानी की वजह बन सकता है।

आज के दौर में सोशल मीडिया पर सऊदी अरब से जुड़े नियमों और वहां की खासियतों को लेकर कई तरह की जानकारियां वायरल होती रहती हैं। कोई वहां के सख्त कानूनों की बात करता है, तो कोई वहां मिलने वाले सस्ते इलेक्ट्रॉनिक सामान और सोने की चर्चा करता है। लेकिन सच्चाई यह है कि हर देश से कीमती सामान लाने के लिए कुछ तय नियम होते हैं, जिनका पालन करना हर यात्री के लिए जरूरी होता है।
विदेश यात्रा और तोहफों की परंपरा
विदेश यात्रा से लौटते समय अपने साथ कुछ न कुछ खास लाने की परंपरा लगभग हर भारतीय परिवार में देखने को मिलती है। कोई चॉकलेट लाता है, कोई परफ्यूम, तो कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट। लेकिन जब बात सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश की होती है, तो वहां से सोना या आईफोन लाने की चर्चा सबसे ज्यादा होती है। इसकी वजह साफ है कि वहां इन चीजों की कीमतें भारत की तुलना में कम होती हैं।
हालांकि, कम कीमत का मतलब यह नहीं कि आप मनचाही मात्रा में सोना खरीदकर भारत ले आएं। भारतीय कस्टम कानून इस मामले में काफी स्पष्ट हैं और इनका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना, जब्ती या कानूनी कार्रवाई तक हो सकती है।
सऊदी अरब में सोना और उसकी लोकप्रियता
सऊदी अरब को दुनिया के प्रमुख सोना बाजारों में गिना जाता है। यहां सोने की शुद्धता, डिजाइन और कीमत तीनों ही कारणों से भारतीय यात्रियों को आकर्षित करती है। मक्का, मदीना, जेद्दा और रियाद जैसे शहरों में सोने की बड़ी-बड़ी मार्केट हैं, जहां भारतीय कारीगरों के बनाए गहनों की भी अच्छी-खासी उपलब्धता होती है।
यही वजह है कि सऊदी अरब में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासी जब भारत लौटते हैं, तो अपने साथ सोने के गहने या सिक्के जरूर लाना चाहते हैं। लेकिन यहां से शुरू होती है नियमों की कहानी, जिसे जानना हर यात्री के लिए बेहद जरूरी है।
सऊदी अरब से भारत कितना सोना ला सकते हैं
भारतीय कस्टम नियमों के अनुसार, सऊदी अरब या किसी भी खाड़ी देश से भारत आने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सोने की एक तय सीमा निर्धारित की गई है। यह सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि यात्री कितने समय बाद भारत लौट रहा है और वह पुरुष है या महिला।
अगर कोई भारतीय नागरिक कम से कम छह महीने से विदेश में रहकर भारत लौट रहा है, तो उसे सीमित मात्रा में सोना बिना किसी कस्टम शुल्क के लाने की अनुमति होती है। पुरुष यात्रियों के लिए यह सीमा 20 ग्राम सोने तक तय की गई है, जिसकी अधिकतम कीमत 50,000 रुपये तक हो सकती है। वहीं महिला यात्रियों के लिए यह सीमा 40 ग्राम तक रखी गई है, जिसकी अधिकतम कीमत 1,00,000 रुपये तक हो सकती है।
यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाए जा रहे गहनों पर यात्रियों को अनावश्यक शुल्क न देना पड़े, लेकिन इसका दुरुपयोग भी न हो।
सीमा से अधिक सोना लाने पर क्या होता है
अगर कोई यात्री तय सीमा से अधिक सोना लाता है, तो उसे एयरपोर्ट पर इसकी घोषणा करना अनिवार्य होता है। घोषणा करने के बाद अतिरिक्त सोने पर कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता है। आमतौर पर यह शुल्क लगभग 10 से 11 प्रतिशत के बीच होता है, जो समय-समय पर बदल सकता है।
इसके अलावा एक और अहम नियम यह है कि कुल मिलाकर कोई भी यात्री एक किलोग्राम से अधिक सोना भारत नहीं ला सकता, चाहे वह शुल्क देकर ही क्यों न हो। यह सीमा सुरक्षा और तस्करी रोकने के उद्देश्य से तय की गई है।
घोषणा न करने की भारी कीमत
