फिल्म इंडस्ट्री हमेशा से ग्लैमर, परफेक्ट रिश्तों और सपनों जैसी शादियों की तस्वीर पेश करती रही है। बड़े-बड़े रिसॉर्ट्स, डिजाइनर कपड़े, कैमरों की चमक और सोशल मीडिया पर वायरल होती तस्वीरें यह आभास देती हैं कि बॉलीवुड की शादियां किसी परीकथा से कम नहीं होतीं। लेकिन जब इसी इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार खुद इन रिश्तों की सच्चाई पर सवाल उठाते हैं, तो यह बयान सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि बहस का विषय बन जाता है।

अभिनेता प्रतीक बब्बर और उनकी पत्नी प्रिया बनर्जी ने हालिया बातचीत में कुछ ऐसा ही कहा है, जिसने बॉलीवुड की शादियों, रिश्तों और नैतिकता पर एक नई बहस छेड़ दी है। प्रिया बनर्जी ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि बॉलीवुड की 90 प्रतिशत शादियां दिखावटी होती हैं। उनका मानना है कि यहां शादी को रिश्ते से ज्यादा एक इमेज मैनेजमेंट टूल बना दिया गया है।
प्रतीक बब्बर का बचपन और रिश्तों का जटिल सच
प्रतीक बब्बर की जिंदगी शुरू से ही भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरी रही है। वह मशहूर अभिनेत्री स्मिता पाटिल और अभिनेता राज बब्बर के बेटे हैं। प्रतीक के जन्म के समय ही उनकी मां स्मिता पाटिल का निधन हो गया था। इसके बाद उनके पिता राज बब्बर अपनी पहली पत्नी के साथ रहने लगे और प्रतीक का पालन-पोषण उनके नाना-नानी ने किया।
इस पारिवारिक परिस्थिति ने प्रतीक की सोच और उनके रिश्तों को गहराई से प्रभावित किया। वह कई बार सार्वजनिक रूप से अपने पिता के साथ रिश्तों में आई दूरी और दर्द के बारे में बात कर चुके हैं। कुछ समय पहले ऐसा लगा था कि पिता-पुत्र के रिश्ते सुधर रहे हैं, लेकिन 2025 में प्रतीक ने अपनी शादी में पिता को आमंत्रित न करने का फैसला किया, जिसने एक बार फिर पुराने घावों को ताजा कर दिया।
शादी में पिता को न बुलाने का फैसला और सोशल मीडिया हमला
जब प्रतीक और प्रिया ने शादी की और उसमें राज बब्बर को आमंत्रित नहीं किया गया, तो सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। लोगों ने सवाल उठाए, आरोप लगाए और तरह-तरह की कहानियां गढ़ीं। यहां तक कि प्रतीक के सौतेले भाई-बहनों ने भी इस फैसले पर अपनी राय रखी।
हालांकि, प्रतीक ने साफ शब्दों में कहा कि लोगों को सच्चाई नहीं पता। उन्होंने संकेत दिया कि इस कहानी के कई ऐसे पहलू हैं, जो सिर्फ कुछ लोग जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन यह सच्चाई किसी न किसी रूप में सामने आएगी, चाहे वह किताब हो, इंटरव्यू हो या फिल्म।
प्रिया बनर्जी का स्पष्ट नजरिया: ट्रोल्स से नहीं पड़ता फर्क
प्रिया बनर्जी ने इस पूरे विवाद पर बेहद संतुलित और आत्मविश्वास भरा रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रोलिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके लिए सबसे अहम यह है कि वह और प्रतीक एक टीम की तरह मजबूत बने रहें।
प्रिया के मुताबिक, शादी से ठीक पहले उनकी जिंदगी ने कई परीक्षाएं लीं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों ने यह साबित कर दिया कि उनका रिश्ता सिर्फ भावनाओं पर नहीं, बल्कि समझ और सम्मान पर आधारित है। उनके शब्दों में, वे दोनों निंजा की तरह हर मुश्किल से निकले।
‘बॉलीवुड की 90% शादियां दिखावा हैं’
