भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस फैसले का स्वागत रियल एस्टेट सेक्टर ने बड़े उत्साह और राहत के साथ किया है। विशेषज्ञों और डेवलपर्स का मानना है कि यह निर्णय न केवल हाउसिंग सेक्टर के लिए संजीवनी का काम करेगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता और मजबूती का संकेत भी देता है। पिछले एक साल में RBI ने रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत तक लाकर ब्याज दरों में उल्लेखनीय कमी की थी, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता का कहना है कि स्थिर रेपो रेट से खरीदारों का आत्मविश्वास बढ़ता है। जब ब्याज दरों में अचानक बदलाव की आशंका नहीं रहती, तो लोग आत्मविश्वास के साथ घर खरीदने का निर्णय लेते हैं। इससे बाजार में स्थिर और टिकाऊ मांग बनी रहती है। निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि स्थिर ब्याज दरें रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनिवार्य हैं और इससे निवेशकों और खरीदारों दोनों को लाभ मिलेगा।
ब्याज दरों की स्थिरता और हाउसिंग मार्केट
स्थिर रेपो रेट से होम लोन की ईएमआई में संतुलन बना रहेगा, जिससे लोग लंबी अवधि की योजना बनाकर निवेश कर सकते हैं। यह खासकर मिडिल क्लास और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए राहत का संदेश है। आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग ने कहा कि पिछले कुछ समय में ब्याज दरों में नरमी आई है, लेकिन उसका पूरा लाभ अभी जमीन पर उतरना बाकी है। रेपो रेट को स्थिर रखने से हाउसिंग डिमांड को संतुलित तरीके से बढ़ावा मिलेगा।
डेवलपर्स और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में स्थिरता का प्रभाव केवल रियल एस्टेट तक सीमित नहीं रहेगा। इस फैसले से कंस्ट्रक्शन, स्टील, सीमेंट और अन्य सहायक उद्योगों को भी सकारात्मक संकेत मिलेगा। विज़न बिज़नेस के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर का सीधा असर रोजगार पर पड़ता है, इसलिए इस निर्णय से रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी।
निवेशकों और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा
श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल का कहना है कि यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संदेश देता है। नीति में स्थिरता से निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों का भरोसा बढ़ता है। रियल एस्टेट जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर के लिए नीति स्थिरता बेहद अहम है। डिलीजेंट बिल्डर्स के सीईओ ले.क. अश्वनी नागपाल (रि) ने भी कहा कि स्थिर ब्याज दरें खरीदारों को लंबी अवधि की योजना बनाने में मदद करेंगी और मार्केट में अनावश्यक उतार-चढ़ाव की आशंका कम होगी।
सारे सेक्टर की तरफ से यह एक संतुलित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है। बाजार में स्थिरता, खरीदारों और निवेशकों का भरोसा, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती सभी मिलकर इस फैसले को एक संजीवनी के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
रेपो रेट स्थिर रखने के व्यापक प्रभाव
इस फैसले का असर केवल रियल एस्टेट पर ही नहीं होगा, बल्कि पूरे आर्थिक चक्र पर दिखाई देगा। जब ब्याज दरें स्थिर रहेंगी, तो उपभोक्ता और निवेशक दोनों ही आर्थिक निर्णय अधिक आत्मविश्वास के साथ लेंगे। होम लोन, कार लोन और बड़े निवेश पर इसका सकारात्मक असर दिखेगा। इसके अलावा, स्थिर ब्याज दरें बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को रोकने और नीति निर्धारकों द्वारा ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाने में मदद करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत बुनियाद और भविष्य में सतत विकास का संकेत देता है। यह निर्णय वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