कई बार यात्री यह सोचकर जोखिम उठा लेते हैं कि थोड़ी मात्रा ज्यादा सोना लाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन यही सोच उन्हें बड़ी परेशानी में डाल सकती है। अगर एयरपोर्ट पर जांच के दौरान अतिरिक्त सोना पकड़ा जाता है और उसकी घोषणा नहीं की गई होती, तो कस्टम विभाग उस सोने को जब्त कर सकता है।
इतना ही नहीं, यात्री पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा यही सलाह देते हैं कि नियमों की जानकारी पहले से रखें और किसी भी कीमती सामान की सही घोषणा करें।
सऊदी अरब में आईफोन सस्ता क्यों है
सोने के साथ-साथ सऊदी अरब से आईफोन लाने की चर्चा भी खूब होती है। इसकी वजह यह है कि सऊदी अरब में इलेक्ट्रॉनिक सामान पर टैक्स और आयात शुल्क बेहद कम है। वहां सरकार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज पर नाममात्र का कर लगाती है, जिससे कीमतें भारत की तुलना में काफी कम हो जाती हैं।
इसके अलावा वहां वैट भी कम है और कई कंपनियां सीधे आयात के जरिए सामान बेचती हैं, जिससे बिचौलियों का खर्च बच जाता है। यही कारण है कि सऊदी अरब से लौटने वाले यात्री अक्सर आईफोन या अन्य महंगे गैजेट अपने साथ लाते हैं।
सऊदी अरब की यात्रा से पहले जरूरी सावधानियां
अगर आप सऊदी अरब की यात्रा की योजना बना रहे हैं या वहां से भारत लौट रहे हैं, तो सिर्फ सोने के नियम ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी बातों की जानकारी भी होना जरूरी है। एयरलाइंस आमतौर पर यात्रियों को दो बैग ले जाने की अनुमति देती हैं, जिनका वजन 23 से 32 किलोग्राम तक हो सकता है। यह सीमा आपकी टिकट क्लास पर निर्भर करती है।
इसके अलावा अगर आप 60,000 सऊदी रियाल से अधिक नकद या कीमती सामान ले जा रहे हैं, तो इसके लिए विशेष अनुमति और घोषणा जरूरी होती है। सऊदी अरब में मादक पदार्थ, हथियार, सूअर का मांस, अश्लील सामग्री और बिना डॉक्टर की पर्ची वाली दवाएं पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
एयरपोर्ट पर चेकिंग और नियमों का पालन
एयरपोर्ट पर सुरक्षा और कस्टम जांच बेहद सख्त होती है। लिक्विड आइटम्स 100 मिलीलीटर से अधिक होने पर हैंड बैगेज में ले जाने की अनुमति नहीं होती। इसी तरह तेज धार वाली वस्तुओं को भी चेक-इन बैगेज में ही रखना होता है।
सोना और अन्य कीमती सामान हमेशा सुरक्षित तरीके से रखें और जरूरत पड़ने पर उसकी खरीद से जुड़े बिल या दस्तावेज अपने पास रखें। इससे कस्टम अधिकारियों को संतुष्ट करना आसान हो जाता है।
नियमों की जानकारी क्यों है जरूरी
आज के समय में अंतरराष्ट्रीय यात्रा जितनी आसान हुई है, उतनी ही जटिल भी हो गई है। हर देश अपने नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाता है। इन नियमों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना होता है।
सऊदी अरब से भारत सोना लाने के नियम भी इसी सोच के तहत बनाए गए हैं। अगर यात्री पहले से इन नियमों की जानकारी रखे, तो उसका सफर न सिर्फ आसान होता है, बल्कि वह किसी भी कानूनी परेशानी से भी बच सकता है।
निष्कर्ष: जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
सऊदी अरब से भारत लौटते समय सोना लाना कई लोगों के लिए एक आम बात है, लेकिन यह तभी सुरक्षित और फायदेमंद है, जब आप नियमों का पालन करें। तय सीमा में सोना लाने पर कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन सीमा पार करने पर घोषणा और शुल्क अनिवार्य हो जाता है।
इसलिए अगली बार जब आप सऊदी अरब से भारत आने की तैयारी करें, तो सिर्फ खरीदारी पर ध्यान न दें, बल्कि कस्टम नियमों को भी अच्छे से समझ लें। यही छोटी-सी सावधानी आपके सफर को यादगार बना सकती है, न कि परेशानी भरा।