प्रिया बनर्जी का सबसे विवादित बयान तब आया जब उन्होंने बॉलीवुड शादियों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में ज्यादातर शादियां सिर्फ दिखावे के लिए की जाती हैं। उनका मानना है कि शादी को एक सामाजिक जिम्मेदारी या सच्चे रिश्ते के बजाय पब्लिक इमेज का हिस्सा बना दिया गया है।
प्रतीक ने भी उनकी इस बात से सहमति जताई और कहा कि यह सब साफ दिखाई देता है। उन्होंने मशहूर लेखिका ट्विंकल खन्ना के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने शादीशुदा लोगों के फिजिकल चीटिंग को लेकर टिप्पणी की थी। प्रतीक का कहना था कि जब लोग धोखे को हल्के में लेने लगते हैं, तो रिश्तों की गंभीरता खत्म हो जाती है।
कनाडाई संस्कृति बनाम बॉलीवुड सोच
प्रिया बनर्जी कनाडा में पली-बढ़ी हैं और खुद को कनाडाई मानती हैं। उन्होंने कहा कि वह भारतीय हैं, लेकिन जिस समाज में वह बड़ी हुईं, वहां रिश्तों को लेकर सोच अलग है। उनके अनुसार, कनाडा में लोग पहले अपना करियर बनाते हैं, ईमानदारी से रिश्ते निभाते हैं और जब शादी करते हैं, तो उसे पूरी गंभीरता से लेते हैं।
उन्होंने पुराने जमाने के कुछ कलाकारों के बयानों पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब ऐसे लोग बेवफाई को सामान्य बताते हैं, तो यह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। उनके मुताबिक, अगर किसी को शादी नहीं निभानी है, तो शादी करनी ही नहीं चाहिए।
‘हमारी संस्कृति ज्यादा मजबूत है’
प्रिया का यह बयान कि उनकी संस्कृति बॉलीवुड और भारत से ज्यादा मजबूत है, चर्चा का बड़ा कारण बना। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह भारत की संस्कृति का अपमान नहीं कर रहीं, बल्कि इंडस्ट्री में पनप रही दिखावटी सोच की आलोचना कर रही हैं।
उनका कहना था कि यहां शादी को मजाक बना दिया गया है। लोग एक साथ पत्नी और गर्लफ्रेंड रखने को सामान्य मानने लगे हैं, जो किसी भी समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
बेवफाई को लेकर प्रतीक बब्बर का कड़ा रुख
प्रतीक बब्बर ने भी इस मुद्दे पर बेहद सख्त राय रखी। उन्होंने कहा कि आजकल बेवफाई एक फैशन बन गई है। एक से ज्यादा पार्टनर रखना, धोखा देना और इसे आधुनिक सोच बताना गलत है।
उनके अनुसार, रिश्ते सम्मान और ईमानदारी पर टिके होते हैं। अगर ये दोनों चीजें नहीं हैं, तो कोई भी रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सकता।
पति-पत्नी एक टीम की तरह
इस पूरी बातचीत में सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि प्रतीक और प्रिया ने खुद को एक टीम बताया। उन्होंने कहा कि जिन चुनौतियों से वे गुजरे, उसने उनके रिश्ते को और मजबूत किया।
उनके अनुसार, शादी सिर्फ दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि एक साझा सफर है, जिसमें एक-दूसरे को समझना सबसे जरूरी है।
करियर और निजी जिंदगी का संतुलन
फिलहाल प्रतीक और प्रिया अपने म्यूजिक वीडियो ‘इश्क फकीर’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। प्रतीक ने 2008 में ‘जाने तू या जाने ना’ से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में उन्होंने ‘धोबी घाट’, ‘दम मारो दम’, ‘छिछोरे’, ‘बागी 2’, ‘मुल्क’ और ‘इंडिया लॉकडाउन’ जैसी फिल्मों में काम किया।
उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी है।
रिश्तों पर खुली बात क्यों जरूरी है
प्रतीक और प्रिया के बयान इसलिए अहम हैं क्योंकि वे उस दुनिया की सच्चाई सामने लाते हैं, जिसे आमतौर पर चमक-दमक के पीछे छिपा दिया जाता है। उनका मानना है कि अगर रिश्तों पर ईमानदारी से बात की जाए, तो शायद समाज में बदलाव आए।
