मध्यप्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर इस बार इंदौर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं है। परीक्षा की शुचिता, सुरक्षा और समयबद्ध संचालन को लेकर प्रशासन ने पहले से कहीं अधिक कड़े इंतजाम किए हैं। जिले भर में कुल 138 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों विद्यार्थी अपनी बोर्ड परीक्षा देंगे। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सामग्री वितरण और सुरक्षा व्यवस्था को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है।

परीक्षा तिथियां तय, 10वीं और 12वीं के लिए अलग-अलग शेड्यूल
इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू हो रही है, जबकि 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 13 फरवरी से प्रारंभ होंगी। दोनों ही परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। प्रशासन का प्रयास है कि सभी केंद्रों पर परीक्षा एक समान और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बदली गई रणनीति
पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक और नकल की घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नया रूप दिया गया है। पहली बार ऐसा किया जा रहा है कि बोर्ड के प्रश्नपत्र सीधे पुलिस थानों में जमा कराए जाएंगे। परीक्षा के दिन ही इन्हें कड़ी सुरक्षा में संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
थानों से केंद्र तक, हर कदम पर निगरानी
प्रश्नपत्रों को थानों से निकालने के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। सुरक्षा गार्ड्स और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही प्रश्नपत्र केंद्रों तक पहुंचेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनधिकृत पहुंच की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
टाइम टेबल में बदलाव से छात्रों को राहत और चिंता दोनों
बोर्ड परीक्षा के बीच में कुछ विषयों की तिथियों में संशोधन किया गया है। इस बदलाव का सीधा असर हजारों छात्रों पर पड़ा है। 10वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा अब फरवरी के बजाय मार्च में आयोजित की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा में उर्दू और मराठी विषय की परीक्षा 6 मार्च को रखी गई है। 12वीं हिंदी की नई तारीख 7 मार्च तय की गई है। समय वही रहेगा, यानी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक।
बदले हुए शेड्यूल की सूचना पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइम टेबल की जानकारी हर छात्र और उसके अभिभावक तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। किसी भी छात्र को पुरानी तारीखों के भ्रम में परीक्षा छूटने जैसी स्थिति न बने, इसके लिए शिक्षकों को व्यक्तिगत स्तर पर भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मालवा कन्या विद्यालय बना समन्वय का केंद्र
इंदौर में बोर्ड परीक्षा सामग्री वितरण की जिम्मेदारी समन्वयक संस्था मालवा कन्या विद्यालय को सौंपी गई है। यहां बीते दिनों से लगातार हलचल बनी हुई है। कलेक्टर द्वारा अधिकृत प्रतिनिधियों की निगरानी में परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से पैक कर विभिन्न केंद्रों तक भेजा जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बराबर ध्यान
इंदौर जिले के महू, देपालपुर और सांवेर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 74 परीक्षा केंद्रों के लिए सामग्री का वितरण पहले चरण में ही कर दिया गया। शेष शहरी केंद्रों के लिए वितरण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि शहरी और ग्रामीण केंद्रों में किसी तरह का भेदभाव न हो।
परिवहन विभाग की विशेष भूमिका
परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए परिवहन विभाग ने विशेष वाहनों की व्यवस्था की है। इन वाहनों की निगरानी भी लगातार की जा रही है। पूरे रूट पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि सामग्री समय पर और सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
अस्थायी व्यवस्थाओं से लेकर स्थायी सुरक्षा तक
मालवा कन्या विद्यालय परिसर में टेंट, तंबू और अन्य आवश्यक अस्थायी व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि सामग्री वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
संवेदनशील केंद्रों पर तकनीक का सहारा
इस बार प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया है। ऐसे केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए सीधी निगरानी की जाएगी। लाइव फीड के माध्यम से कंट्रोल रूम में गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
नकल रोकने के लिए सख्त संदेश
प्रशासन और शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह संदेश छात्रों के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन और परीक्षा केंद्र कर्मचारियों तक भी पहुंचाया गया है।
छात्रों के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से अहम परीक्षा
10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा छात्रों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन का प्रयास है कि परीक्षा का माहौल तनावमुक्त रहे। कड़ी सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों को सहज वातावरण देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
अभिभावकों की भूमिका भी अहम
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे संशोधित परीक्षा तिथियों की जानकारी स्वयं भी जांच लें और बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए प्रेरित करें। यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी छात्र परीक्षा से वंचित न रह जाए।
परीक्षा संचालन में पारदर्शिता का दावा
प्रशासन का कहना है कि इस बार बोर्ड परीक्षा के हर चरण में पारदर्शिता रखी जा रही है। सामग्री वितरण से लेकर प्रश्नपत्र खोलने और परीक्षा संपन्न होने तक हर प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
निष्कर्ष
इंदौर में एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं इस बार बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की जा रही हैं। 138 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली इन परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों को थानों में रखे जाने का निर्णय प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। बदला हुआ टाइम टेबल, तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता यह संकेत देती है कि इस बार परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की पूरी कोशिश की गई है।
