पटना की राजनीतिक गलियों में शुक्रवार रात एक नया विवाद उभर आया जब सांसद पप्पू यादव को उनके अपने घर पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला उस समय और गरमा गया जब पप्पू यादव ने एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ तीखा बयान दिया। उनका बयान, जिसमें उन्होंने “सम्राट बाबू… खोदा पहाड़ निकली चुहिया… एक चींटी तो आपसे पकड़ाता नहीं है” जैसी चर्चित पंक्तियाँ कही, मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया।

पप्पू यादव, पिछले एक महीने से पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड पर अपनी आलोचनाओं के लिए चर्चा में थे। शुक्रवार की शाम वे शानदार सफारी शूट में पटना एयरपोर्ट पहुंचे, जहाँ मीडिया ने उन्हें घेरा। उन्होंने सीधे-सीधे सम्राट चौधरी का नाम लेकर सवाल उठाए कि क्यों नहीं किया गया न्याय, और किन मामलों में कार्रवाई हुई या नहीं हुई। यह बयान जैसे ही मीडिया पर आया, यह खबर बन गई और देशभर के न्यूज़ चैनलों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स में हेडलाइन बन गई।
इसके कुछ देर बाद पप्पू यादव अपने मंदिरी वाले घर पहुंचे, जहाँ बाहर उनके समर्थकों का जमावड़ा था। उन्होंने चाय-पानी किया और आराम कर रहे थे कि तभी आधा दर्जन पुलिसकर्मी वारंट लेकर उनके घर पहुँच गए। इस टीम का नेतृत्व सीटी एसपी भानु प्रताप सिंह कर रहे थे, जो अपने कड़क मिजाज के लिए जाने जाते हैं।
पुलिस ने बताया कि पप्पू यादव का 1995 का एक मामला था, जिसमें बेल टूटी हुई थी। पप्पू यादव ने पुलिस से कहा कि वे शनिवार को कोर्ट में हाजिर हो जाएंगे, लेकिन पुलिस ने किसी तरह की ढील नहीं दी। इसके बाद ढाई घंटे की नोकझोंक के बाद पप्पू यादव को पुलिस के साथ चलने के लिए राजी होना पड़ा। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें आधी रात में आईजीआईएमएस में मेडिकल कराया गया और फिर सुबह में पीएमसीएच ले जाया गया।
पप्पू यादव के बयान में उन्होंने सम्राट चौधरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई मामले, जिनमें बाढ़ पूर्व विधायक के बेटे के स्कैंडल और रुपेश के मर्डर जैसे मामले शामिल हैं, पर न्याय नहीं हुआ। उनका कहना था कि अगर सम्राट चौधरी में हिम्मत है तो इन मामलों में न्याय करवाएं। उन्होंने इसे एक तरह की चुनौती के रूप में पेश किया और मीडिया के सामने अपने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया।
यह घटना बिहार की राजनीति में नई हलचल मचाने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरफ्तारी और बयान दोनों ही मीडिया और जनता के बीच बहस का विषय बन सकते हैं। यह देखने वाली बात होगी कि पप्पू यादव के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और उनके बयान का राजनीतिक असर क्या पड़ता है।
पटना में पप्पू यादव की गिरफ्तारी, उनके बयान और पुलिस कार्रवाई ने बिहार की राजनीति को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। यह घटना साफ दिखाती है कि राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी कार्रवाई हमेशा आम जनता और मीडिया का ध्यान खींचती है।
